उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में शहजाद नामक एक शख्स ने पूरे परिवार के साथ घर वापसी कर ली है। बेहड़ी गाँव के रहने वाले 40 साल के शहजाद ने अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सनातन धर्म अपनाया और अपना नया नाम ‘शंकर’ रख लिया। उनका कहना है कि उन्होंने यह फैसला अपनी आस्था और विश्वास के आधार पर लिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 21 अप्रैल को हरिद्वार में धर्माचार्य अरुण कृष्ण महाराज की मौजूदगी में शहजाद और उनके परिवार ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ सनातन धर्म स्वीकार किया। गंगा स्नान, हवन-पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के बाद पूरे परिवार का धर्म परिवर्तन कराया गया। इसके बाद परिवार करीब 57 दिनों तक हरिद्वार में रहा।
शुक्रवार (19 जून 2026) को शंकर अपने परिवार के साथ सहारनपुर लौटे, जहाँ ग्रामीणों ने तिलक लगाकर और मालाएँ पहनाकर उनका स्वागत किया। गाँव पहुँचने के बाद वह सबसे पहले भगवान शिव के मंदिर गए और पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनकी पत्नी और बच्चे भी मौजूद रहे।
परिवार के सदस्यों के नाम भी बदल दिए गए हैं। पत्नी रजिया का नाम सावित्री, बेटा रिहान का नाम रुद्र, बेटी मुस्कान का नाम रुक्मिणी और दूसरी बेटी रोजी का नाम दीक्षा रखा गया है।
शंकर का कहना है कि वह पहले से सनातन धर्म में आस्था रखते थे और इस्लाम की कट्टरपंथी सोच से परेशान थे। बकौल शंकर, वह कई बार चोरी-छिपे पूजा-पाठ तथा धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होते थे जिसके चलते मौलाना उनके खिलाफ फतवे जारी कर देते और इससे वह परेशान हो गए थे।
वहीं, धर्माचार्य अरुण कृष्ण महाराज ने इसे परिवार की घर वापसी बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी आस्था के अनुसार यह निर्णय लिया है।

