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पेरिस: ऐसे लोगों के लिए किसी भी सेकुलर देश में जगह नहीं होनी चाहिए | Ajeet Bharti on Paris beheading by Islamist

जो व्यक्ति पैगंबर के बारे में गलत सुनने पर हत्या कर देता है, वही मुस्लिम नहीं है। और जो हर दिन इस्लाम के बताए हर नियम को तोड़ते हैं, वही ये सर्टिफिकेट जारी करते हैं कि कौन मुस्लिम है।

पेरिस में एक शिक्षक का सिर काटने की घटना दुनिया भर के कट्टरपंथी मुस्लिमों के लिए ‘ये तो होना ही था’ मोमेंट था। एक ऐसी विचित्र घटना जो आजकल हर किसी को सुनाई पड़ती है, भले ही उसके होने के कारण हमें अजीब और विचलित करने वाले लगते हैं। लेकिन वहाँ हाथ में छुरा लिए हुए, अल्लाह-हु-अकबर का नारा लगाते हुए मुस्लिम की उपस्थिति हमें सामान्य ही नहीं लगती, बल्कि हम प्रतीक्षा करते हैं कि अब तो उसकी जान जानी तय है।

आप यह समझिए कि जो व्यक्ति पैगंबर के बारे में गलत सुनने पर हत्या कर देता है, वही मुस्लिम नहीं है। और जो हर दिन इस्लाम के बताए हर नियम को तोड़ते हैं, वही ये सर्टिफिकेट जारी करते हैं कि कौन मुस्लिम है। जानकार कहते हैं कि असली इस्लाम तो वही है, जो कट्टरपंथी जीते, क्योंकि वो काफिरों को कत्ल के योग्य मानते हैं।

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अजीत भारती
अजीत भारती
पूर्व सम्पादक (फ़रवरी 2021 तक), ऑपइंडिया हिन्दी

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