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महिला कॉन्स्टेबल ने बताया पुलिस की बर्बरता से कैसे हुई जयराज और बेनिक्स की मौत, रजनीकांत ने कहा- दोषियों को सज़ा दो

रेवती ने बताया कि पीटने के कारण लाठी से लेकर टेबल तक पर खून के धब्बे ही धब्बे नज़र आ रहे थे। उन्होंने कहा कि खून के उन धब्बों का सैम्पल जाँच के लिए जल्द से जल्द लिया जाना चाहिए क्योंकि पुलिस वाले उसे मिटाने की पूरी कोशिश करेंगे। पुलिसकर्मियों ने जुडिशल मजिस्ट्रेट की भी जाँच में सहायता नहीं की और.........

तमिलनाडु के सथानकुलम पुलिस स्टेशन में पुलिस की बर्बर पिटाई पिता-पुत्र जयराज और बेनिक्स (फेनिक्स) की मौत के मामले में थाने की एक महिला कॉन्स्टेल ने उस क्रूर रात की दास्ताँ सुनाई है। मद्रास मदुरई बेंच के समक्ष इस मामले की जाँच कर रहे जुडिशल मजिस्ट्रेट ने कहा कि रेवती को डर था कि उसके बयान के बाद उसे धमकियाँ मिल सकती हैं। उधर सुपरस्टार रजनीकांत ने भी इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की माँग की है।

जयराज और बेनिक्स की मौत का मामला मद्रास हाईकोर्ट द्वारा संज्ञान लेने के बाद सुनवाई चल रही है। उसने मंगलवार (जून 30, 2020) को सीडी-सीआईडी को इस केस की जाँच सौंप दी थी। डीएसपी अनिल कुमार इसकी जाँच कर रहे हैं। कोर्ट ने महिला कॉन्स्टेबल रेवती और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है। रेवती ने बताया कि पुलिस वाले जयराज और बेनिक्स पिता-पुत्र को रात भर लाठियों से पीटते रहे।

रेवती ने बताया कि पीटने के कारण लाठी से लेकर टेबल तक पर खून के धब्बे ही धब्बे नज़र आ रहे थे। उन्होंने कहा कि खून के उन धब्बों का सैम्पल जाँच के लिए जल्द से जल्द लिया जाना चाहिए क्योंकि पुलिस वाले उसे मिटाने की पूरी कोशिश करेंगे। पुलिसकर्मियों ने जुडिशल मजिस्ट्रेट की भी जाँच में सहायता नहीं की और तब तक इस मामले में प्रयोग की गई लाठी वगैरह सबमिट नहीं की, जब तक उन्हें मजबूर नहीं किया गया।

लाठी सबमिट की जाने कि बात सुनते ही एक पुलिसकर्मी तो दीवाल फाँद कर भाग खड़ा हुआ। रेवती तो अपने बयान पर हस्ताक्षर करने तक से भी डर रही थी लेकिन पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिए जाने के बाद ही उन्होंने साइन किया। रविवार (जून 28, 2020) को जेएम थाने में जाँच के लिए रुके लेकिन उन्हें एक भी पुलिसकर्मी ने सहयोग नहीं किया। उन्होंने बताया कि एक ने तो धमकी भरा व्यवहार भी प्रदर्शित किया।

वहीं सुपरस्टार रजनीकांत ने जेराज और बेनिक्स कि हत्या मामले में दोषी पुलिसकर्मियों की निंदा करते हुए कहा कि इस घटना से जुड़े एक-एक दोषी को सजा मिलनी ही मिलनी चाहिए। रजनीकान्त ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने जूडिशल मजिस्ट्रेट के समक्ष पुलिस के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वो शॉक्ड हैं। उन्होंने इसे ‘हिंसक जानवरों वाली हरकत’ बताते हुए सजा की माँग की।

उधर लोगों ने तमिलनाडु में पटाखे फोड़ कर इस मामले में हुई 5 गिरफ्तारियों के बाद खुशी जताई। तूतीकोरिन की इस घटना के मामले मे बुधवार को सब इन्स्पेक्टर रघु गणेश को बुधवार को धर-दबोचा गया, जिसके बाद इस मामले में न्याय की माँग कर रहे लोग अपनी खुशी का इजहार करने सड़कों पर उतर आए। बता दें कि न सिर्फ़ तमिलनाडु बल्कि पूरे देश में लोग इस हत्याकांड से व्यथित हैं।

मृतक जे बेनिक्स के एक दोस्त राजकुमार ने बताया था– “20 जून को सुबह 7 से 12 बजे के बीच, पिता और पुत्र ने कम से कम सात लुंगियाँ (शरीर के निचले भाग में पहना जाने वाला कपड़ा) बदली थीं, क्योंकि वे अपने मलाशय से खून बहने के कारण गीले हो गए थे।” यह भी दावा किया गया है कि पुलिस हिरासत में उनकी बेरहमी से पिटाई की गई जिससे पिता-पुत्र के जननांग भी क्षतिग्रस्त हो गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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