Homeराजनीतिगिरफ़्तार हुआ पत्रकारों की पिटाई करने करने वाला कॉन्ग्रेस नेता, फरार होकर भी चला...

गिरफ़्तार हुआ पत्रकारों की पिटाई करने करने वाला कॉन्ग्रेस नेता, फरार होकर भी चला रहा था फेसबुक

आशुतोष ने नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में बुलाए गए बंद के दौरान ये हरकतें की थीं। उपद्रवियों ने पटना में दैनिक जागरण के फोटोग्राफर दिनेश कुमार को पीट-पीटकर जख्मी कर दिया था, जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े थे। फोटोग्राफर मोहन शर्मा, रिपब्लिक टीवी के बिहार के रीजनल एडिटर.....

फरार कॉन्ग्रेस नेता आशुतोष शर्मा को पुलिस ने धर-दबोचा है। शर्मा ने एक पत्रकार के साथ मारपीट की थी। राजद सहित कई विपक्षी दलों ने शनिवार (दिसंबर 21, 2019) को बिहार बंद का आयोजन किया था। उसी समय आशुतोष शर्मा ने एक पत्रकार की पिटाई की थी। उसके बाद से ही वो फरार चल रहा था। हाल ही में उसका पटना के पास एक मंदिर में रुद्राभिषेक करते हुए फोटो वायरल हो गया था, जिसके बाद पुलिस जोर-शोर से उसकी तलाश में जुट गई थी। उसके कई अन्य फोटो भी वायरल हुए थे।

फरारी के दौरान भी उसने अपने फेसबुक पेज पर अपना फोटो पोस्ट किया था। उससे पहले उसने न सिर्फ़ एक पत्रकार की पिटाई की थी बल्कि कई अन्य मीडियाकर्मियों के साथ भी बदतमीजी की थी। उसने कई अख़बारों के पत्रकारों व फोटोग्राफरों की पिटाई की थी।

पत्रकारों के कैमरे व अन्य उपकरणों को भी तोड़ डाला गया था। पत्रकारों के मोबाइलों को भी नहीं बख्शा गया था। एक फोटोग्राफर का सिर फोड़ डाला गया था। आशुतोष पटना जिला ग्रामीण कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष है।

आशुतोष ने नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में बुलाए गए बंद के दौरान ये हरकतें की थीं। उपद्रवियों ने पटना में दैनिक जागरण के फोटोग्राफर दिनेश कुमार को पीट-पीटकर जख्मी कर दिया था, जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े थे। फोटोग्राफर मोहन शर्मा, रिपब्लिक टीवी के बिहार के रीजनल एडिटर प्रकाश सिंह, रिपब्ल्कि भारत के वीडियो जर्नलिस्ट सूरज को भी उपद्रवियों ने निशाना बनाया था। पटना के डाकबंगला चौराहे पर प्रकाश सिंह के साथ बंद समर्थकों ने मारपीट की थी। इसमें भी आशुतोष शर्मा का नाम सामने आया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -