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उद्धव सरकार लागू करे मुस्लिम कोटा: कॉन्ग्रेस नेता का पत्र, पूछा- महाराष्ट्र में नौकरी और शिक्षा में 5% रिजर्वेशन कब

खान ने कहा है कि महाविकास अघाड़ी सरकार को बने दो साल हो गए हैं, लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।

महाराष्ट्र में मुस्लिम कोटा लागू करने को लेकर मुंबई कॉन्ग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री नसीम खान ने पत्र लिखा है। पत्र में मुस्लिमों को नौकरी और शिक्षा में पाँच प्रतिशत आरक्षण देने तथा अल्पसंख्यक समुदाय के योजनाओं के लिए धन उपलब्ध कराने की माँग की गई है। उन्होंने बुधवार (22 दिसंबर 2021) को कॉन्ग्रेस विधायक दल के नेता और उद्धव सरकार में राजस्व मंत्री बालासाहब थोराट को यह पत्र लिखा है

नसीम खान ने पत्र में लिखा है कि महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार में मुस्लिम समाज को पाँच प्रतिशत आरक्षण अब तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि जब कॉन्ग्रेस-राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (Congress-NCP) गठबंधन सत्ता में थी, तब उन्होंने मुस्लिम समुदाय को पाँच फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया था। इस निर्णय को बम्बई उच्च न्यायालय ने भी अपनी मंजूरी दे दी थी। लेकिन उसके बाद राज्य में सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी सरकार ने मुस्लिम आरक्षण को लागू नहीं किया। उल्लेखनीय है कि नसीम खान कॉन्ग्रेस-एनसीपी सरकार में मंत्री रह चुके हैं।

खान ने कॉन्ग्रेस नेता से अपील की है कि महाविकास अघाड़ी की सरकार मुस्लिम समुदाय के लिए आरक्षण और फंड सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए। उन्होंने कहा है कि महाविकास अघाड़ी सरकार को बने दो साल हो गए हैं, लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। साथ ही याद दिलाया है कि महाविकास अघाड़ी सरकार कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (CMP) के तहत बनी है।

बता दें कि नसीम खान वही नेता हैं, जिनके ऊपर पिछले दिनों महिला के साथ छेड़खानी का मामला दर्ज किया गया था। नसीम खान के साथ चार और लोगों के खिलाफ इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। मुंबई के अंधेरी पुलिस स्टेशन में पुलिस ने महिला के बयान के आधार पर आईपीसी की धारा 354, 509, 506, 323, 504 और 34 के तहत मामला दर्ज किया था। 

इधर गुरुवार (23 दिसंबर, 2021) को समाजवादी पार्टी (SP) के विधायक अबू आसिम आजमी और रईस शेख ने मुस्लिम आरक्षण को लेकर मुंबई के विधान भवन की सीढ़ियों पर धरना दिया। बाद में मीडिया से बात करते हुए शेख ने कहा कि उन्होंने इसे लेकर सदन के अंदर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस और एनसीपी दोनों ने पहले मुस्लिम आरक्षण की बात की थी और अब उनका कहना है कि वे ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। दो हफ्ते पहले AIMIM ने मुसलमानों के लिए आरक्षण की माँग को लेकर तिरंगा रैली निकाली थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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