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अग्निवीर के लिए मोदी सरकार ने बढ़ाई उम्र की सीमा, पहली बार 23 साल तक के युवाओं को मौका: अग्निपथ पर हिंसा-आगजनी को लेकर बोले जनरल वीके सिंह- ये सेना में जाने योग्य नहीं

अग्निपथ के तहत साढ़े 17 साल से लेकर 21 वर्ष तक के युवाओं की तीनों सेनाओं के लिए भर्ती की जाएगी। इसमें प्रशिक्षण समेत कुल सेवा अवधि 4 वर्षों की होगी।

केंद्र की मोदी सरकार ने गुरुवार रात (16 जून 2022) अग्निपथ योजना (Agneepath Scheme) को लेकर बड़ा फैसला लिया। सरकार ने अग्निवीरों की भर्ती की अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी है। योजना के लिए उम्र सीमा 17 से 21 वर्ष निर्धारित की गई है, लेकिन रक्षा मंत्रालय ने इसमें आंशिक बदलाव करते हुए पहली बार के लिए अधिकतम आयु सीमा 23 साल कर दी है। यानी, युवाओं को अधिकतम आयु सेवा में दो साल छूट का यह फायदा सिर्फ पहले साल में ही मिलेगा। उल्लेखनीय है कि कोरोना वैश्विक महामारी के कारण पैदा हालातों की वजह से सेना में भर्ती दो साल से रुकी हुई थी।

केंद्र सरकार ने मंगलवार (14 जून 2022) अग्निपथ योजना की घोषणा थी। इस योजना के खिलाफ देश के कई राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। बिहार, यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में जबरदस्त विरोध हो रहा। बिहार में प्रदर्शनकारियों ने 5 ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया। हरियाणा के पलवल में प्रदर्शनकारियों ने DC पर पथराव किया और पुलिस की 5 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। नेशनल हाइवे को कब्जे से मुक्त कराने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोल छोड़ने पड़े और हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी।

हिंसक घटनाओं के बाद केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने कहा कि वह आगज़नी करने वालों को सेना में जाने के योग्य नहीं मानते हैं? उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इस तरह से चिल्लाने वाले, हिंसक प्रदर्शन करने वाले सेना के लिए फिट हैं। अगर मुझे इनकी भर्ती का कार्य सौंपा होता, तो मैं इनमें से किसी को भी नहीं लेता। योजना को कम से कम जमीन पर तो लाने दीजिए।”

क्या है अग्निपथ योजना

भारत सरकार ने दशकों पुरानी सेना भर्ती प्रक्रिया में परिवर्तन करते हुए थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी अग्निपथ योजना की घोषणा की। ‘अग्निपथ योजना’ के जरिए देश के युवाओं को ‘अग्निवीर’ बन कर नौकरी और देशसेवा, दोनों का अवसर मिलेगा। इसके तहत साढ़े 17 साल से लेकर 21 वर्ष तक के युवाओं की तीनों सेनाओं के लिए भर्ती की जाएगी, लेकिन अब सरकार ने पहली बार के लिए अधिकतम उम्र सीमा को 21 से बढ़ाकर 23 कर दी है। इसमें प्रशिक्षण समेत कुल सेवा अवधि 4 वर्षों की होगी। सम्बंधित सेवा अधिनियम एवं विनियम के तहत ये बहाली होगी। इसके लिए पारदर्शी, स्वचालित और केंद्रीकृत चयन प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा।

ये योजना पूरे देश के लिए होगी, जिसमें सभी वर्गों को मौका मिलेगा। अग्निवीरों के केंद्रीकृत डेटा एवं रिकार्ड्स रखे जाएँगे। हालाँकि, सम्बंधित पद के लिए इन ‘अग्निवीरों’ को मेडिकल शर्तों को पूरा करना होगा। उन्हें ‘रेगुलर कैडर’ में नामांकन का मौका भी मिलेगा। हर एक बैच के 25% ‘अग्निवीरों’ को भारतीय सेना के ‘रेगुलर कैडर’ के लिए चुना जाएगा। उन्हें पहले वर्ष में 4.76 लाख रुपए का सालाना वेतन मिलेगा, जो अंतिम वर्ष में बढ़ कर 6.92 लाख रुपए हो जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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