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योगी सरकार ने शुरू किया ‘नशा विरोधी अभियान’, UP के सभी कॉलेज-यूनिवर्सिटी में रोज होगी नशे के खिलाफ शपथ: 500 मीटर दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक

यूनिवर्सिटी और कॉलेज के 500 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक रहेगी। छात्रों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम होंगे। इनमें मैराथन, मार्च, भाषण, निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिताएँ शामिल हैं। नुक्कड़ नाटक भी होंगे। अगर किसी छात्र में नशे की आदत के संकेत मिलते हैं तो उसकी पहचान की जाएगी। उसे काउंसलिंग दी जाएगी।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जल्द ही सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में नशे के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। यह अभियान सरकारी और निजी दोनों संस्थानों में चलेगा। हर कार्यदिवस की शुरुआत दो मिनट की नशा विरोधी शपथ से होगी। कैंपस में नियमित जाँच भी की जाएगी।

यूनिवर्सिटी और कॉलेज के 500 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक रहेगी। छात्रों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम होंगे। इनमें मैराथन, मार्च, भाषण, निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिताएँ शामिल हैं। नुक्कड़ नाटक भी होंगे। अगर किसी छात्र में नशे की आदत के संकेत मिलते हैं तो उसकी पहचान की जाएगी। उसे काउंसलिंग दी जाएगी।

यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशा मुक्त भारत के आह्वान को आगे बढ़ाने के लिए शुरू किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य इसे जन आंदोलन बनाना है। इसके साथ ही ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को भी आगे बढ़ाया जाएगा। अभियान की निगरानी के लिए पूरे प्रदेश को 5 जोन में बांटा गया है। हर जोन में एक वरिष्ठ विभागीय अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा।

विधानसभा में हुई बैठक, तैयार हुआ पूरा प्लान

अभियान को लेकर विधानसभा परिसर में अहम बैठक हुई। इसमें प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने की। बैठक में अभियान को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। इसे लगातार चलाने की योजना बनाई गई। साथ ही यह तय किया गया कि अभियान का असर जमीन पर भी दिखना चाहिए।

इसके लिए पूरा एक्शन प्लान तैयार किया गया। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि युवा विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं। युवाओं को नशे से दूर रखना बहुत जरूरी है। इससे प्रदेश और देश का भविष्य मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी और कॉलेज केवल पढ़ाई की जगह नहीं हैं। यहाँ छात्रों को अच्छे संस्कार और अनुशासन भी मिलना चाहिए। इन संस्थानों को राष्ट्र निर्माण की नींव बनाया जाएगा। नशा विरोधी अभियान भी इसी सोच का हिस्सा है।

बैठक में कई विधायक और अधिकारी मौजूद रहे

बैठक में उच्च शिक्षा के प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल मौजूद रहे। विधायक उमेश द्विवेदी भी बैठक में शामिल हुए। बाबूलाल तिवारी, मानवेंद्र सिंह और चंद्र शर्मा भी मौजूद रहे। धर्मेंद्र भारद्वाज, अरुण पाठक और हरि सिंह ढिल्लों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में अवनीश कुमार और प्रदेश महामंत्री संजय राय भी मौजूद रहे।

इसके अलावा उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। सभी ने अभियान को सही तरीके से लागू करने पर जोर दिया। अभियान की लगातार निगरानी की बात भी कही गई।

हर दिन दो मिनट की शपथ, हर हफ्ते 10 मिनट की बात

सभी सरकारी और निजी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में हर कार्यदिवस की शुरुआत से पहले छात्रों को दो मिनट की नशा विरोधी शपथ दिलाई जाएगी। इसका मकसद छात्रों को नशे के नुकसान के बारे में बताना है। साथ ही उन्हें नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाना है। हर शिक्षक सप्ताह में एक कक्षा के आखिरी 10 मिनट नशामुक्त जीवन पर चर्चा के लिए देंगे।

इस दौरान छात्रों से बातचीत की जाएगी। उन्हें नशे से होने वाले नुकसान बताए जाएँगे। उन्हें मोटिवेट भी किया जाएगा। सरकार चाहती है कि नशे के खिलाफ जागरूकता सिर्फ किसी एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित न रहे। यह छात्रों की रोज की पढ़ाई और बातचीत का हिस्सा बने।

मैराथन और नुक्कड़ नाटक से होगा जागरूकता अभियान

नशे के खिलाफ ‘रन फॉर नशा मुक्ति’ कार्यक्रम कराया जाएगा। इसके साथ मैराथन और जागरूकता मार्च भी होंगे। छात्रों के लिए भाषण प्रतियोगिताएँ कराई जाएँगी। निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिताएँ भी होंगी। नाटक और नुक्कड़ नाटक के जरिए नशे के नुकसान समझाए जाएँगे। इन कार्यक्रमों में ज्यादा से ज्यादा छात्रों को जोड़ने की कोशिश होगी। छात्रों में अच्छी सोच और जीवन के अच्छे मूल्यों को बढ़ाने के लिए शैक्षिक भ्रमण भी कराए जाएँगे।

छात्रों को सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्रेरणादायक जगहों पर ले जाया जाएगा। कैंपस और सार्वजनिक जगहों पर होर्डिंग लगाए जाएँगे। दीवारों पर पेंटिंग बनाई जाएगी। सोशल मीडिया पर भी अभियान चलाया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा छात्रों को ‘माई भारत’ पोर्टल से जोड़ने की कोशिश होगी।

5 जोन में होगी निगरानी, प्रिंसिपल की भी जिम्मेदारी

नशा विरोधी अभियान की निगरानी के लिए पूरे उत्तर प्रदेश को 5 जोन में बांटा गया है। हर जोन में एक वरिष्ठ विभागीय अधिकारी नोडल अधिकारी होगा। वह अपने जोन में अभियान की निगरानी करेगा। यूनिवर्सिटी स्तर पर भी वरिष्ठ नोडल अधिकारी होगा। कॉलेज स्तर पर प्रिंसिपल को जिम्मेदारी दी जाएगी।

हर फैकल्टी में भी एक अलग नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। ये अधिकारी अभियान के काम की नियमित जाँच करेंगे। इसका मकसद यह है कि अभियान सिर्फ कागजों पर न चले। कॉलेज और यूनिवर्सिटी में इसका सही तरीके से पालन हो।

कॉलेजों के 500 मीटर तक नशे की बिक्री पर रोक

सरकार ने नशीले पदार्थों की उपलब्धता रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक रहेगी। इसके लिए नियमित जाँच की जाएगी। हॉस्टल की भी जाँच होगी। कैंटीन और पूरे कैंपस की जाँच की जाएगी।

नशीले पदार्थों को कैंपस तक पहुँचने से रोकने पर खास ध्यान दिया जाएगा। ऑनलाइन डिलीवरी और कूरियर के जरिए आने वाले सामान की भी एंट्री गेट पर जाँच होगी। इसका मकसद कैंपस के अंदर नशीली चीजों की पहुँच को रोकना है।

नशे के संकेत मिलने पर छात्र की होगी काउंसलिंग

अगर किसी छात्र में नशे की आदत के संकेत मिलते हैं तो उसकी पहचान की जाएगी। ऐसे छात्र को काउंसलिंग दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर उसके माता-पिता को भी बुलाया जाएगा। माता-पिता के साथ बातचीत की जाएगी। छात्र को नशे की आदत से बाहर निकालने की कोशिश होगी।

सरकार का जोर सिर्फ कार्रवाई करने पर नहीं है। छात्रों को सही रास्ते पर लाना भी इस अभियान का बड़ा हिस्सा है। इस पहल का मकसद छात्रों को स्वस्थ और अच्छा माहौल देना है। युवाओं को पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य, अनुशासन और जिम्मेदारी से जोड़ने की कोशिश होगी।

जल्द आएगी एकीकृत युवा नीति

उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही एक एकीकृत युवा नीति भी लाने जा रही है। इस नीति में युवाओं को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि युवा ही आगे नेतृत्व करेगा। युवा ही नई संभावनाएँ पैदा करेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्किलिंग और रोजगार पर खास ध्यान दिया जाएगा। इन क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए अवसर बनाने की कोशिश होगी।

नशा विरोधी अभियान को भी युवा सशक्तीकरण की इसी सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार चाहती है कि युवा नशे से दूर रहें। वे अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाएँ। देश में भी नशे के खिलाफ अभियान का दायरा बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के आँकड़ों के अनुसार ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ लगातार आगे बढ़ रहा है।

जुलाई 2026 में सरकार ने बताया था कि सामुदायिक भागीदारी और देशभर में चलाए गए जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए यह अभियान 29.32 करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुँच चुका है। सरकार के अनुसार अभियान 7.81 करोड़ से ज्यादा युवाओं और 5.24 करोड़ महिलाओं तक भी पहुँचा है। इसके अलावा 17 लाख शैक्षणिक संस्थानों सहित 23 करोड़ से ज्यादा लोगों तक अभियान की पहुँच बताई गई है।

इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना है। 18 अगस्त 2026 को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ की छठी वर्षगाँठ है। इस मौके पर देशभर में मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ राष्ट्रीय संकल्प कार्यक्रम प्रस्तावित है। सरकार ने इस कार्यक्रम में 12 करोड़ से ज्यादा लोगों के संकल्प लेने की संभावना जताई है।

पीएम मोदी ने शुरू किया ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत की। उन्होंने देशभर में हुई एक बड़ी वीडियो कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस कार्यक्रम से 28 हजार से ज्यादा स्थान जुड़े थे। कार्यक्रम में एक करोड़ से ज्यादा युवा भी जुड़े। पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरा देश एक बड़े संकल्प के लिए एक साथ आया है।

पीएम मोदी ने कहा कि नशामुक्ति सिर्फ एक व्यक्ति की सेहत का मामला नहीं है। इसका असर परिवार पर भी पड़ता है। समाज पर भी असर होता है। इसका असर पूरे देश पर पड़ता है। पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लिए युवाओं का स्वस्थ रहना जरूरी है। युवा शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हों। उनमें आत्मविश्वास हो। वे नशीले पदार्थों जैसी बुरी आदतों से दूर रहें।

काशी से शुरू हुई पहल अब राष्ट्रीय अभियान बनी

पीएम मोदी ने बताया कि इस पहल की शुरुआत पिछले साल काशी से हुई थी। वहाँ इसे एक प्रायोगिक परियोजना के रूप में शुरू किया गया था। काशी घोषणा के तहत 125 से ज्यादा आध्यात्मिक संगठनों और कई गैर सरकारी संगठनों ने इसमें सहयोग किया। अब यह पहल राष्ट्रीय परियोजना बन गई है। प्रधानमंत्री ने नशा विरोधी शपथ लेने वाले लाखों युवाओं की तारीफ की। उन्होंने कहा कि युवाओं ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है।

साथ ही वे स्कूल, कॉलेज और समाज में नशामुक्त जीवन का संदेश भी दे रहे हैं। पीएम मोदी ने 100 सप्ताह के रोडमैप की भी बात की। इसके तहत हर आने वाले रविवार को अलग-अलग गतिविधियाँ होंगी। इनमें कला, संस्कृति, खेल और ध्यान से जुड़े कार्यक्रम शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले 100 रविवार नशामुक्त भारत की दिशा में 100 मजबूत कदम होंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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