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राँची के रंगरेज गली में अराजक तत्वों ने तोड़ा शिवलिंग: बाजार बंद कर सड़क पर उतरे हिन्दू, कार्रवाई की माँग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अपना आक्रोश जाहिर करने के लिए आज अपर बाजार की सभी दुकानें भी बंद रखीं। हिंदूवादी संगठन से जुड़े कार्यकर्ता भी सड़कों पर आए और प्रदर्शन किया। इन सबकी यही माँग है कि मंदिर के शिवलिंग को तोड़ने वालों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द हो।

झारखंड की राजधानी राँची के अपर बाजार की रंगरेज गली में स्थित मंदिर में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। अराजक तत्वों ने यहाँ मंदिर में बने शिवलिंग को ही पूरा उखाड़ दिया। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें भी शेयर की जा रही हैं।

आज सुबह जब स्थानीय लोगों को इस घटना की जानकारी हुई तो सब मौके पर जुटे और पुलिस को सूचित किया। अब पुलिस मामले में आगे अपनी जाँच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज भी खँगाले जा रहे हैं। आरोपितों का पता लगाने का प्रयास हो रहा है।

घटना के बाद से लोगों में इसे लेकर काफी गुस्सा है। स्थानीय लोगों ने आक्रोश जाहिर करने के लिए आज अपर बाजार की सभी दुकानें भी बंद रखीं। हिंदूवादी संगठन से जुड़े कार्यकर्ता भी सड़कों पर आए और प्रदर्शन किया। इन सबकी यही माँग है कि मंदिर के शिवलिंग को तोड़ने वालों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द हो।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में देश के अलग-अलग कोनों में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की कई घटनाएँ सामने आई है। पिछले दिनों हरियाणा के मेवात में ऐसी ही घटना घटी थी। वहाँ नवरात्रि के तीसरे दिन ही दुर्गा माता की मूर्ति को उखाड़ लिया गया था। घटना की बाद की तस्वीरों में हमें सिर्फ़ शेर के पंजे नजर आए थे।

वहाँ के स्थानीयों ने तो मूर्ति टूटने पर यही आरोप लगाया था कि पहले भी इस तरह की घटनाएँ होती आई हैं और इस बार भी उन्हें शक है कि मंदिर से कुछ दूरी पर बने मदरसे के मौलवी के इशारों पर यह काम किया गया।

ऐसे ही आँध्र प्रदेश में पिछले दिनों मंदिरों पर हमले के कई मामले सामने आए थे। खबरों से पता चला कि प्रदेश में हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुँचाने के लिए कहीं अराजक तत्वों ने भगवान की मूर्तियों को तोड़़ा और कहीं रथों में आग लगाई।

इसी प्रकार कश्मीर में भी पिछले दिनों एक शिव मंदिर को ध्वस्त किया गया था। इसी शिव मंदिर में कुछ साल पहले शिवलिंग के टुकड़े-टुकड़े किए जाने की घटना सामने आई थी।

स्थानीय लोगों ने ट्विटर पर इस संबंध में लिखा था, “कुछ साल पहले यहाँ पर शिवलिंग को तोड़ दिया गया था, लेकिन हमारी आस्था देखिए, हम ये सोचकर खुश थे कि कम से कम ढाँचा तो है, मगर इस बार मंदिर को ही धराशायी कर दिया गया। आशा है कि किसी दिन हम इस मंदिर में वापस जाएँगे और प्रार्थना करेंगे। यह दुखद और भयावह है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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