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‘मेरे घर सरकारी मेहमान आने वाले हैं’: महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक के ट्वीट में ‘डरने-मरने’ की चर्चा, गाँधी से की खुद की तुलना

"साथियों, सुना है, मेरे घर आजकल में सरकारी मेहमान आने वाले हैं। हम उनका स्वागत करते है। डरना मतलब रोज रोज मरना। हमें डरना नहीं, लड़ना है। गाँधी लड़े थे गोरों से, हम लड़ेंगे चोरों से।"

महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार में मंत्री और NCP नेता नवाब मलिक (Nawab Malik) ने इशारों में अपने घर पर ‘सरकारी मेहमानों’ के आने की संभावना जताई है। सरकारी मेहमानों से केंद्रीय जाँच एजेंसियों का अनुमान लगाया जा रहा है। इस आशय का ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा है कि, ‘साथियों, सुना है, मेरे घर आजकल में सरकारी मेहमान आने वाले हैं। हम उनका स्वागत करते है। डरना मतलब रोज रोज मरना। हमें डरना नहीं, लड़ना है। गाँधी लड़े थे गोरों से, हम लड़ेंगे चोरों से। यह ट्वीट उन्होंने 10 दिसम्बर (शुक्रवार) को रात 9 बजकर 41 मिनट पर किया है।

गौरतलब है कि इस से पहले भी नवाब मलिक कई बार केंद्र सरकार पर केंद्रीय जाँच एजेंसियों के दुरूपयोग का आरोप लगा चुके हैं। इसी साल 27 नवंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था कि, ‘कुछ अनजान और संदिग्ध लोग उनका लगातार मेरा कर रहे हैं। मेरे परिवार की गतिविधियों को निगरानी की जा रही है। मैं मुंबई के पुलिस कमिश्नर से इस मामले की शिकायत करूँगा। उन्हें पता लगाने के लिए कहूँगा कि इस साजिश के पीछे कौन लोग हैं। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) की तरह मुझे भी ‘गलत मामले में फँसाने’ की साजिश रची जा रही है।

इससे पहले NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के खिलाफ लगातार बयानबाजी के चलते मुंबई हाईकोर्ट (Mumbai High Court) से नवाब मलिक को फटकार लगी है। उन्होंने हाईकोर्ट से बिना शर्त माफ़ी भी माँगी है। उन्होंने कोर्ट को आश्वासन भी दिया है कि आगे से वो समीर वानखेड़े के खिलाफ कोई बयान नहीं देंगे। माफ़ी माँगते हुए उन्होंने कहा कि उनका कोर्ट की अवममानना करने का कोई मकसद नहीं था। समीर वानखेड़े के पिता ज्ञानदेव वानखेड़े ने इसकी शिकायत हाईकोर्ट में की थी। यह सुनवाई न्यायमूर्ति एसजे काथावाला और न्यायमूर्ति मिलिंद जाधव की खंडपीठ में हुई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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