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‘पूरे यूक्रेन पर कब्जा करना चाहता है रूस’: पुतिन से बातचीत के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति, रूसी सेना ने राजधानी कीव को चारों तरफ से घेरा, खेरसॉन पर कब्जा

भारत ने पोलैंड के रास्ते यूक्रेन में दवाइयों और अन्य राहत सामग्री की पहली खेप भेजी। UNHRC में भारत ने कहा कि दोनों को शत्रुता खत्म कर संवाद और कूटनीति से रास्ता तलाशना चाहिए।

रूस और यूक्रेन (Russia-Ukraine War) के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। गुरुवार (3 मार्च 2021) को दोनों देशों के बीच बेलारूस में जारी दूसरे दौर के वार्ता के बीच रूस ने यूक्रेन पर जबरदस्त हमला किया। राजधानी कीव को रूसी सैनिकों ने चारों तरफ से घेर लिया है और वहाँ के सेंट्रल रेलवे स्टेशन को उड़ा दिया है। चेर्निहाइव पर हमले में 9 लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं, भारत ने दोनों देशों से शत्रुता समाप्त करने का आग्रह किया है।

इधर यूक्रेन की संसद ने देश में रूस या रूस के नागरिकों की संपत्ति को जब्त करने की अनुमति दे दी है। राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने इसका फैसला लिया था और यूक्रेन की संसद ने इसकी मंजूरी दे दी।

तनाव को देखते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने रूस के राष्ट्रपति व्लामिदीर पुतिन से लगभग डेढ़ घंटे तक बातचीत की। मैक्रों ने आशंका जताई है कि रूस की नियत यूक्रेन पर पूरी तरह कब्जा करने की है और वहाँ के हालात और बदतर हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी एएफपी ने फ्रांस के राष्ट्रपति के सहायक के हवाले से यह जानकारी दी है।

यूक्रेन में कई जगहों पर रूस का कब्जा

यूक्रेन पर आठवें दिन भी रूस का हमला जारी है और वह लगातार बमबारी कर रहा है। चेर्निहाइव शहर में रूस द्वारा किए गए हमले में 9 लोगों के मारे जाने की खबर है। रूसी सेना ने अपने आक्रामक हमले में यूक्रेन की राजधानी कीव को चारों तरफ से घेर लिया है और कीव के सेंट्रल रेलवे स्टेशन को उड़ा दिया है।

खबर यह भी आ रही है कि रूसी सेना ने खेरसॉन शहर पर भी कब्जा कर लिया है। रूस ने यूक्रेन के एक प्रमुख बंदरगाह पर नियंत्रण कर लिया है। यूक्रेनी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि रूसी सैनिकों ने काला सागर बंदरगाह के सरकारी मुख्यालय पर कब्जा कर लिया है।

शत्रुता समाप्त करें दोनों देश: भारत

भारत ने एक बार फिर दोनों देशों से शांति की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 49वें सत्र में बोलते हुए भारत ने कहा कि दोनों देशों को अपनी शत्रुता समाप्त कर शांति बहाली की दिशा में कदम बढ़ानी चाहिए।

हिंसा को तत्काल समाप्त करने का आग्रह करते हुए भारत ने कहा कि मानव जीवन की कीमत पर कोई समाधान हासिल नहीं किया जा सकता। आपसी मतभेदों को निपटाने का एकमात्र साधन संवाद और कूटनीति है। भारत ने हालात को देखते हुए यूक्रेन में मानवीय सहायता की पहली खेप भेज दी है। भारत ने पोलैंड के रास्ते दवाओं और अन्य राहत सामग्री खेप यूक्रेन को भेजी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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