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पाकिस्तान ने प्रोपगेंडा वॉर छेड़ने के लिए ISPR में भर्ती किए 1000 युवा: जिनका काम होगा भारत के ख़िलाफ़ झूठा प्रचार

बुधवार को मेजर जनरल गफूर ने एक ट्रेनर फाइटर प्लेन के मलबे का फोटो पोस्ट किया था, जिसका बालाकोट हमले से कुछ लेना-देना नहीं था। लेकिन फिर भी ट्वीट करते हुए गफूर ने लिखा कि पाकिस्तान ने बालाकोट हमले के दौरान इसे मार गिराया था।

पाकिस्तान में मेजर जनरल आसिफ गफूर के नेतृत्व वाली Inter-Services Public Relations (ISPR) ने भारत के खिलाफ सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने के लिए भारी संख्या में युवाओं की भर्ती की है। बताया जा रहा है ISPR ने इस काम के लिए 1000 युवाओं को 1 साल में ही बतौर इंटर्न भर्ती किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस काम के लिए पाकिस्तान सेना की मीडिया विंग ISPR हर महीने प्रतियोगिता आयोजित करती है। जिसमें सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ फर्जी माहौल बनाने वाले और अपने ट्वीट पर सबसे ज्यादा रिट्वीट पाने वाले युवाओं को पुरस्कार दिया जाता है। यहाँ पुरस्कार के रूप में इन पाकिस्तानी नेटिजन्स को फौजी फाउंडेशन में जॉब मिलती है।

रिपोर्ट के अनुसार, कहा जा रहा है कि अब तक इस प्रतियोगिता में 1 लाख से ज्यादा लोग भाग ले चुके हैं। जहाँ इन लोगों को भारत में ज्यादा फॉलोविंग वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स की लिस्ट दी गई और भारत के नेताओं, सैनिकों और नौकरशाहों के खिलाफ माहौल बनाने को कहा गया।

गौरतलब है कि बुधवार को मेजर जनरल गफूर ने एक ट्रेनर फाइटर प्लेन के मलबे का फोटो पोस्ट किया था, जिसका बालाकोट हमले से कुछ लेना-देना नहीं था। लेकिन फिर भी ट्वीट करते हुए गफूर ने लिखा कि पाकिस्तान ने बालाकोट हमले के दौरान इसे मार गिराया था।

पाकिस्तानी एजेंडे के तहत भारत के खिलाफ प्रोपगेंडे को हर रोज भारी तादाद में सोशल मीडिया पर फैलाने के लिए यूथ मशीनरी को पाक ISPR में भर्ती कर रहा हैं। झूठ फ़ैलाने के लिए युवाओं को बाकायदा ट्रेनिंग का भी प्रावधान किया गया है।

बता दें युवाओं को इस काम के लिए प्रेरित करने के लिए ISPR ने उन्हें कहा है कि वे सैनिकों की तरह भारत के साथ उनका नैरेटिव ध्वस्त करने की लड़ाई लड़ेंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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