‘जय श्री राम’ के नारों से गूँजा बांग्लादेश, हिंदू संगठनों का ऐलान- देश के सभी 64 जिलों में बनाएँगे राम मंदिर: इस्लामी कट्टरपंथियों ने भगवान के पोस्टर पर मारे थे जूते

बांग्लादेश की राजधानी ढाका शुक्रवार (19 जून) को जय श्री राम के नारों से गूँज उठी। भगवान राम के अपमान के विरुद्ध सैकड़ों की संख्या में सड़क पर उतरकर हिंदुओं ने प्रदर्शन किया। मसाल जुलूस निकालते हुए इस्लामी कट्टरपंथियों पर कार्रवाई के लिए बांग्लादेश की सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। साथ ही कहा है कि देश के सभी 64 जिलों में एक-एक राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा।

प्रदर्शनकारी ढाका के शाहबाग चौराहे पर इकट्ठा हुए थे। वहाँ उन्होंने बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और न्याय की माँग की। हिंदुओं ने सरकार को दोषियों को पकड़ने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो वे रविवार (21 जून) को धार्मिक मामलों के मंत्रालय को ज्ञापन सौंपेंगे।

64 जिलों में आंदोलन की चेतावनी

मशाल जुलूस में शामिल हिंदुओं ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपित गिरफ्तार नहीं हुए, तो आंदोलन पूरे देश में फैलेगा। बांग्लादेश के सभी 64 जिलों में उग्र प्रदर्शन किए जाएँगे। शनिवार (20 जून) को ‘बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद’ ने भी देशव्यापी विरोध का ऐलान किया है। हिंदुओं का कहना है कि वे हर जिले में भगवान राम का मंदिर बनाकर रहेंगे।

जगह-जगह हुआ विरोध प्रदर्शन

शुक्रवार (19 जून) सुबह भी ढाका में अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए। हिंदू महाजोत के दो गुटों ने नेशनल प्रेस क्लब और ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी में कार्यक्रम किए। प्रेस क्लब के सामने एक बड़ा मानव बंधन बनाया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री से मिलने और रैलियाँ निकालने की भी योजना बनाई है। उनकी माँग है कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रंगपुर डिवीजन के गाइबांधा जिले में भगवान राम का मंदिर और 81 फीट ऊँची प्रतिमा बनाई जा रही थी। कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम संगठनों ने इस निर्माण को रुकवा दिया। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान भगवान राम की तस्वीर वाले बैनर पर चप्पलें मारी गईं। इसका Video वायरल हुआ। इस घटना से हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है।