झारखंड की राजधानी राँची स्थित RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले की जाँच में बड़ा खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में पता चला है कि इस हमले के बाद कानपुर और लखनऊ में भी बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने की तैयारी थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुबई में बैठे तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) से जुड़े आवेश राजपूत उर्फ राणा और शाहनवाज आलम उर्फ भट्ठी ने यह योजना बनाई थी।
आरोपित अमन अंसारी ने पूछताछ में बताया कि हमले के बाद उसे और सैफ अंसारी को कानपुर होते हुए लखनऊ पहुँचने का निर्देश दिया गया था। दोनों बुधवार (17 जून 2026) को ट्रेन से रवाना भी हुए लेकिन राँची पुलिस ने कोडरमा के पास उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
जाँच एजेंसियों को आशंका है कि लखनऊ में दोनों की मुलाकात ISI से जुड़े किसी स्लीपर सेल सदस्य से कराई जानी थी। पूछताछ में ऑपरेशन यूपी और ऑपरेशन पंजाब का भी जिक्र सामने आया है। एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि लखनऊ में आरोपितों को कौन सा बड़ा टास्क दिया जाना था और क्या इसके बाद अयोध्या जाने की भी कोई योजना थी।
जाँच में यह भी सामने आया है कि RSS कार्यालय पर हमले के लिए डेढ़ लाख रुपए की डील तय हुई थी। शुरुआती तौर पर 10 हजार रुपए क्यूआर स्कैनर के जरिए भेजे गए थे।
पाकिस्तानी हैंडलर की मिली जानकारी
सुरक्षा एजेंसियों को अमन और उसके पाकिस्तानी हैंडलर राणा साहब के बीच बातचीत के दो ऑडियो भी मिले हैं, जिनमें भविष्य में बड़े मिशन का जिक्र बताया जा रहा है। फिलहाल ऑडियो की फोरेंसिक जाँच की जा रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियाँ खंगाली जा रही हैं।
पूछताछ में अमन अंसारी ने बताया कि दुबई में नौकरी के दौरान उसकी पहचान कुछ लोगों से हुई थी। भारत लौटने के बाद उससे RSS कार्यालय पर हमला करवाने की साजिश रची गई। 16 जून की रात वह सैफ अंसारी और अपने साथी सायम सुजान के साथ राँची स्थित RSS कार्यालय पहुँचा।
आरोप है कि सैफ ने पेट्रोल बम फेंका जबकि अमन पूरी घटना का वीडियो बना रहा था। पहला बम नहीं फटा तो दुबई में बैठे राणा ने दूसरा बम फेंकने का निर्देश दिया। दूसरा बम फटने के बाद तीनों मौके से फरार हो गए थे।

