राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि, ट्रस्ट ने जारी किया बयान: 11 जुलाई की बैठक में होगा नए पदाधिकारियों की नियुक्ति पर फैसला

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में प्रभु श्री राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद ने अब तक का सबसे बड़ा रूप ले लिया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास (ट्रस्ट) के महामंत्री चंपत राय और न्यासी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। पिछले कई दिनों से चल रही सियासी और धार्मिक बयानबाजी के बीच, ट्रस्ट ने खुद आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इन दोनों बड़े पदाधिकारियों के इस्तीफे प्राप्त होने की पुष्टि की है। शनिवार (27 जून 2026) को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने दोनों के इस्तीफे की पुष्टि की।

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में इस प्रकरण के सामने आने के बाद से ही लगातार सवाल उठ रहे थे। इस घटना पर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने एक प्रेस रिलीज जारी करके राम लल्ला मंदिर से जुड़े हालिया विवाद पर खेद जताया। उन्होंने कहा, *”पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर परिसर में सुनी जा रही अप्रिय और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से पूरा न्यास स्तब्ध, आहत और अत्यंत दुखी है। समस्त रामभक्तों और रामसेवकों के प्रतिनिधि के रूप में निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।”

स्वामी गोविंददेव गिरि ने देश-विदेश में मौजूद लाखों राम भक्तों को भरोसा दिलाते हुए आगे कहा, “भगवान श्री राम की सेवा के लिए भक्तों ने ट्रस्ट के अधिकारियों को जो भी चीजें जैसे चांदी की ईंटें, कीमती गहने या अन्य सामग्री, जो उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सौंपी थीं, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। ट्रस्ट इन चीजों का पूरा और सही रिकॉर्ड रखता है।”

न्यास ने स्पष्ट किया है कि महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्र से त्यागपत्र प्राप्त हो चुका है, जिस पर ट्रस्ट 11 जुलाई 2026 को होने वाली अपनी बैठक में विचार कर अंतिम निर्णय लेगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में ट्रस्ट नए महासचिव की नियुक्ति पर चर्चा कर सकता है और डॉ. अनिल मिश्रा के उत्तराधिकारी को चुनने पर भी विचार किया जा सकता है।