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चुनाव जीतने के लिए पुलवामा, बिहार चुनाव के लिए गलवान: डीयू के प्रोफेसर देव कुमार ने बलिदानी सैनिकों का उड़ाया मजाक

"केंद्रीय चुनाव जीतने के लिए पुलवामा किया गया। गलवान बिहार का चुनाव है। बिहार बटालियन को उभारा गया। झूलने वाले दोस्तों ने यह रचा। देश का भूभाग कब्जा करवाया। बिहार जीतना है। दोहन किया जाएगा। देखना है बिहारी जनता कैसे रिस्पॉन्स करती है?"

हमारे देश में एक पूरी जमात है जो सरकार के विरोध के नाम पर राष्ट्र के खिलाफ खड़ी हो जाती है। आम जनता की भावनाओं को कुचल कर अभिव्यक्ति की आजादी का हुंकार भरती है। अपने प्रोपेगेंडा में सैनिकों के बलिदान को घसीटकर उसका अपमान करती है।

ऐसे ही एक शख्स देव कुमार (Deo Kumar)। फेसबुक प्रोफाइल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार देव कुमार दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) के राजधानी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर हैं। एक फेसबुक पोस्ट में उन्होंने दावा किया है कि गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प बिहार चुनाव को ध्यान में रखकर में हुई है। बीते साल पुलवामा में हुए आतंकी हमलों को उन्होंने 2019 के आम चुनाव से जोड़ा है।

देव कुमार ने लिखा है, “केंद्रीय चुनाव जीतने के लिए पुलवामा किया गया। गलवान बिहार का चुनाव है। बिहार बटालियन को उभारा गया। झूलने वाले दोस्तों ने यह रचा। देश का भूभाग कब्जा करवाया। बिहार जीतना है। दोहन किया जाएगा। देखना है बिहारी जनता कैसे रिस्पॉन्स करती है?”

देव कुमार ने यह कॉमेंट ऐसे समय में किया है जब चीनी सै​निकों के धोखे से किए वार में भारत के 20 जवान बलिदान हुए हैं। 43 चीनी सैनिकों के मारे जाने की भी खबर है।

पुलवामा में हुई आतंकी घटना के साथ ही देव कुमार ने चीन के साथ हुई झड़प को जोड़ते हुए कहा है कि ये दोनों घटनाएँ केंद्र सरकार द्वारा चुनाव जीतने के लिए करवाई गईं और अब बिहार में आने वाले चुनाव के लिए यह करवाया गया है।

देव कुमार की फेसबुक टाइमलाइन तमाम ऐसे पोस्ट से भरी हुई है, जिनमें सत्ता ही नहीं बल्कि बहुसंख्यकों पर भी कटाक्ष किए गए हैं।

देव कुमार आजकल कोरोना संकट, जाति और पूँजी पर ‘ऑनलाइन ज्ञान’ भी दे रहे हैं –

वहीं एक पोस्ट में देव कुमार ने लिखा है – “फ़ासीवाद का उग्र रूप। अब भी किसी को डाउट है तो फिर उसकी समझ में कुछ गड़बड़ी है। #सॉलिसिटर जेनरल, सुप्रीम कोर्ट, लेफ्ट-लिबरल ,डेमोक्रेट्स और बहुजन तबके का दमन/जेल।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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