Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'लाल किला पर खालिस्तानी झंडा फहराने पर ₹7.40 Cr इनाम': SFJ का ऐलान -...

‘लाल किला पर खालिस्तानी झंडा फहराने पर ₹7.40 Cr इनाम’: SFJ का ऐलान – 26 जनवरी पर ‘मोदी के तिरंगे’ को ब्लॉक करो

"यह सिखों और हिंद की बात है। इस बार दिल्ली में कहीं भी तिरंगा नहीं फहराने दिया जाएगा। खालिस्तानी जनमत संग्रह के जरिए पंजाब को भारतीय कब्जे से मुक्त कराने का अभियान 2022 के विधानसभा चुनावों के बराबर जारी रहेगा।"

देश भर में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा और उससे पहले एक बार फिर भारत विरोधी ताकतों ने साजिश शुरू कर दी है। खालिस्तान समर्थक ग्रुप (Khalistani Supporters) सिख फॉर जस्टिस (SFJ) की ओर से नई धमकी दी गई है कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर तिरंगे की जगह खालिस्तानी झंडा फहराया जाएगा। यह ऐलान SFJ प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा किया गया है। फेसबुक पर गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा साझा किए गए एक नए प्रोपेगेंडा वीडियो में, प्रतिबंधित संगठन ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में भारतीय तिरंगे के बजाय खालिस्तानी झंडा फहराने वाले शख्स को ‘इनाम’ के रूप में $1 मिलियन डॉलर (7.39 करोड़ रुपए) देने की घोषणा की है।

SFJ
फोटो साभार: सोशल मीडिया

वीडियो में पन्नू को यह कहते हुए सुना गया, “यह सिखों और हिंद की बात है। इस बार दिल्ली में कहीं भी तिरंगा नहीं फहराने दिया जाएगा। खालिस्तानी जनमत संग्रह के जरिए पंजाब को भारतीय कब्जे से मुक्त कराने का अभियान 2022 के विधानसभा चुनावों के बराबर जारी रहेगा।” वह वीडियो में भारतीय झंडे भी जलाते नजर आए।

FLAG
फोटो साभार: सोशल मीडिया

इसको लेकर खालिस्तानी ग्रुप सिख फॉर जस्टिस वीडियो कैंपने समेत सोशल मीडिया पर प्रचार अभियान चला रहा है। इसलिए सिख फॉर जस्टिस की तरफ से एक पोस्टर भी जारी किया गया है, जिसमें पीएम मोदी की तस्वीर भी है। उस पर लिखा गया है कि 26 जनवरी को पीएम मोदी के तिरंगे को ब्लॉक करके खालिस्तानी झंडा फहराया जाएगा। इसमें किसानों की मौत को लेकर भी धमकी दी गई है। पन्नू की ताजा धमकी के बाद तमाम सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट मोड में हैं। साथ ही 26 जनवरी की वजह से राजधानी दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

गौरतलब है कि भारत में सिखों को भड़काने का ऐसा ही प्रयास पिछले साल भी किया गया था। उउस समय SJ ने गणतंत्र दिवस पर इंडिया गेट पर खालिस्तान झंडा फहराने के लिए $2.5 लाख के नकद इनाम की घोषणा की थी। 

हाल ही में ‘सिख फॉर जस्टिस’ ने पंजाब के बठिंडा फ्लाईओवर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला रोके जाने की जिम्मेदारी ली थी। साथ ही इस संगठन ने फोन कॉल कर के सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को धमकाया भी था। संगठन ने अधिवक्ताओं को धमकी देते हुए कहा था कि इस मामले को वो सुप्रीम कोर्ट में न लड़ें। उसने दावा किया कि हुसैनवाला फ्लाईओवर पर 5 जनवरी, 2022 को उसने ही पीएम मोदी के काफिले को 20 मिनट तक रोका था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

15000+ हिंसा की घटनाएँ, 40000+ हिंदू शिकार और 7000+ महिलाओं पर अत्याचार: याद है 2021 में बंगाल में क्या हुआ था जब लौटी थी...

आज जब बंगाल एक नए दौर की ओर बढ़ने को तैयार हो रहा है, तो 2021 की उन भयावह यादों को ताजा करना जरूरी है, ताकि वर्तमान परिवर्तन की अहमियत को समझा जा सके।

अहमदाबाद में ‘ग्रीन बेल्ट’ बढ़ाने की तैयारी में है कॉन्ग्रेस? हिंदू बहुल इलाकों में मुस्लिम उम्मीदवार उतारने के फैसले ने गुजरात की राजनीति में...

अहमदाबाद के हिंदू बहुल इलाकों में मुस्लिम उम्मीदवार उतारने पर कॉन्ग्रेस की रणनीति सवालों में, चुनाव नतीजों के बाद बढ़ी राजनीतिक बहस।
- विज्ञापन -