उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार (28 जून 2026) को हाथरस दौरे पर समाजवादी पार्टी (SP) और पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। खासकर अखिलेश के बयान कि उनकी सरकार आते ही वह अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएँगे को लेकर सीएम योगी ने सपा को आईना दिखाया।
अखिलेश जी,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 28, 2026
आप अयोध्या की चिंता मत करिए, पश्चाताप करिए। एक बार प्रभु श्री रामलला का दर्शन कर लीजिए। कम से कम इसी से सद्बुद्धि आएगी…
आइए, खुलकर बोलिए कि श्री राम जन्मभूमि मुक्ति के आंदोलन की तर्ज पर ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए… pic.twitter.com/eoZEY6ze2P
सीएम योगी ने कहा, “अगर सचमुच खुद को धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हो तो मथुरा… वृंदावन… राम जन्मभूमि पर खुलकर बोल दीजिए। बोलिए न कि रामजन्मभूमि की मुक्ति के आंदोलन के तर्ज पर ही कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का अभियान चलना चाहिए। लेकिन आप में हिम्मत नहीं क्योंकि आपके पास मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकने के सिवाय कोई एजेंडा नहीं जो देश के विकास के लिए हो… मथुरा-वृंदावन और अयोध्या की पहचान के लिए हो… ये धूल झोंकने का काम मत करो। ये खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे की कहावत को चरितार्थ मत करो। अयोध्या अपनी पहचान के लिए आप पर मोहताज नहीं है।”
इसके अलावा सीएम योगी ने सपा की पूर्व सरकार को घेरते हुए कहा कि सपा सरकार ने ही रामभक्तों पर गोलियाँ चलाई थी। सीएम योगी ने सपा को याद दिलाया कि सपा सरकार में थानों में और जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों को रोक दिया था, कावड़ यात्रा को रोक दिया था।
दरअसल, सीएम योगी ने अखिलेश यादव को उनके एक ट्वीट को लेकर आड़े हाथों लिया है। इस ट्वीट में अखिलेश यादव ने कहा था कि अगर यूपी में सपा सरकार बनते ही अयोध्या को धार्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा।

