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#मिशन_शक्ति: क्या ख़ास है इसमें, जिसने भारत को बना दिया अंतरिक्ष महाशक्ति – मुख्य बिंदु

"भारत ने 'ऑपरेशन शक्ति' के माध्यम से अंतरिक्ष शक्ति के रूप में ख़ुद को स्थापित कर लिया है और हमें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और अपने नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना ही होगा।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज बुधवार (मार्च 26, 2019) को भारत के अंतरिक्ष महाशक्ति बनने की घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि भारत ने आज एक अभूतपूर्व सिद्धि हासिल की है। भारत ने आज अपना नाम ‘स्पेस पॉवर’ के रूप में दर्ज करा लिया है। अब तक रूस, अमेरिका और चीन को ये दर्जा प्राप्त था, अब भारत ने भी यह उपलब्धि हासिल कर ली है।

बकौल प्रधानमंत्री, हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर दूर LEO (Low Earth Orbit) में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है। ये लाइव सैटेसाइट जो कि एक पूर्व निर्धारित लक्ष्य था, उसे एंटी सैटेलाइट वेपन (A-SAT) द्वारा मार गिराया गया है। यह मिशन सिर्फ़ 3 मिनट में पूरा कर लिया गया।

मिशन शक्ति के बारे में प्रमुख बातें

पीएम ने बताया कि भारत ने ‘ऑपरेशन शक्ति’ के माध्यम से अंतरिक्ष शक्ति के रूप में ख़ुद को स्थापित कर लिया है और हमें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और अपने नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना ही होगा।

पीएम ने बताया कि भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में जो काम किया है, उसका मूल उद्देश्य भारत की सुरक्षा, आर्थिक विकास और तकनीकी प्रगति है। आज का यह ‘मिशन शक्ति’ इन सपनों को सुरक्षित करने की ओर एक अहम कदम है।

मिशन शक्ति के बारे में प्रमुख बातें

पीएम ने कहा, “मैं मिशन शक्ति से जुड़े सभी अनुसंधानकर्ताओं और अन्य सहयोगियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ, जिन्होंने इस असाधारण सफलता को प्राप्त करने में योगदान दिया है। हमें हमारे वैज्ञानिकों पर गर्व है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्बोधन के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने एक-दूसरे को बधाइयाँ दी। यह सचमुच ख़ास है क्योंकि यह पराक्रम इस से पहले विश्व में सिर्फ़ 3 देश (अमेरिका, रूस और चीन) ही कर सके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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