Homeराजनीतिआमिर खान को किसी की भावनाएँ आहत करने की इजाजत नहीं... भारतीय परंपराओं को...

आमिर खान को किसी की भावनाएँ आहत करने की इजाजत नहीं… भारतीय परंपराओं को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने से भावनाएँ आहत: नरोत्तम मिश्रा

"विज्ञापनों और फिल्मों में भारतीय परंपराओं और रीति-रिवाजों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने से धार्मिक भावनाएँ आहत होती हैं। आमिर खान को किसी की भी भावनाएँ आहत करने की इजाजत नहीं है।"

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान अपने नए विज्ञापन को लेकर विवादों में हैं। इस विज्ञापन में उनके साथ अभिनेत्री कियारा आडवाणी भी हैं। सोशल मीडिया पर इसका जमकर विरोध हो रहा है। इसी बीच मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस विज्ञापन को लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला बताया है। उन्होंने आमिर खान को भारतीय परंपराओं को ध्यान में रखकर विज्ञापन करने की सलाह दी है।

नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने बुधवार (12 अक्टूबर 2022) को कहा, “मैंने भी आमिर खान को एक निजी बैंक का विज्ञापन करते हुए देखा। इसके बारे में शिकायत मिलने के बाद ही मैंने इसे देखा। आमिर खान के इस तरह के भारतीय परंपरा, रीति-रिवाजों और देवी-देवताओं को लेकर विज्ञापन लगातार सामने आते रहे हैं। मैं इसे ठीक नहीं मानता हूँ।”

उन्होंने आगे कहा, “विज्ञापनों और फिल्मों में भारतीय परंपराओं और रीति-रिवाजों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने से धार्मिक भावनाएँ आहत होती हैं। फिल्म अभिनेता आमिर खान जी को भारतीय परंपराओं और रीति-रिवाजों को ध्यान में रखकर विज्ञापन करना चाहिए। उन्हें किसी की भी भावनाएँ आहत करने की इजाजत नहीं हैं।”

जिस विज्ञापन पर बवाल चल रहा है, अब उसकी बात। एक बैंक के विज्ञापन में दिखाया गया है कि एक गाड़ी में दूल्हा (आमिर खान) और दुल्हन (कियारा आडवाणी) बिदाई के बाद घर जा रहे हैं। इस दौरान आमिर खान कहते हैं कि ये पहली बिदाई है, जिसमें लड़की नहीं रोई।

इसके बाद विज्ञापन का अगला सीन गृह प्रवेश का है। यहाँ आमिर पूछते हैं अंदर पहले कौन जाएगा? कियारा जवाब देती हैं कि जो नया है वो। आमिर कहते हैं यानी ‘मैं’। आगे गृह प्रवेश होता है और लड़की की जगह आमिर को घर में प्रवेश करते दिखाया जाता है।

आखिर में संदेश दिया जाता है – “सदियों से जो प्रथा चलती आ रही है, वो चलती है क्यों? तभी तो हम सवाल पूछते हैं बैंकिंग की हर प्रथा से ताकि आपको मिले बेस्ट सर्विस- AU बैंक- बदलाव हमसे है।”

इसको लेकर सोशल मीडिया पर यूजर्स ने पूछा कि आखिर ऐसे विज्ञापन निकाह और हलाला जैसे मुद्दों पर क्यों नहीं बनाए जाते? हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों को गलत दिखाने की क्या होड़ है? आमिर खान तीन तलाक और हलाल में बदलाव पर कब बात करेंगे?

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘फोर्स्ड लेबर’ के नाम पर भारत पर 12.5% टैरिफ का USTR प्रस्ताव: क्या सुप्रीम कोर्ट से झटका खाने के बाद ट्रंप खोज रहे नया...

USTR ने भारत सहित कई देशों पर नए टैरिफ का प्रस्ताव दिया है। भारत ने कहा कि प्रक्रिया जारी है और फैसला अभी बाकी है।

टिंडर से दोस्ती, ₹50 लाख की फिरौती और हथौड़े से कत्ल: DU के छात्र आयुष नौटियाल की हत्या केस में इश्तियाक अली दोषी, पढ़ें-...

2018 के चर्चित आयुष नौटियाल मर्डर केस में कोर्ट ने इश्तियाक अली को दोषी करार दिया। पढ़ें अपहरण, फिरौती, हत्या और पुलिस जाँच की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -