Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाCDS बिपिन रावत के पार्थिव शरीर को ले जा रही एंबुलेंस पर रास्ते भर...

CDS बिपिन रावत के पार्थिव शरीर को ले जा रही एंबुलेंस पर रास्ते भर बरसे फूल, लगते रहे ‘भारत माता की जय’ के नारे

जब सीडीएस जनरल समेत सभी सैन्य अधिकारियों का शव रास्ते से ले जाया जा रहा था तो सैंकड़ों की भीड़ इकट्ठा हुई और जोर-जोर से 'भारत माता की जय' के नारे भी लगे और एंबुलेंस पर फूल भी बरसे।

देशभक्ति का कोई अलग लिबास नहीं होता। वे भाव ही होते हैं जो गाहे-बगाहे महसूस कराते हैं कि आपको अपने राष्ट्र से कितना प्रेम है। कल जब तमिलनाडु में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों का हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ तो यही भाव जगह-जगह देखने को मिले। लोगों की प्रार्थना इस बात का सबूत थीं कि उनके मन में देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के लिए कितना सम्मान है।

दुर्भाग्यवश वो प्रार्थनाएँ अनसुनी रह गईं और क्रैश के कारण हुई 13 मौतों ने देश को सन्न कर दिया। लेकिन, आम जन में अपने सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना जगी रही। नतीजन, जब सीडीएस जनरल समेत सभी सैन्य अधिकारियों का शव रास्ते से ले जाया जा रहा था तो सैंकड़ों की भीड़ इकट्ठा हुई और जोर-जोर से ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगे।

सामने आई वीडियोज में देख सकते हैं कि जिस गाड़ी में सभी सैन्य अधिकारियों के शव थे, उसके सुलूर एयरबेस पर पहुँचते ही कैसे लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोग चिल्ला-चिल्ला कर ‘भारत माता की जय’ कहने लगे। इस दौरान गाड़ियों पर इतने फूल बरसाए गए कि जब एंबुलेंस वहाँ से निकल गई तो रास्ते पर जगह-जगह फूल बिखरे पड़े थे।

वीडियो में देख सकते हैं कि कई दूरी तक सैंकड़ों की तादाद में लोगों का जमावड़ा लगा था। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक पंक्ति में खड़े थे। यहाँ कोई वीआईपी कैटेगरी नहीं थी। हर किसी के जुबान पर वीर वणक्कम-वीर वणक्कम ही था। साड़ी पहनकर खड़ी महिलाएँ भी सैन्य अधिकारियों के शवों को सैल्यूट कर रही थीं और उस वाहन पर फूल बरसा रही थीं जिसमें सैन्य अधिकारियों का शव था।

यहाँ कौन कितना पढ़ा-लिखा था और किस वर्ग से है….ये किसी को नहीं मालूम। लेकिन वीडियो देखकर ये पता चलता है कि जो एक चीज वहाँ खड़े हर व्यक्ति में सामान्य थी वो उनकी देशभक्ति है- जो किताबी बातें सीखने से नहीं आती। इसका प्रभाव ऐसा ही होता है कि जब एहसास हो तो आँख में आँसू आ जाते हैं और आवाज अपने आप बुलंद होकर भारत माँ की जय-जयकार करने लगती है। समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा साझा इस वाकये की वीडियो ने कई लोगों को भाव-विभोर किया है। यूजर्स इसे देखने के बाद उन सभी लोगों को सलाम कर रहे हैं जिन्होंने अपनी देशभक्ति दिखाने के लिए इस तरीके को चुना। 

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

प्रेस फ्रीडम का पीटता है ढोल, लेकिन जर्नलिस्ट की कब्रगाह बना पाकिस्तान: बलूचिस्तान में 42 पत्रकारों की मौत, POK में जुल्म दिखाने पर मीडिया...

पाकिस्तान का प्रेस फ्रीडम क्या दिखाता है? वहाँ के पत्रकारों की हत्या, सच्चाई बोलने पर पाबंदी और विदेशी मीडिया के लिए अपने अनुसार बनाए गए नियम।

कैसी दोगलई है रवीश कुमार? CJP से लेकर ईरान-गाजा पर स्टूडियो में बैठकर चलाई जुबान, झारखंड पेपर लीक पर बोलना पड़ा तो कहा- हम...

रवीश कुमार अपना प्रोपेगेंडा चमकाने से बाज तो आएँगे नहीं, 1 हफ्ते बाद झारखंड पेपर लीक मुद्दे की याद आई, उसमें भी मोदी सरकार की गलती बता रहे।
- विज्ञापन -