दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में सामने आई अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय खरीद एजेंसी (CPA) के स्टोर्स की जाँच में दवाओं की खरीद, भंडारण और प्रबंधन में गंभीर लापरवाही मिलने के बाद पाँच फार्मासिस्ट और दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मामला दिल्ली सरकार के अस्पतालों के लिए करीब 650 करोड़ रुपए के चिकित्सा उपकरण और स्वास्थ्य सामग्री की खरीद से जुड़ा है। जाँच में टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी, जरूरत से ज्यादा सामान खरीदने, बाजार से महंगी कीमत पर खरीद और कुछ सप्लायर्स को फायदा पहुँचाने जैसे आरोपों की जाँच की जा रही है।
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) कई कर्मचारियों और वेंडरों से पूछताछ कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
इसी बीच मुख्यमंत्री ने कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली के 924 पंजीकृत कोचिंग सेंटरों को एक महीने के भीतर सभी सुरक्षा मानक लागू करने का आदेश दिया गया है।
फायर NOC, सुरक्षा उपकरण और अन्य जरूरी इंतजाम नहीं करने वाले संस्थानों को सील कर दिया जाएगा। सरकार तीन महीने के भीतर इस संबंध में नया कानून भी लाएगी ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

