Homeदेश-समाजआंध्र के जिस 'जिन्ना टॉवर' पर 26 जनवरी को नहीं फहराने दिया तिरंगा, वह...

आंध्र के जिस ‘जिन्ना टॉवर’ पर 26 जनवरी को नहीं फहराने दिया तिरंगा, वह राष्ट्रीय ध्वज के रंग में रंगा: नाम कब बदलेगा

भाजपा प्रदेश इकाई के नेताओं ने इस टॉवर का नाम बदलने की माँग करते हुए कहा था कि 75 साल बाद भी एक ‘गद्दार’ के नाम पर टॉवर का नाम होना देश का अपमान है।

आंध्र प्रदेश के गुंटूर में है ‘जिन्ना टॉवर’ (Jinnah Tower)। इसका नाम बदलने की माँग की जा रही है। गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी 2022 को इस टॉवर पर तिरंगा फहराने की कोशिश कर रहे हिंदू वाहिनी के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। अब इस टॉवर को राष्ट्रीय ध्वज के रंग में रंग दिया गया है। इस पर तिरंगा फहराने की व्यवस्था भी की जा रही है।

26 जनवरी को हाथ में तिरंगा लिए हिंदू वाहिनी के सदस्यों को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग भी किया था। टॉवर के चारों ओर बैरियर लगा दिए गए थे भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगा रहे इन लोगों को बल प्रयोग कर रोकने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। नेटिजन्स ने इस पर आक्रोश जताया था। विवाद बढ़ने पर राज्य की सत्ताधारी पार्टी वाईएसआर कॉन्ग्रेस (YSRCP) के विधायक मोहम्मद मुस्तफा कहा है, “विभिन्न समूहों के अनुरोध पर टॉवर को तिरंगे से सजाने और उसके पास राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए एक पोल बनाने का फैसला लिया गया है।”

बताया जा रहा है कि गुरुवार (3 फरवरी 2022) को यहाँ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। मुस्तफा ने बताया “बड़े मुस्लिम नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। आजादी मिलने के बाद कुछ मुस्लिम देश छोड़कर पाकिस्तान में बस गए। लेकिन, हम अपने देश में भारतीय के रूप में बने रहना चाहते हैं और हम अपनी मातृभूमि से प्यार करते हैं।”

उल्लेखनीय है कि इस मामले में भाजपा की आंध्र प्रदेश इकाई ने पिछले दिनों गुंटूर नगर निगम आयुक्त चल्ला अनुराधा को एक ज्ञापन भी सौंपा था। इसमें टॉवर का नाम पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के नाम पर रखने की माँग उठाई गई थी। भाजपा प्रदेश इकाई के नेताओं ने इस टॉवर का नाम बदलने की माँग करते हुए कहा था कि 75 साल बाद भी एक ‘गद्दार’ के नाम पर टॉवर का नाम होना देश का अपमान है।

भाजपा नेताओं ने माँग की थी कि सरकार को जिन्ना टॉवर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना चाहिए और उसका नाम अब्दुल कलाम टॉवर रखना चाहिए। भाजपा जिलाध्यक्ष पी रामकृष्ण ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने कदम नहीं उठाया तो वे 5 फरवरी तक जिन्ना टॉवर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएँगे। बीजेपी नेताओं और हिंदू संगठनों की माँग और धमकी के बाद, जीएमसी ने टावर को सुरक्षा प्रदान करने के लिए जिन्ना टॉवर के चारों ओर लोहे की जाली लगाकर पुलिस चौकी बनाई दी गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ा था?’: राहुल गाँधी-संदीप दीक्षित की PM मोदी और इटली की प्रधानमंत्री को लेकर घटिया टिप्पणी, कॉन्ग्रेस का महिला-विरोधी चेहरा...

राहुल गाँधी ने PM मोदी की विदेश नीति का मजाक उड़ाते हुए संदीप दीक्षित को गले लगाया। इसके बाद दीक्षित ने मेलोनी को लेकर भद्दी टिप्पणी की।

नदी जोड़ो मेगा प्रोजेक्ट Part II: बुंदेलखंड को केन-बेतवा रिवर लिंक परियोजना की सबसे ज्यादा जरूरत क्यों?

भारत सरकार ने राज्यसभा में कहा कि भारत के अतिमहत्वाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना में शीर्ष पर केन-बेतवा नदी लिंक प्रोजेक्ट है।
- विज्ञापन -