Homeराजनीतिकॉन्ग्रेस में हार का ठीकरा अपने सर फोड़ने की प्रतियोगिता, विवेक तन्खा सबसे आगे

कॉन्ग्रेस में हार का ठीकरा अपने सर फोड़ने की प्रतियोगिता, विवेक तन्खा सबसे आगे

विवेक तन्खा ने पार्टी के अन्य नेताओं से भी इस्तीफा देने की अपील करते हुए ट्वीट किया, “हम सभी को पार्टी पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए और राहुल जी को अपनी टीम चुनने के लिए छूट देनी चाहिए।"

कॉन्ग्रेस नेता विवेक तन्खा ने गुरुवार (जून 27, 2019) रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया। तन्खा पार्टी में लॉ, आरटीआई और एचआर डिपार्टमेंट के चेयरमैन थे। अपने इस्तीफे का ऐलान करते हुए उन्होंने पार्टी के अध्यक्ष राहुल गाँधी से अपील की है कि वो अपने मन मुताबिक टीम चुनें। तन्खा ने ट्विटर पर लिखा, “राहुल जी पार्टी को पुनर्जीवित करने और फाइटिंग फोर्स बनाने के लिए कठोर बदलाव करें। आपके अंदर प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प है। बस एक अच्छी, स्वीकार्य और प्रभावशाली देशव्यापी टीम को तैयार करें। मैं सभी परिस्थितियों में आपके साथ हूँ।”

इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के अन्य नेताओं से भी इस्तीफा देने की अपील करते हुए ट्वीट किया, “हम सभी को पार्टी पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए और राहुल जी को अपनी टीम चुनने के लिए छूट देनी चाहिए। मैं इस संदर्भ में कमलनाथ के बयान का स्वागत करता हूँ। मैं कॉन्ग्रेस के विधि आरटीआई व एचआर विभाग के प्रमुख पद से इस्तीफा देता हूँ। पार्टी लंबे समय तक गतिरोध नहीं झेल सकती।”

गौरतलब है कि, लोकसभा चुनाव 2019 में कॉन्ग्रेस के हार के बाद राहुल गाँधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन पार्टी ने उनके इस्तीफे को अस्वीकार कर दिया । इसके बाद राहुल गाँधी ने बुधवार (जून 26, 2019) को राहुल गाँधी ने कहा कि वो अपने इस्तीफे का फैसला किसी भी हालत में नहीं बदलेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि उनके इस्तीफे की बात के बाद भी किसी मुख्यमंत्री, महासचिव या प्रदेश अध्यक्षों ने हार की जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा नहीं दिया। जिसके बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की।

इससे पहले, विवेक तन्खा ने प्रयागराज में हुए विकास को लेकर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की प्रशंसा की थी। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा था कि कुछ दिन पहले उन्हें प्रयागराज जाने का मौका मिला था। कुम्भ के कारण उसका रूप ही बदल गया। अच्छी सड़कें, फ़्लाइओवर, हवाईअड्डा, रेलवे स्टेशन सब कुछ बदला नजर आया। तन्खा ने लिखा कि प्रयागराज का प्रधानमंत्री ने कायाकल्प कर दिया है। उन्होंने कहा कि जबलपुर को भी ऐसे कायाकल्प की जरूरत है और पीएम मोदी से जबलपुर को भी कुछ ऐसी ही अपेक्षा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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