Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'बेटियों को सुबह 4 बजे उठा देता था मौलवी, रेप करने के बाद पढ़ाता...

‘बेटियों को सुबह 4 बजे उठा देता था मौलवी, रेप करने के बाद पढ़ाता था कुरान’: एक्टिविस्ट ने शेयर किया वीडियो

मौलवी उन्हें नींद से जगाता था और फिर उनका बलात्कार करता था। इसके बाद वो उन्हें स्नान कर के नमाज पढ़ने को कहता था।

पाकिस्तान में एक इस्लामी मौलवी ने कई वर्षों तक अपनी ही बेटियों का रेप किया। एक्टिविस्ट व अधिवक्ता राहत ऑस्टिन ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर कर के इस घटना की जानकारी दी है। पीड़ित लड़कियों के अनुसार, मौलवी उन्हें नींद से जगाता था और फिर उनका बलात्कार करता था। इसके बाद वो उन्हें स्नान कर के नमाज पढ़ने को कहता था। फिर वो बैठ कर उन्हें कुरान की शिक्षा देता था।

पीड़ित लड़कियों ने बताया कि आपत्ति जताने पर मौलवी कहता था कि दुनिया का हर अब्बा अपनी बेटियों के साथ यही सब करता है। इसके बाद लड़कियों ने अपनी अम्मी को इस बारे में बताया। उन्होंने बताया कि विरोध करने पर मौलवी धमकाता था कि किसी को बताने पर उनका बुरा हाल करेगा। उक्त मौलवी ने दो शादियाँ कर रखी हैं। 2 बीवियों से उसकी 6 बेटियाँ हैं। इनमें से एक बेटी के साथ तो वो 5 साल तक दरिंदगी करता रहा।

इसके लिए वो सुबह 4 बजे ही उठा दिया करता था। कभी-कभी वो रात को 2-3 बजे ही बुला कर उसका रेप करता था। रात को जब मौका मिलता, तभी वो उठा देता था। कभी-कभी रात के 12 बजे ही वो उठा दिया करता था। एक पीड़िता अपने मामा के साथ सोती थी, लेकिन उसके मामा को इस बारे में कुछ भी पता नहीं चला क्योंकि घर में बाकी सब नींद से सोए रहते थे। ये साफ़ नहीं है कि ये वीडियो और ये मामला कब का है।

अगस्त 2020 में पाकिस्तान के सिंध प्रान्त स्थित कंदियारो की एक मस्जिद में बच्ची से रेप का मामला सामने आया था। आरोपित मौलवी अब्बास फरार हो गया था। अब पाकिस्तान में एक मौलवी द्वारा अपनी ही बेटियों का रेप किए जाने की घटना सामने आई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चुनाव हो या नक्सल विरोधी अभियान या फिर सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा… CRPF है न, दुनिया भर में शांति स्थापना में भी योगदान: जानिए...

CRPF की 27 जुलाई को स्थापना दिवस है। ब्रिटिश काल से लेकर अब तक इसकी भूमिका में काफी बदलाव आए हैं। नक्सलियों से लेकर आतंकवादियों से निपटने तक में ये सबसे आगे रहा।

आंदोलन की मर्यादा बची रहे और इसका राजनीतिक इस्तेमाल ना हो, इसकी जिम्मेदारी अब GenZ पर… नेक नहीं हैं वामी-इस्लामी गिरोह के मंसूबे

NEET आंदोलन की सफलता के बाद सोशल मीडिया, राजनीतिक नैरेटिव और छात्र आंदोलन की मर्यादा पर बड़ा सवाल। पढ़िए Gen Z को सतर्क रहना क्यों जरूरी है।
- विज्ञापन -