पाकिस्तानी आतंकवाद पर मोदी सरकार का अटैक, लश्कर-जैश से जुड़े 23 को आतंकवादी घोषित किया: हाफिज सईद के करीबियों पर भी UAPA का शिकंजा

केंद्र की मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में सक्रिय 23 आतंकियों को UAPA की धारा 35 के तहत आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित कर दिया है।

गृह मंत्रालय ने गजट अधिसूचना जारी कर इन सभी के नाम UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किए हैं। सरकार का कहना है कि ये आतंकी जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों, घुसपैठ, हथियारों की तस्करी, ड्रोन के जरिए हथियार भेजने, युवाओं की भर्ती और आतंकी हमलों की साजिश में शामिल रहे हैं।

अधिसूचना के अनुसार, सूची में शामिल अधिकांश आतंकी जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े हैं। इनमें लश्कर सरगना हाफिज मोहम्मद सईद के करीबी सहयोगी अब्दुल रऊफ, हाफिज खालिद वलीद और राना इफ्तिखार भी शामिल हैं। सरकार के मुताबिक ये आतंकी फंडिंग, आतंकियों के समन्वय और हमलों की योजना बनाने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

सूची में मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसद्दिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, हाफिज अब्दुल शकूर और अब्दुल्ला जेहादी जैसे नाम भी शामिल हैं, जिन्हें 2016 के नगरोटा आर्मी कैंप हमले और 2022 के सुंजवाँ हमले से जुड़ा बताया गया है। वहीं, मोहम्मद शहीद फैसल पर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भर्ती, हथियारों की ट्रेनिंग, फर्जी पहचान और एन्क्रिप्टेड संचार के इस्तेमाल का आरोप है।

गृह मंत्रालय का कहना है कि इन व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किए जाने से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और सख्त होगी तथा सीमा पार संचालित आतंकी नेटवर्क पर प्रभावी शिकंजा कसने में मदद मिलेगी।