दिल्ली-NCR में हमलों की बड़ी साजिश नाकाम, ISI से जुड़े 7 आतंकी गिरफ्तार: ड्रग्स-हथियारों की करते थे सप्लाई, पाकिस्तान से शाहजाद भट्टी देता था ऑर्डर

दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने राजधानी में पाकिस्तान के बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। स्पेशल टीम ने मंगलवार (16 जून 2026) को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करने वाले 7 आतंकियों को गिरफ्तार किया है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए सभी 7 आतंकी पाकिस्तानी में बैठे हैंडलर शहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर के निर्देश पर दिल्ली-NCR में बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। इनकों सीमापार से ड्रोन के जरिए पाकिस्तानी हथियार मुहैया कराए जाते थे। समय रहते दिल्ली पुलिस ने कोई बड़ी घटना होने से रोक ली। इसके अलावा पाकिस्तान समर्थित इस नेटवर्क को पाकिस्तान से ड्रग्स भी स्पलाई के लिए मिलते थे।

सात आरोपितों की पहचान

पुलिस जाँच में गिरफ्तार किए गए सातों आरोपितों की पहचान भी सामने आ गई है। इनमें गाजियाबाद के लोनी निवासी 26 वर्षीय अनस उर्फ अनस त्यागी, 26 वर्षीय मोहित उर्फ योगी, टेक्नो सिटी निवासी 38 वर्षीय दीपक उर्फ दीपक अग्रोला, लोनी का रहने वाला 30 वर्षीय आरिफ उर्फ प्रधान, 29 वर्षीय जतन और 30 वर्षीय साबिर शामिल हैं। इनके अलावा पंजाब के फतेहगढ़ साहिब निवासी 26 वर्षीय करणवीर सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।

छापेमारी और गिरफ्तारी अभियान के दौरान पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 5 पिस्टल, 41 जिंदा कारतूस, 1 स्कॉर्पियो, 7 मोबाइल फोन और डिजिटल सबूत बरामद किए हैं।

कैसे हुआ पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क का खुलासा?

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अनस पिछले साल नवंबर से पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर के संपर्क में था। वहीं मोहित भी सीधे अजमल गुज्जर से बात करता था। पुलिस को सबसे पहले मोहित के बारे में इनपुट मिला था, जिसके बाद यमुना विहार स्थित भागीरथ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के पास से उसे गिरफ्तार किया गया।

उसके पास से एक अवैध पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुआ। मोबाइल की जाँच में पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से चैट और वॉयस नोट्स मिलने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आते थे हथियार

जाँच में यह भी पता चला कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब सीमा में हथियार और ड्रग्स की खेप गिराई जाती थी। इसके बाद अनस और करणवीर जैसे सदस्य इन खेपों को रिसीव कर दिल्ली-NCR तक पहुँचाने का काम करते थे।

पुलिस का कहना है कि आरोपितों ने दिल्ली-NCR के कई संवेदनशील स्थानों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और कुछ धार्मिक नेताओं की रेकी भी की थी। इन जगहों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे गए थे, ताकि बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम दिया जा सके।

युवाओं को पैसों का लालच देकर नेटवर्क से जोड़ा

पुलिस जाँच में सामने आया कि सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए युवाओं को पैसे और जल्दी कमाई का लालच देकर इस नेटवर्क से जोड़ा जाता था। इसके बाद उनसे हथियारों की सप्लाई, ड्रग्स तस्करी, रेकी और आतंकी गतिविधियों से जुड़े काम कराए जाते थे।

आरोपितों के इस्तेमाल किए गए कई बैंक खातों की जानकारी भी पुलिस को मिली है, जिनके जरिए हथियार और नशे के कारोबार से मिलने वाली रकम का लेनदेन किया जाता था।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि अगर समय रहते यह कार्रवाई नहीं होती तो दिल्ली_NCR में बड़ी आतंकी घटना हो सकती थी। फिलहाल सभी आरोपितों से पूछताछ जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में कई राज्यों में छापेमारी की जा रही है।