तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने विजय जोसेफ और उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतने के बाद विजय राज्य की सत्ता के सबसे बड़े दावेदार बनकर उभरे हैं। लेकिन इसी बीच सोशल मीडिया पर विजय का एक पुराना वीडियो कई सवाल खड़े कर रहा है।
जब रामलीला मैदान में अन्ना हजारे आंदोलन कर रहे थे तब उन्हें समर्थन देने के लिए विजय जोसेफ भी पहुंचे थे
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) May 7, 2026
अन्ना हजारे का यह आंदोलन कांग्रेस के खिलाफ था
और आज विजय जोसेफ कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ गए
🤣🤣🤣😂 pic.twitter.com/3dPrEMiqQt
विजय का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह कॉन्ग्रेस के खिलाफ अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का समर्थन करते दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ रागिनी नायक ने विजय के साथ अपनी पुरानी तस्वीर साझा कर कॉन्ग्रेस और विजय के रिश्तों को पुराना बताने की कोशिश की थी।
✨तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई ✨
— Dr. Ragini Nayak (@NayakRagini) May 7, 2026
जो संघी/भाजपायी विलाप कर रहे हैं कि @INCIndia और @TVKVijayHQ का गठबंधन अचानक कैसे हो सकता है…
वो ये तस्वीर ज़रा ध्यान से देखें
ये 12-13 साल पुरानी फोटो है जिसमें हम @nsui के तत्कालीन राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ @actorvijay कंधे से कंधा… pic.twitter.com/jYDqrLflRr
विजय का 15 साल पुराना वीडियो आया सामने
दरअसल विजय का लगभग 15 साल पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर अचानक वायरल हुआ। यह वीडियो साल 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन के दौरान का बताया जा रहा है, जब देश में तत्कालीन UPA सरकार और कॉन्ग्रेस के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुद्दे पर माहौल बना हुआ था। वीडियो में विजय दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना आंदोलन के मंच पर दिखाई देते हैं।
मंच पर कुमार विश्वास उन्हें अन्ना हजारे से मिलवाते हैं और बाद में विजय अपने संबोधन में अन्ना हजारे की तारीफ करते हुए कहते हैं, “बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के और केवल अपनी कोशिशों से उन्होंने (अन्ना हजारे ने) पूरे देश में समर्थन की लहर जगा दी है और शासन से भ्रष्टाचार को खत्म करने का बीड़ा उठाया है।”
यही वीडियो अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि जो विजय कभी कॉन्ग्रेस सरकार के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के समर्थन में खड़े दिखाई दे रहे थे, आज वही कॉन्ग्रेस उनकी बैसाखी यानी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बन गई है।
सत्ता की राजनीति में बदले समीकरण, कॉन्ग्रेस पर भी उठे सवाल
तमिलनाडु चुनाव परिणाम आने के बाद से कॉन्ग्रेस और TVK की नजदीकियाँ लगातार चर्चा में हैं। विजय की पार्टी 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और उसने कॉन्ग्रेस समेत 112 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। हालाँकि अब तक राज्यपाल की ओर से सरकार बनाने का न्योता नहीं मिलने पर TVK कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
इसी बीच कॉन्ग्रेस के समर्थन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। आलोचकों का कहना है कि कॉन्ग्रेस ने सत्ता के समीकरण साधने के लिए अपने पुराने सहयोगी DMK को पीछे छोड़ दिया और अब विजय के सहारे सत्ता में हिस्सेदारी तलाश रही है।
वहीं दूसरी तरफ विजय को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि क्या उनकी राजनीति भी अब उसी पारंपरिक सत्ता व्यवस्था का हिस्सा बनती जा रही है, जिसके खिलाफ कभी उन्होंने सार्वजनिक रूप से समर्थन जताया था।
वायरल वीडियो और तस्वीरों को जोड़कर कई यूजर्स यह तर्क दे रहे हैं कि विजय की राजनीति में अब वही दल और वही चेहरे शामिल हो रहे हैं, जिनके खिलाफ कभी अन्ना आंदोलन के दौरान भ्रष्टाचार विरोधी माहौल बनाया गया था। ऐसे में विपक्षी खेमे और सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या सत्ता तक पहुँचने की राजनीति ने विजय की पुरानी छवि और उनके सार्वजनिक स्टैंड को बदल दिया है।
फिलहाल तमिलनाडु की राजनीति में विजय का तेजी से बढ़ता प्रभाव और कॉन्ग्रेस के साथ उनकी नजदीकियाँ दोनों ही राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। वहीं वायरल वीडियो ने इस राजनीतिक बहस को और भी तेज कर दिया है।


