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दुष्कर्म मामले में आसाराम का बेटा नारायण साईं दोषी करार, 30 अप्रैल को सुनाई जाएगी सजा

एक बहन ने साईं पर 2002 और 2005 के बीच सूरत में आश्रम में रहने पर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। पीड़िता की बड़ी बहन ने अहमदाबाद में 1997 और 2006 में आश्रम में रहने के दौरान आसाराम पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।

आसाराम बापू के बेटे नारायण साईं को दुष्कर्म मामले में दोषी पाया गया है। इस पर 30 अप्रैल को उसे सजा सुनाई जाएगी। 40 साल के नारायण साईं को हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पास पीपली से दिसंबर 2013 में गिरफ्तार किया गया था। सूरत की रहने वाली दो बहनों ने नारायण साईं और उसके पिता आसाराम बापू के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी।

एक बहन ने साईं पर 2002 और 2005 के बीच सूरत में आश्रम में रहने पर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। पीड़िता की बड़ी बहन ने अहमदाबाद में 1997 और 2006 में आश्रम में रहने के दौरान आसाराम पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।

दोनों बहनों ने साईं और आसाराम के खिलाफ कथित शोषण की अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने आसाराम और उसके बेटे के खिलाफ दुष्कर्म, यौन शोषण और अवैध तरीके से बंधक बनाकर रखना और अन्य अपराध के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने साईं के चार साथियों को भी गिरफ्तार किया था।

FIR दर्ज होने के बाद नारायण भूमिगत हो गया था और पुलिस से बचने के लिए बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था। दिसंबर, 2013 में नारायण को हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था। नारायण पर जेल में रहते हुए पुलिस कर्मचारी को ₹13 करोड़ की रिश्वत देने का भी आरोप लगा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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