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जिस नेशनल लेवल शूटर की हत्या में गिरफ्तार हुई HC जज की बेटी, उससे ही था अफेयर: जिस पार्क में मिलने बुलाया वहीं मारी गई थी गोली

CBI के मुताबिक कल्याणी ने सिद्धू को चंडीगढ़ के सेक्टर-27 के एक पार्क में मिलने के लिए बुलाया। यहीं उसने एक अन्य हमलावर के साथ मिलकर गोली मार उसकी हत्या कर दी। सिप्पी को 12 बोर की बंदूक से 4 गोलियाँ मारी गई थी।

तारीख थी 20 सितंबर 2015। चंडीगढ़ के एक पार्क में गोलियाँ चली। राष्ट्रीय स्तर के एक शूटर की मौत हो गई। यह शूटर थे सुखमनप्रीत सिंह सिद्धू उर्फ सिप्पी सिद्धू। हत्या के इस मामले (Sippy Sidhu Murder Case) में करीब सात साल बाद कल्याणी सिंह नाम की एक महिला को गिरफ्तार किया गया है।

कल्याणी हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट की मौजूदा कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सबीना की बेटी हैं। यह बात भी सामने आई है कि कल्याणी का सिप्पी से अफेयर चल रहा था। उसने सिप्पी को पार्क में मिलने के बहाने बुलाया था और उसकी हत्या करवा दी। 35 साल के सिद्धू कॉरपोरेट वकील भी थे और हत्या से दो दिन पहले ही कनाडा से लौटे थे

CBI ने आरोपित कल्याणी सिंह की रिमांड के लिए IPC की धारा 167 के तहत दायर आवेदन में इसका खुलासा किया है। इसमें कहा गया है कि सिद्धू और कल्याणी रिश्ते में थे। दोनों शादी करना चाहते थे ,लेकिन सिद्धू के माता-पिता ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। इस बीच, सिद्धू ने कल्याणी की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें उसके माता-पिता और दोस्तों को लीक कर दीं, जिससे उसके परिवार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी।

CBI के मुताबिक, इसके बाद कल्याणी ने सिद्धू को चंडीगढ़ के सेक्टर-27 के एक पार्क में मिलने के लिए बुलाया। यहीं उसने 20 सितंबर 2015 को एक अन्य हमलावर के साथ मिलकर गोली मार उसकी हत्या कर दी। सिप्पी को 12 बोर की बंदूक से 4 गोलियाँ मारी गई थी।

2016 में सीबीआई को ट्रांसफर किया गया केस

सिप्पी सिद्धू की हत्या के केस को जनवरी 2016 में CBI को ट्रांसफर किया गया था। जाँच के दौरान एजेंसी को इसमें किसी महिला की संलिप्तता का संदेह हुआ। इस संबंध में सुराग देने वाले को 5 लाख का इनाम देने की घोषणा सीबीआई ने सितंबर 2016 में की। इस संबंध में अखबार में प्रकाशित विज्ञापन में कहा गया था, “यह मानने का कारण है कि हत्या के समय एक महिला सिप्पी के हत्यारे के साथ थी। उक्त महिला को भी आगे आकर निर्दोष होने पर संपर्क का मौका दिया जा रहा है। अन्यथा मान लिया जाएगा कि वह अपराध में शामिल थी।”

फिर भी सुराग नहीं मिलने पर एजेंसी ने दिसंबर 2021 में इनाम राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दी। बावजूद हाथ खाली ही रहे। फिर सीबीआई ने 2020 में कोर्ट में ‘अनट्रेस्ड रिपोर्ट’ दायर करते की जो खारिज कर दिया गया। 7 दिसंबर 2020 को अदालत से कल्याणी सिंह की भूमिका की जाँच की अनुमति माँगी गई। उसी साल 14 दिसंबर को इसकी अनुमति मिलने के बाद अब सीबीआई ने कल्याणी सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। कल्याणी सिंह चंडीगढ़ के सेक्टर-42 स्थित एक कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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