Australia and Vanuatu have taken our relationship to new heights 🇦🇺🇻🇺
— Anthony Albanese (@AlboMP) June 29, 2026
With the signing of the historic Nakamal Agreement, we’re building a stronger and more secure Pacific.
It’s a win for Australia. A win for Vanuatu. And a win for our region. pic.twitter.com/XtjbIhLbaz
वानुअतू के एयरपोर्ट और पावर ग्रिड जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को किसी भी विदेशी सैन्य हस्तक्षेप या अनधिकृत पहुँच से मुक्त रखा जाएगा। चीन अक्सर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के बहाने छोटे देशों में अपनी दखलअंदाजी बढ़ाने में लगा हुआ है। वह प्रशांत महासागर के छोटे-छोटे द्वीप देशों में अपना नौसैनिक ठिकाना बनाने की कोशिश कर रहा है।
ऑस्ट्रेलिया में वानुअतू के प्रधानमंत्री जोथम नापत के साथ ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बानीज ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज ने कहा, “यह समझौता ऑस्ट्रेलिया को यह आश्वासन देता है कि वानुअतू में कोई भी विदेशी सैन्य अड्डा स्थापित नहीं किया जाएगा।”
प्रधानमंत्री अल्बानीज ने कहा कि दोनों पक्ष सामूहिक सुरक्षा, प्रत्येक राष्ट्र की सुरक्षा के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया और वानुअतू दोनों की संप्रभुता की रक्षा के उद्देश्य से ‘संतुलित समझौते’ पर पहुँचे हैं।
ऑस्ट्रेलिया लगातार इस बात पर चिंता जताता रहा है कि चीन दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में दीर्घकालिक मौजूदगी को बनाए रखने के लिए मिलिट्री बेस बनाने में लगा हुआ है। चीनी नौसेना ने भी बार-बार वानुअतू के बंदरगाहों पर जहाज भेजे हैं।
वानुअतू के प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता बुनियादी ढाँचे के सैन्यीकरण को रोकने के लिए देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में, हमने संसद में एक कानून पारित किया है। इसके तहत किसी भी महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को सैन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।”
एएफपी के अनुसार, इस समझौते का उद्देश्य ‘सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करना और प्रशांत द्वीपीय देशों की संप्रभुता की रक्षा करना’ है
नए समझौते के तहत, ऑस्ट्रेलिया और वानुअतू पुलिस प्रशिक्षण और उपकरण, कानून प्रवर्तन, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, खुफिया जानकारी साझा करने और बुनियादी ढाँचागत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करेंगे।

