NCPI ज्वाइन करने के बाद TMC के बागी 20 सांसदों ने काकोली घोष को चुना अपनी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष: MP ने कहा था- हम सब PM के नेतृत्व में करेंगे काम

ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) से बगावत करने वाले 20 सांसदों ने नई चाल चली है। इन सांसदों ने लोकसभा में पद छिन जाने के डर से नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ विलय कर लिया है। पार्टी ने सांसदों की बगावत का चेहरा बनीं काकली घोष दस्तीदार को अपना अध्यक्ष चुना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, काकोली घोष 31 मई 2026 को ही पार्टी की नई राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गई थीं। लेकिन पार्टी की ओर से सोमवार (15 जून 2026) को आधिकारिक तौर पर बताया गया कि उन्होंने TMC के बागी सांसदों के विलय और काकोली घोष को अध्यक्ष बनाने की जानकारी निर्वाचन आयोग को दे दी है। इससे पहले पार्टी की अध्यक्ष शिवली कुंडू थीं, जिन्होंने 28 मई 2026 को इस्तीफा दे दिया था।

वहीं TMC के बागी 20 सांसदों ने रविवार (14 जून 2026) को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर उन्हें जानकारी दी थी कि उनके पास दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का बहुमत है इसीलिए वे TMC छोड़कर NCPI में शामिल हो रहे हैं ताकि उनकी सदस्यता रद्द न हो। लोकसभा स्पीकर से मिलने के बाद काकोली घोष ने कहा था कि सभी सांसद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काम करेंगे।

हालाँकि, ओम बिरला ने इस विलय को अभी तक मंजूरी नहीं दी है। ऐसा होते ही यह गुमनाम पार्टी NCPI लोकसभा की पाँचवी और NDA में BJP के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी।

NCPI के बारे मे

NCPI को जनवरी 2023 में चुनाव आयोग की ओर मान्यता मिली थी। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में इसका पता पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के सांकराइल का है। यह पार्टी चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड 2000 से अधिक गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) में से एक है।

पार्टी ने 2023 में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में पार्टी ने 4 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार को सिर्फ 536 वोट ही मिले थे।