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ऐसे पागल कुत्तों के लिए क़ानून कब बनेगा: हिंदू-विरोधी TikTok वीडियो पर चैंपियन रेसलर योगेश्वर दत्त को आया गुस्सा

“ऐसे पागल कुत्तों के लिए क़ानून कब बनेगा अगर अभी इनका अच्छे से इलाज नहीं हुआ तो आने वाले कुछ सालों में देश के हालात बहुत बिगड़ने वाले हैं। समय रहते हालात को ठीक करना बहुत ज़रूरी है।”

2012 के लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक, 2014 में कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में गोल्ड पदक जीत कर अपनी उपलब्धि के जरिए कई बार देश का नाम रौशन करने वाले रेसलर योगेश्वर दत्त ने वायरल हो रहे एक टिक-टॉक वीडियो पर ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “ऐसे पागल कुत्तों के लिए क़ानून कब बनेगा अगर अभी इनका अच्छे से इलाज नहीं हुआ तो आने वाले कुछ सालों में देश के हालात बहुत बिगड़ने वाले हैं। समय रहते हालात को ठीक करना बहुत ज़रूरी है।”

कृपया ध्यान दें: नीचे के वीडियो में गालियाँ हैं, बहुत गंदी गालियाँ हैं। भावनाएँ आहत हो सकती हैं।

दरअसल, योगेश्वर दत्त ने मधुपूर्णिमा किश्वर के द्वारा ट्वीट किए गए एक वीडियो पर ये लिखा है। इस वीडियो में दो लड़के खुद को तबरेज अंसारी का ‘भाई’ और समर्थक बताते हुए हिंदुओं को गालियाँ दे रहे हैं। ये गालियाँ इतनी गंदी और भद्दी हैं कि उसे लिखा जाना संभव नहीं और शायद उचित भी नहीं है। गंदी-गंदी गालियों के साथ वो हिंदुओं को धमकी देते हुए कहते हैं, “भले ही सरकार तुम्हारी है, लेकिन हुकूमत हमारा चलता है। हमारी वजह से तुम्हारा हिंदुस्तान बसा हुआ है। तुम कितना भी कुछ कर लो, पलड़ा हम मुस्लिमों का ही भारी है और अगर हम अपने पर आ गए, तो तुम्हारे घर के बच्चों को भी नहीं छोड़ेंगे।”

योगेश्वर दत्त जैसे महान और सम्मानित खिलाड़ी के द्वारा किसी के लिए ‘पागल कुत्ता’ लिखना अजीब लगता है और उन्हें ये शोभा भी नहीं देता है। हालाँकि, इस बात की समझ उन्हें भी है, मगर इतना सम्मानित इंसान अगर इस तरह की भाषा का प्रयोग करता है तो निश्चित ही इसके पीछे बड़ी वजह है। वीडियो को देखने के बाद यह समझना आसान है कि कोई क्यों इतने गुस्से में इस तरह की भाषा लिखने को मजबूर हुआ! उनके ट्वीट के शब्दों से साफ जाहिर हो रहा है कि उनके भीतर इन जैसे अराजक तत्वों को लेकर इतना ज्यादा गुस्सा और आक्रोश भरा हुआ है कि वो खुद को ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने के लिए रोक नहीं सके।

मधुपूर्णिमा किश्वर ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को टैग करते हुए ये वीडियो शेयर किया है। उन्होंने लिखा है कि  इस तरह की घटिया मानसिकता भारत में मदरसा में प्रशिक्षित किए गए समुदाय विशेष के बीच आम बात है। किश्वर का कहना है कि लड़कों ने जो कुछ भी कहा है, वो सीधे सीधे भाजपा और आरएसएस के नेताओं को संबोधित किया गया है। मजहब विशेष के इन दो लड़कों का मानना है कि उनका जन्म हिंदुओं पर शासन करने के लिए ही हुआ है। किश्वर ने इस वीडियो की तरफ प्रधानमंत्री का ध्यान दिलाने की कोशिश की, ताकि वो इस पर संज्ञान ले सकें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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