पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद पाकिस्तान अलर्ट हो गया है। बंगाल में नए मुख्यमंत्री के शपथग्रहण से पहले पाकिस्तान का एक डेलिगेशन बांग्लादेश आने वाला है। इनमें पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी, उनके साथ खुफिया एजेंसी ISI के कुछ लोग और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी भी शामिल होंगे। बंगाल में नई सरकार के शपथग्रहण से पहले इसे भारत के लिए खतरे की तरह देखा जा रहा है।
यह जानकारी बांग्लादेश के वरिष्ठ पत्रकार सलाहुद्दीन शोएब चौधरी ने दी है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के नेतृत्व में एक डेलिगेशन शुक्रवार (8 मई 2026) को ढाका पहुँच सकता है। बताया जा रहा है कि यह दल बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट से बांग्लादेश पहुँचेगा और इसमें कुल 9 सदस्य शामिल होंगे।
🚨 Shadow Operation Before West Bengal Oath: ISI Delegation and Lashkar Infiltration Plot Alarms Security Agencies
— Salah Uddin Shoaib Choudhury (@salah_shoaib) May 7, 2026
A deeply disturbing security alert has emerged ahead of the May 9 swearing-in ceremony of the Bharatiya Janata Party (BJP) government in West Bengal, which will… pic.twitter.com/Ep7eF6bKxc
इसमें सैयद पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन रजा नकवी, मोहम्मुद अफजल, सुमैर अहमद सैयद, सलमान नसीर, मुहम्मद सलमान लियाकत, मुहम्मद साद बिन उबैद, राणा हुसैन ताहिर, आमिर मीर, बिलाल अफजल का नाम सामने आया है। इसके अलावा उसी फ्लाइट में LeT के आतंकी भी बांग्लादेश आ रहे हैं, जो IED बनाने में एक्सपर्ट हैं।
शोएब चौधरी ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह डेलिगेशन ढाका पहुँचकर जेसोर जिले के बेनापोर तक सड़क के रास्ते से जाएगा। यह इलाका भारत के साथ बॉर्डर साझा करता है। यह देखते हुए चौधरी ने खतरा जताया कि इस डेलिगेशन की आड़ में ISI से जुड़े कुछ ऑपरेटिव्स बांग्लादेश के रास्ते भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर पश्चिम बंगाल तक पहुँचने की कोशिश कर सकते हैं। ये पश्चिम बंगाल सरकार के 9 मई 2026 को शपथ ग्रहण समारोह के दौरान किसी गंभीर वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं।
बांग्लादेश में तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद पाकिस्तान से बढ़ते रिश्ते
बांग्लादेश में तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद भी वे पाकिस्तान के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने के प्रयास कर रहे हैं, ठीक वैसे जैसे इससे पहले यूनुस सरकार ने किया था। इसी के तहत हाल ही में बांग्लादेश ने अपने कई अधिकारियों को पाकिस्तान में मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए भेजा था, जिसका पूरा खर्च पाकिस्तान उठा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में बांग्लादेश के वाणिज्य, गृह और लोक प्रशासन मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों को शामिल किया गया है।
माना जा रहा है कि यह सहयोग दोनों देशों के बीच रणनीतिक और प्रशासनिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा संकेत है। अब पाकिस्तान के गृह मंत्री का प्रस्तावित ढाका दौरा भी इन्हीं बढ़ते रिश्तों की कड़ी माना जा रहा है। फिलहाल भारत या बांग्लादेश की किसी सरकारी एजेंसी की ओर से वायरल दावों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

