Homeराजनीति'दुर्जनों पर बुलडोजर चलते रहना चाहिए, विकास की स्पीड तेज होगी': सीएम योगी आदित्यनाथ...

‘दुर्जनों पर बुलडोजर चलते रहना चाहिए, विकास की स्पीड तेज होगी’: सीएम योगी आदित्यनाथ ने 300+ का बताया फॉर्मूला

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की लोकप्रियता का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और अब यह लड़ाई 80 और 20 की है। 80 में भाजपा और 20 फीसदी में बाकी सभी हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से लेकर किसान कर्जमाफी तक जनता भाजपा की कल्याणकारी योजनाओं को महसूस कर रही है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Election-2022) के मद्देनजर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Aadityanath) ने शुक्रवार (4 फरवरी) को गोरखपुर की सदर सीट से अपना चुनावी नामांकन दाखिल किया। इसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर से माफियाओं को चेतावनी देते हुए कहा है कि विकास के साथ बुलडोजर चलता रहेगा। विकास सज्जनों का होगा, लेकिन दुर्जनों पर तो बुल़डोजर ही चलेगा।

न्यूज 18 को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में सीएम योगी ने गोरखपुर से ही चुनाव लड़ने के पीछे की वजह का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश उनके लिए अपरिचित नहीं है। उन्होंने कहा, “पार्टी ने चुनाव लड़ने के बारे में मुझसे पूछा था, लेकिन मैंने ये फैसला पार्टी पर ही छोड़ दिया था। अब पार्टी ने ही मुझे गोरखपुर से नामांकन भरने का मौका दिया है।”

सीएम योगी ने यह भी बताया कि भाजपा आखिर कैसे 300 का जादुई आँकड़ा पार करेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में भाजपा की लोकप्रियता का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और अब यह लड़ाई 80 और 20 के अनुपात की हो गई है। 80 में भाजपा और 20 फीसदी में बाकी सभी हैं। सीएम योगी का मानना है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से लेकर किसान कर्जमाफी तक जनता भाजपा की कल्याणकारी योजनाओं को महसूस कर रही है और इसी के आधार पर वह कह सकते हैं कि बीजेपी 300 के पार होगी।

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) औऱ कॉन्ग्रेस (Congress) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2017 में दो लड़कों की जोड़ी आई और 2019 में बुआ और बबुआ, लेकिन यूपी की जनता ने इनके गठबंधन को रिजेक्ट कर दिया।

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम योगी ने गोरखपुर में कहा कि अगर विकास चलेगा तो विकास के साथ-साथ बुलडोज़र भी चलना चाहिए। दोनों का एक दूसरे के साथ संबंध है। विकास सज्जनों के लिए हैं और बुलडोजर दुर्जनों के लिए है। जब दोनों एक साथ चलेंगे तो विकास की स्पीड कई गुना ज़्यादा दिखाई देगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -