Homeदेश-समाजएंबुलेंस VIP सेवा में थी, माता-पिता ने रेहड़ी पर बच्चे को अस्पताल पहुँचाया: पंजाब...

एंबुलेंस VIP सेवा में थी, माता-पिता ने रेहड़ी पर बच्चे को अस्पताल पहुँचाया: पंजाब की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, डॉक्टर ने कहा था- खुद करो इंतजाम

अस्पताल में एक 20 साल के लड़के की तबीयत बिगड़ने पर उसे चंडीगढ़ रेफर किया गया। लेकिन जब परिवार ने एंबुलेंस ढूँढनी शुरू की तो उन्हें कोई एंबुलेंस नहीं मिली। अंतत: बेटे की जान बचाने के लिए बुजर्ग पिता ने मोटर रेहड़ी चलाई और माँ ग्लूकोज की बोतल लेकर पीछे बैठे रही।

चुनाव जीतने के लिए आम आदमी पार्टी जो वादे करती है उसमें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा सबसे ऊपर होता है। हालाँकि चुनाव जीतने के बाद हाल क्या होता है इसकी एक तस्वीर डेराबस्सी से सामने आई है जहाँ सिविल अस्पताल में एंबुलेंस सुविधा न मिलने के कारण माता-पिता अपने बेटे को रेहड़ी पर ले जाते दिखाई दिए।

घटना डेरीबस्सी की है। यहाँ सिविल अस्पताल में एक 20 साल के लड़के की तबीयत बिगड़ने पर उसे चंडीगढ़ रेफर किया गया। लेकिन जब परिवार ने एंबुलेंस ढूँढनी शुरू की तो उन्हें कोई एंबुलेंस नहीं मिली। अंतत: बेटे की जान बचाने के लिए बुजर्ग पिता अब्दुल वहीद ने मोटहर रेहड़ी चलाई और माँ ग्लूकोज की बोतल लेकर पीछे बैठे रही। रेहड़ी चलाते-चलाते ही दोनों माता-पिता बेटे को लेकर चंडीगढ़ के सेक्टर 31 पहुँचे और बेटे का इलाज कराया।

चंडीगढ़ पहुँचने के बाद पीड़ित पिता ने बताया कि उनके 20 साल के बेटे को कई दिनों से बुखार आ रहा था। इसलिए उन लोगों ने उसे डेराबस्सी के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। लेकिन डॉक्टरों ने उस पर ध्यान नहीं दिया। नतीजतन लड़के की प्लेटलेट केवल 20 हजार बचीं। हालात बिगड़ती देख सिविल अस्पताल ने उसे चंडीगढ़ रेफर किया। मगर वहाँ भेजने की व्यवस्था नहीं की।

अब्दुल ने खुद एंबुलेंस के नंबर पर फोन लगाया। उन्हें कहा गया कि अभी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हैं और जल्दी में कोई एंबुलेंस नहीं मिल पाएगी। 108 नंबर पर मनाही होने पर पिता मोटर रेहड़ी पर बेटे को चंडीगढ़ लाए। माँ ने लड़के के ग्लूकोज को पकड़ा। अब उसका इलाज वहीं चल रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ धर्मिंदर ने बताया कि शुक्रवार को 2 एंबुलेंस में से एक वीआईपी ड्यूटी पर थी। दूसरी एक मरीज को लेकर चंडीगढ़ गई थी। इसलिए अभिभावकों से कहा गया था कि वो एंबुलेंस की व्यवस्था खुद करें।

पंजाब की इस घटना पर तजिंदर पाल बग्गा ने ट्वीट किया है। ट्वीट में भाजपा नेता ने लिखा, “आम आदमी की सरकार में एंबुलेंस ‘वीआईपी ड्यूटी’ पर थी… इसलिए बेचारा पिता क्या करता, अपने बेटे को मरता तो छोड़ नहीं सकता था। इसलिए बाप ने रेहड़ी चलाई और माँ हाथ में ग्लूकोज लिए पीछे बैठी रही। ऐसे वो डेराबस्सी से चंडीगढ़ पहुँचे।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।

भारत में नदी जोड़ो परियोजना का भविष्य Part III: दुनिया में किन देशों ने सफलतापूर्वक किया रिवर लिंक प्रोजेक्ट का इस्तेमाल

भारत की नदी जोड़ो महा-योजना के तहत पूरे देश में कुल 30 अंतर-बेसिन जल स्थानांतरण (Inter-basin Water Transfer) लिंक प्रस्तावित किए गए हैं।
- विज्ञापन -