Homeदेश-समाजपति-बेटी के सामने की महिला से रेप की कोशिश, फेंका तेज़ाब: अनवर, जियाउल, इंजमाम,...

पति-बेटी के सामने की महिला से रेप की कोशिश, फेंका तेज़ाब: अनवर, जियाउल, इंजमाम, आतिफ पर FIR, बड़ी बेटी का कर चुके हैं अपहरण-रेप

पीड़िता ने खैरा पुलिस स्टेशन में मोहम्मद अनवर अंसारी, मोहम्मद जियाउल अंसारी, मोहम्मद इंजमाम अंसारी, मोहम्मद आतिफ उर्फ गोल्डन और उसके दूसरे दोस्तों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।

बिहार के जमुई से दिल दहला देने वाली खबर आई है। पहले महिला की बेटी के साथ रेप आरोपितों ने रेप किया और फिर उसकी माँ के साथ भी रेप करने की कोशिश की। लेकिन, जब रेप करने में वो सफल नहीं हो पाए तो उसके ऊपर एसिड से हमला कर दिया। हालाँकि, महिला बाल-बाल बच गई, लेकिन उसकी साड़ी पर एसिड पड़ने से वो जल गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना बिहार के जमुई जिले के खैरा थाने के अंतर्गत आने वाले एक गाँव की है। पीड़िता ने खैरा पुलिस स्टेशन में मोहम्मद अनवर अंसारी, मोहम्मद जियाउल अंसारी, मोहम्मद इंजमाम अंसारी, मोहम्मद आतिफ उर्फ गोल्डन और उसके दूसरे दोस्तों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि रविवार (20 फरवरी 2022) की देर शाम को अपने पति और छोटी बेटी के साथ दोपहिया से अपने घर जा रही थी। लेकिन गाँव पहुँचने से पहले ही रास्ते में इन आरोपितों ने उसका रास्ता रोक लिया और उसके पति के साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपित पति और बेटी के सामने ही महिला से रेप करने के लिए उसे सड़क के नीचे ले गए। वो महिला से रेप करने की कोशिशें कर थे, लेकिन महिला की चीख-पुकार के कारण वो इसमें असफल रहे।

इस बीच मुस्लिम आरोपितों ने महिला के सिर पर बंदूक सटाकर उसके साथ रेप करने की कोशिश की, लेकिन उधर से ही एक ट्रैक्टर निकला और उसकी लाइट पड़ते ही आरोपितों ने छिपने की कोशिश की। इस दौरान मौका पाकर महिला अपने पति और बेटी के साथ वहाँ से भाग निकली। पीछे से आरोपितों ने उस पर तेजाब फेंका, जो कि उसकी साड़ी पर पड़ा, जिससे वो जल गई।

दो महीने पहले बेटी का भी किया था अपहरण

ये वही आरोपित थे, जिन्होंने दो महीने पहले महिला की बड़ी बेटी का अपहरण कर उसके साथ रेप किया था। इस मामले में मोहम्मद ताजुद्दीन समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस मामले में अपहरण और रेप का केस दर्ज है। बड़ी बेटी अभी भी आरोपितों के ही कब्जे में है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मदरसा वेतन विधेयक’ को योगी सरकार ने लिया वापस, मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए अखिलेश 2016 में लाए थे बिल: जानिए क्या थे इसके प्रावधान...

योगी सरकार ने 'मदरसा वेतन विधेयक' वापस लिया। 10 साल पहले राष्ट्रपति और राज्यपाल ने भी इस बिल को मंजूरी नहीं दी थी। जानें- इसके बारे में सबकुछ

PM मोदी की ‘लोकल’ अपील से वैश्विक बाजार तक: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर जानिए भारत के बुनकरों और हथकरघा उद्योग की पूरी कहानी

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 पर जानिए हथकरघा उद्योग की विरासत, सरकारी योजनाएँ, बुनकरों का योगदान और वैश्विक बाजार में बढ़ती पहचान।
- विज्ञापन -