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1 दिन में 2 बार लात-जूता: कपिल मिश्रा पर झूठ के बाद अब संजय गुप्ता पर NDTV की छीछालेदर

झूठ और प्रपंच के इस सिलसिले में NDTV ने यह नया मुकाम हासिल किया है और हमेशा की ही तरह इस बार भी उन्होंने किसी से माफ़ी नहीं माँगी है। NDTV ने सिर्फ यह साबित करने का प्रयास किया है कि संजय गुप्ता ने ही उनसे झूठ कहा।

प्रोपेगैंडा ऊँचा रहे हमारा! यह वाक्य शायद NDTV ने अब पूरी तरह से अंगीकृत कर लिया है। दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों में अपना अलग सामानांतर एजेंडा जारी रखने के लिए NDTV हर तरह की घटिया हारकत करने के लिए तैयार नजर आ रहा है। पहले आठ राउंड फायरिंग करने के बाद फरार चल रहे मोहम्मद शाहरुख़ को मैग्सेसे पुरस्कार विजेता रवीश कुमार ने ‘अनुराग मिश्रा’ साबित करने की कोशिश की तो वहीं अब NDTV को भाजपा नेता कपिल मिश्रा को दंगों का जिम्मेदार साबित करने के लिए पूरा जोर लगाते हुए देखा जा सकता है।

NDTV ने एक वीडियो जारी कर के यह साबित करने का प्रयास किया था कि संजय गुप्ता नाम का यह व्यक्ति उन्हें मिल चुका है और वो कपिल मिश्रा का मकान मालिक है। NDTV ने यह दावा किया कि वे कपिल मिश्रा के मकान मालिक को ‘ट्रैक’ करने में कामयाब रहे, जिन्होंने दंगों के लिए कपिल मिश्रा को दोषी ठहराया, जबकि सच्चाई कुछ और थी।

कपिल मिश्रा ने इसके बाद स्पष्ट किया कि संजय गुप्ता उनके मकान मालिक नहीं हैं। ऑपइंडिया से बात करते हुए भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि संजय गुप्ता उनके मकान मालिक नहीं थे। उन्होंने यहाँ तक कहा कि संजय गुप्ता कभी भी उनके मकान मालिक नहीं रहे हैं। कपिल मिश्रा ने यही बात अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर भी कही है। उन्होंने कहा कि NDTV ने राह चलते किसी शख्स को पकड़ लिया और दावा किया कि कपिल मिश्रा के मकान मालिक हैं।

कपिल मिश्रा के इस ट्वीट के कुछ देर बाद ही NDTV ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए सूचना जारी करते हुए कहा कि उन्हें पता चला है कि संजय गुप्ता ने उनसे झूठ कहा था और वो उनके मकान मालिक नहीं थे। सारा आरोप संजय गुप्ता (जिसे NDTV ने ट्रैक करने की बात कही थी) पर थोपते हुए NDTV ने ट्वीट में लिखा है कि संजय गुप्ता ने ही उनसे यह बात कही कि वो कपिल मिश्रा के मकान मालिक थे।

ट्वीट में NDTV ने बताया है कि हो सकता हो कि संजय गुप्ता ने कपिल मिश्रा के लिए मकान ढूँढने में ‘ब्रोकर/दलाल’ की भूमिका निभाई हो। इसके साथ ही NDTV ने अपने फैलाए हुए झूठ के रायते पर स्पष्टीकरण देने के लिए कपिल मिश्रा और संजय गुप्ता की निजी जानकारी शेयर करते हुए दो दस्तावेज भी सार्वजनिक किए हैं।

झूठ और प्रपंच के इस सिलसिले में NDTV ने यह नया मुकाम हासिल किया है और हमेशा की ही तरह इस बार भी उन्होंने किसी से माफ़ी नहीं माँगी है। NDTV ने सिर्फ यह साबित करने का प्रयास किया है कि संजय गुप्ता ने ही उनसे झूठ कहा।

NDTV द्वारा अँधेरे में तीर छोड़ने की यह पहली घटना नहीं है। NDTV और इसके पत्रकार, जिनमें रवीश कुमार भी शामिल हैं, अक्सर भाजपा नेता और उनसे विपरीत विचार रखने वाले लोगों पर अपने प्राइम टाइम से लेकर खबरों में भ्रामक तथ्यों के साथ ही मनगढ़ंत आरोप लगते हुए देखे जाते हैं।

इस पर कई बार मानहानि के आरोप लगाने तक की भी नौबत आ चुकी है, लेकिन हर बार रवीश कुमार यह दुहाई देते हुए देखे जाते हैं कि ‘मानहानि मीडिया की स्वतन्त्रता’ के लिए बाधक है। हालाँकि जो काम NDTV, रवीश कुमार और उनके ही जैसे प्रोपेगैंडा चलाने वाले दी वायर, दी क्विंट, स्क्रॉल आदि करते हैं, उसे ‘मीडिया’ कहना ही अपने आप में सबसे बड़ा भ्रामक तथ्य है। उसकी स्वतन्त्रता तो बाद की बात है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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