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दुनिया के सामने अमेरिका ने चीन से ताइवान को बचाने का किया ऐलान, लोगों ने याद दिलाया- US ने समय आने पर यूक्रेन के साथ क्या किया

"वन चाइना पॉलिसी को लेकर सहमत हैं, लेकिन किसी भी क्षेत्र पर यदि चीन की ओर से जबरन कब्जा किया जाता है तो फिर उसका जवाब दिया जाएगा।"

जापान में आयोजित होने जा रहे क्वाड समिट से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बॉयडेन ने चीन को धमकी दी है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर ड्रैगन को चेताते हुए कहा कि यदि चीन ने ताइवान पर हमला किया तो अमेरिका ताइवान की सैन्य मदद करेगा। हालाँकि, यहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति दुनिया के सामने ताइवान को बचाने का ऐलान करते नजर आ रहे हैं। यह वैसा ही कुछ मामला है जैसा बयान अमेरिका ने रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के समय दिया था। सोशल मीडिया पर लोग याद दिला रहे हैं कि ऐसे ही समय आने पर अमेरिका ने यूक्रेन के साथ क्या किया था।

जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन को धमकी देते हुए कहा कि चीन खतरे से खेलने का प्रयास कर रहा है। मीडिया को सम्बोधित करते हुए जो बाइडेन ने कहा कि यह हमारा कमिटमेंट है कि ताइवान की रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा, “वन चाइना पॉलिसी को लेकर सहमत हैं, लेकिन किसी भी क्षेत्र पर यदि चीन की ओर से जबरन कब्जा किया जाता है तो फिर उसका जवाब दिया जाएगा।”

अमेरिकी राष्ट्रपति के इस चेतावनी के बाद सोशल मीडिया पर लोग पूछते नजर आ रहे हैं। समवर नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “यूक्रेन को बुरी तरह तबाह करने के बाद अब ताइवान की बारी है। क्या अब वह एक नया युद्ध शुरू करने की तैयारी है। क्या अगला निशाना ताइवान है?”

किसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर तंज कस्ते हुए लिखा है, “बायडेन ऐसा कर सकते हैं हमने अफगानिस्तान और यूक्रेन में देखा ही है।”

वहीं सोशल मीडिया पर किसी ने इसे वॉर मोंगरिंग कहते हुए ऐसे युद्दों की पूरी लिस्ट ही जारी कर दी।

बाबो नाम के किसी अंडरग्राउंड पत्रकार ने ट्विटर पर लिखा, “यदि ताइवान सैन्य रूप से अमेरिका पर निर्भर है, तो इसका भी अंत वियतनाम की तरह होगा। हम बीजिंग-वाशिंगटन समझौते में बस बलि का बकरा थे।”

बायडेन ने कहा, “हम वन चाइना पॉलिसी से सहमत हैं। हमने उस पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन बलपूर्वक कुछ भी हथियाने का काम चीन करता है तो वह अच्छा नहीं होगा। इससे पूरे क्षेत्र में अशांति होगी और यहाँ भी वैसा ही ऐक्शन होगा, जैसा यूक्रेन में लिया जा रहा है।”

इस तरह से देखा जाए तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह साफ कर दिया कि कैसे पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को मदद की है और इसके चलते रूस को बड़ा झटका लगा है। वहीं अब इस उथल-पुथल के बीच यदि चीन की ओर से ताइवान को लेकर हमले जैसी स्थिति पैदा की जाती है तो फिर उसके खिलाफ भी ऐसा ही ऐक्शन लिया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “यह महत्वपूर्ण है कि यूक्रेन में बर्बरता की कीमत व्लादिमीर पुतिन को चुकानी होगी। रूस को लंबे वक्त तक इसकी कीमत अदा करनी होगी।”

जो बायडेन ने यह भी कहा, “यह बात सिर्फ यूक्रेन को लेकर ही नहीं है। चीन भी यह देख रहा है कि कैसे पश्चिमी देशों के दखल के चलते रूस को पीछे हटना पड़ा है। चीन को इससे ज्यादा क्या संकेत दिया जा सकता है कि यदि उसने ताइवान पर हमला किया तो फिर क्या कीमत चुकानी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि चीन के पास यह अधिकार नहीं है कि वह ताइवान पर जबरन कब्जा कर ले।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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