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मेदिनीपुर में BJP कार्यकर्ताओं को किया लहूलुहान, घरों में लूटपाट के आरोप: HC के आदेश के बावजूद बंगाल में नहीं थम रही हिंसा

भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला तब हुआ, जब वो अपने घर लौट रहे थे। इस हमले में बम और बंदूकों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही 30 घरों में लूटपाट और उन्हें तहस-नहस करने का आरोप भी लगाया गया है।

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद भी भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि पूर्वी मेदिनीपुर के भगबानपुर में उसके कार्यकर्ताओं की बेरहमी से पिटाई की गई है। पार्टी द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में खून से लथपथ घायलों को देखा जा सकता है। इस घटना के लिए राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) को जिम्मेदार ठहराया गया है।

TV9 के पत्रकार अनिंद्य ने ट्विटर पर बताया, “अब जब हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक में बंगाल हिंसा को लेकर कई याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है, भाजपा ने दावा किया है कि हिंसा का आलम अब भी जारी है। पार्टी का आरोप है कि पूर्वी मेदिनीपुर के भगबानपुर में क्रूर तरीके से भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की गई है। पार्टी ने तस्वीरें भी शेयर की हैं।” हालाँकि, ये स्पष्ट नहीं है कि ये हमला क्यों किया गया।

भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला तब हुआ, जब वो अपने घर लौट रहे थे। इस हमले में बम और बंदूकों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही 30 घरों में लूटपाट और उन्हें तहस-नहस करने का आरोप भी लगाया गया है। बता दें कि भगबानपुर विधानसभा क्षेत्र से इस बार के चुनाव में भाजपा ने बाजी मारी है। भाजपा के रवीन्द्रनाथ मैती ने TMC के सिटिंग विधायक अर्धेंदु मैती को मात दी। कहा जा रहा है कि इसीलिए तृणमूल के गुंडे बौखलाए हुए हैं।

ये सब तब हो रहा है, जब कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव बाद भड़की हिंसा के मामलों पुलिस को FIR दर्ज करने और राज्य सरकार को पीड़ितों का इलाज कराने का आदेश दिया है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में भाजपा समेत अन्य विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ जारी हिंसा के संबंध में राज्य की ममता बनर्जी सरकार की भूमिका को भी संदिग्ध माना है और कहा है कि भले ही प्रशासन इसे स्वीकार नहीं कर रहा, लेकिन चुनाव बाद शुरू हुई हिंसा की खबरें एकदम सत्य है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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