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नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने गँवाई कुर्सी, संसद में बहुमत साबित करने में हुए असफल

प्रतिनिधि सभा के विशेष सत्र में आज ओली ने औपचारिक रूप से विश्वास प्रस्ताव पेश किया और सभी सदस्यों से इसके पक्ष में मतदान करने की अपील की। हालाँकि वह अपने पक्ष में बहुमत जुटा पाने में नाकाम रहे, जिसके चलते उनके हाथ से पीएम पद चला गया है।

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली सोमवार (10 मई 2021) को संसद के निचले सदन में विश्वासमत हार गए। दरअसल, ओली को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में विश्वासमत जीतने के लिए कुल 136 मतों की जरूरत थी, लेकिन वह बहुमत साबित करने में असफल रहे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतिनिधि सभा के विशेष सत्र में आज ओली ने औपचारिक रूप से विश्वास प्रस्ताव पेश किया और सभी सदस्यों से इसके पक्ष में मतदान करने की अपील की। हालाँकि वह अपने पक्ष में बहुमत जुटा पाने में नाकाम रहे, जिसके चलते उनके हाथ से पीएम पद चला गया है।

गौरतलब है कि पुष्पकमल दहल ‘प्रचंड’ नीत नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) के ओली सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद उन्हें निचले सदन में बहुमत साबित करना था। इसको लेकर नेपाल में आज संसद का विशेष सत्र बुलाया गया था।

इस प्रक्रिया के दौरान निचले सदन में कुल 232 वोट डाले गए। 93 सांसदों ने ओली के पक्ष में मत किया, जबकि 124 सांसदों ने उनके खिलाफ वोट किया। वहीं, 15 सांसदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया और 35 सांसद वोटिंग से गायब रहे। ज्ञात हो कि इसके साथ ही आर्टिकल 100(3) के मुताबिक अपने आप ही ओली पीएम पद से हट गए हैं।

बता दें कि नेपाल में पिछले साल 20 दिसंबर को यह राजनीति संकट शुरू हुआ था, जब राष्ट्रपति भंडारी ने प्रधानमंत्री ओली की अनुशंसा पर संसद को भंग कर 30 अप्रैल और 10 मई को नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया था। ओली ने यह अनुशंसा सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में सत्ता को लेकर चल रही खींचतान के बीच की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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