Homeराजनीतिलालू यादव पर गंभीर आरोप, नीतीश की शिकायत पर वार्ड में पड़ा छापा

लालू यादव पर गंभीर आरोप, नीतीश की शिकायत पर वार्ड में पड़ा छापा

"यह तो लोगों को पता ही है कि लालू जी जेल में रहने पर भी जेल से बात करते रहते हैं। नियम है कि जेल में रहते हुए आप (फोन पर) बात नहीं कर सकते, लेकिन तथ्य सबको मालूम नहीं है।"

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद सुप्रीमो लालू यादव पर बड़ा आरोप लगते हुए कहा कि वह जेल से ही चुनाव को प्रभावित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लालू यादव पर जेल से ही फोन का प्रयोग करने का भी आरोप लगाया। बता दें कि चारा घोटाला मामले में राँची स्थित बिरसा मुंडा जेल में अपनी सज़ा भुगत रहे लालू अभी स्वास्थ्य कारणों से रिम्स में भर्ती हैं। वहाँ उनका इलाज चल रहा है। महागठबंधन के कई नेताओं का वहाँ आना-जाना लगा रहता है और टिकट के दावेदारों की लाइन भी लालू से मिलने के लिए लगती है। पहले ही ऐसी ख़बर आई थी कि लालू यादव जेल से ही राजद के सारे निर्णय ले रहे हैं। उपेंद्र कुशवाहा, प्रकाश करात, जीतन राम माँझी सहित कई बड़े नेताओं ने राँची जाकर लालू से मुलाक़ात भी की थी।

अब नीतीश की शिकायत पर राँची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के वार्ड में छापा मारा है। नीतीश कुमार ने कहा था, “यह तो लोगों को पता ही है कि लालू जी जेल में रहने पर भी जेल से बात करते रहते हैं। नियम है कि जेल में रहते हुए आप (फोन पर) बात नहीं कर सकते, लेकिन तथ्य सबको मालूम नहीं है।” सूचना मिलते ही सिटी एसपी व सदर डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस ने लालू यादव के पेइंग वार्ड की गहन तलाशी ली। निरीक्षण के लिए झारखंड पुलिस के एसपी सुजाता वीणापाणि, सदर डीएसपी दीपक कुमार पांडेय, बरियातू थानेदार संजीव कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी पहुँचे थे। जाँच के दौरान पूरे वार्ड को खंगाला गया। कोने-कोने की गहनता से तलाशी ली गई।

उधर लालू यादव के दोनों बेटों ने नीतीश कुमार के इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने पिता को फँसाने का आरोप लगाया। तेजप्रताप यादव ने कहा, “रिम्स में जहाँ मेरे पिता जी रहते हैं, वहाँ चेकिंग भी होती है। जेल के सारे नियमों का हमारे पिता पालन करते हैं।” वहीं पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने नीतीश के आरोपों को निराधार बताया। तेजस्वी ने एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए आगे कहा:

“हमारे पूरे परिवार को एक साजिश के तहत फँसाया गया है। झूठे मुकदमे लाद कर परिवार को राजनीति में आगे बढ़ने से रोका जा रहा है। पीएम ने बेरोज़गार युवकों को ठगने का काम किया है। उन्होंने वादा पूरा नहीं किया। झूठ बोलकर काम चलाते रहे और फिर से जनता के बीच आए हैं और मुद्दों को भटका रहे हैं। इस बार जनता इस चौकीदार को जरूर सबक सिखायेगी।”

बता दें कि लालू यादव के वार्ड की पहले भी तलाशी ली जा चुकी है। झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी कहा था कि लालू से मिलने आने वाले लोगों के लिए जेल के नियम ताक पर नहीं रखे जा सकते। इससे पहले भी शनिवार को सदर डीएसपी दीपक पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लालू यादव के पेइंग वार्ड के कमरे ए 11 की गहन जाँच की थी। कुछ दिनों पहले जदयू के पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा से अयोग्य करार दिए गए शरद यादव भी लालू से मिले थे। फरवरी में राजद के गठबंधन साथी मुकेश साहनी ने लालू के साथ बैठक की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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