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बाकी सब बाद में करूँगा, एक बार मार्क्स ले आऊँ… सिर्फ परीक्षा के अंक जिंदगी नहीं: PM मोदी

इस कार्यक्रम में कुल 2,000 स्टूडेंट्स और टीचर्स ने हिस्सा लिया, जिनमें से 1,050 छात्रों का चयन निबंध प्रतियोगिता के जरिए किया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तनाव-रहित परीक्षा को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से ‘परीक्षा पे चर्चा’ की। उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत नववर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए कीं। परीक्षा पे चर्चा का यह तीसरा संस्करण तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश के छात्रों ने हिस्सा लिया।

इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों ने परीक्षा को लेकर अपने सवाल सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा। पीएम मोदी भी स्कूली बच्चों का बोर्ड परीक्षा के लिए छात्रों को हौसला बढ़ाया और परीक्षा को लेकर जो भी डर छात्रों के मन में था, उसे दूर करने की कोशिश की।

पीएम ने इस कार्यक्रम को सबसे अधिक दिल छू लेने वाला बताया। उन्होंने कहा, “अगर कोई मुझे कहे कि इतने कार्यक्रमों के बीच वो कौन सा कार्यक्रम है जो आपके दिल के सबसे करीब है, तो मैं कहूँगा वो कार्यक्रम है परीक्षा पे चर्चा। युवा मन क्या सोचता है, क्या करना चाहता है, ये सब मैं भली-भाँति समझ पाता हूँ।”

उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, “जैसे आपके माता-पिता के मन में 10वीं, 12वीं को लेकर टेंशन रहती है, तो मुझे लगा आपके माता-पिता का भी बोझ मुझे हल्का करना चाहिए। मैं भी आपके परिवार का सदस्य हूँ, तो मैंने समझा कि मैं भी सामूहिक रूप से ये जिम्मेदारी निभाऊँ।”

पीएम ने पिछले साल भी छात्रों संग यह चर्चा की थी। दिल्ली के तालकटोरा इनडोर स्टेडियम में हो रही इस चर्चा में छात्रों और शिक्षकों से परीक्षा के तनाव को दूर करने पर संवाद किया। इस कार्यक्रम में कुल 2,000 स्टूडेंट्स और टीचर्स ने हिस्सा लिया, जिनमें से 1,050 छात्रों का चयन निबंध प्रतियोगिता के जरिए किया गया था। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कार्यक्रम के लिए कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए पाँच अलग-अलग विषयों पर एक ‘शॉर्ट निबंध’ प्रतियोगिता शुरू की थी। इसी के माध्यम से इन छात्रों का चयन किया गया।

पीएम मोदी जब स्टेडियम पहुँचे तो छात्रों ने कई तरह की पेंटिंग दिखाई। छात्रों ने पर्यावरण, शिक्षा और परीक्षा के तनाव के बारे में पेंटिंग दिखाई। छात्रों ने देश के महापुरुषों के स्टैच्यू भी दिखाए। इस बीच एक छात्र ने पीएम मोदी को समुद्र तट पर उनके द्वारा की गई सफाई की पेंटिंग भी दिखाई। उन्होंने छात्रों द्वारा बनाई गई पेंटिग्स की काफी सराहना की। पीएम मोदी के इस कार्यक्रम का मकसद है कि छात्र तनावमुक्त होकर परीक्षाएँ दें, जिससे दीर्घकाल में बेहतर परिणाम सुनिश्चित हो सके।

कार्यक्रम के दौरान जब एक छात्रा ने उनसे परीक्षा के नाम पर मूड ऑफ होने की बात कही तो पीएम ने उसे समझाते हुए कहा, “क्या कभी हमने सोचा है कि मूड ऑफ क्यों होता है? अपने कारण से या बाहर के किसी कारण से। अधिकतर आपने देखा होगा कि जब मूड ऑफ होता है, तो उसका कारण ज्यादातर बाह्य होते हैं।”

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले साल करीब 1.4 लाख छात्रों की प्रविष्टियाँ देश भर से मिली थीं। इस बार यह संख्या बढ़कर लगभग 2.6 लाख हो गई है। पीएम मोदी ने 2018 में आयोजित ऐसे सत्र में छात्रों के 10 प्रश्नों के उत्तर दिए थे और पिछले साल 16 सवाल लिए थे। पहले इस साल यह सत्र 16 जनवरी को होना था लेकिन देशभर में विभिन्न पर्वों की वजह से इसे टाल दिया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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