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उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण तबाही, अब तक 8 लोगों की मौत, केदारनाथ से लौट रहे 22 श्रद्धालुओं को SDRF ने बचाया

रामनगर में कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई रिसॉर्ट्स में पानी घुस चुका है। नैनीताल के रामगढ़ का एक हिस्सा जल में डूब चुका है और लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं।

बारिश के कारण उत्तराखंड में जगह-जगह भूस्खलन हो रहे हैं और लोगों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार (18 अक्टूबर) को एसडीआरएफ और उत्तराखंड पुलिस ने 22 श्रद्धालुओं को जंगल चट्टी से निकाला है। ये श्रद्धालु केदारनाथ से लौटते वक्त भारी बारिश के बीच फँस गए थे। इन श्रद्धालुओं को गौरी कुंड भेजा गया है। वहीं, चलने में परेशानी महसूस कर रहे 55 वर्षीय एक श्रद्धालु को स्ट्रेचर के के जरिये शिफ्ट किया गया।

दरअसल, उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण जगह-जगह भू-स्खलन भी हो रहे हैं। मौसम विभाग ने बारिश को लेकर राज्य में मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, हालात की गंभीरता को देखते हुए चार धाम यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। आज स्कूलों को बंद रखा गया है। इस आपदा में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है।

वहीं, रामनगर में कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई रिसॉर्ट्स में पानी घुस चुका है। नैनीताल के रामगढ़ का एक हिस्सा जल में डूब चुका है और लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं। अल्मोड़ा में एक मकान के गिरने से कुछ लोगों के मलबों में दबे होने की आशंका है, लेकिन बदतर हालात के कारण रेस्क्यू टीम मौके तक नहीं पहुँच पा रही है।

वहीं, पौड़ी के लैंसडाउन में भूस्खलन के कारण एक नेपाली परिवार के 3 लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि चंपावत जिले में दो और रुद्रप्रयाग जिले में कानपुर के एक पर्यटक की मौत हो गई है। भूस्खलन और भारी बारिश के चलते जगह जगह रास्ते बंद हो गए हैं।

स्काईमेट वेदर के मुताबित, अगले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, असम, मेघालय में बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य भागों, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, ओडिशा के तटीय क्षेत्रों, झारखंड के कुछ हिस्सों और मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की संभावना है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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