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छठी बार विधायक बने CM जयराम ठाकुर: क्या हिमाचल प्रदेश में BJP बदल देगी 32 सालों वाला पैटर्न या फिर 5 साल बाद लौटकर ही दम लेगी कॉन्ग्रेस

2003 के चुनाव में भी उससे पहले विपक्ष में रही कॉन्ग्रेस की जीत हुई थी और उसने वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाया था। 2007 के दिसंबर में हुए चुनावों में कॉन्ग्रेस हार गई और प्रेम कुमार धूमल के पास फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी पहुँच गई।

हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनावों का एक पैटर्न रहा है। पिछले 32 वर्षों से ये पैटर्न यूँ ही चला आ रहा है और इसे न तो भाजपा बदल पाई है और न ही कॉन्ग्रेस पार्टी। वो पैटर्न ये है कि 1990 से अब तक यहाँ कोई भी पार्टी लगातार दूसरी बार बहुमत प्राप्त करने में कामयाब नहीं हो पाई है। अंतिम बार यहाँ किसी पार्टी ने दोबारा बहुमत प्राप्त किया था, वो कॉन्ग्रेस ही थी। कॉन्ग्रेस पार्टी ने वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में 1982 और 1985 में ये कारनामा किया था।

लेकिन, 1990 से ये पैटर्न चालू हो गया और उस साल हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत के साथ ही दिग्गज नेता शांता कुमार मुख्यमंत्री बने। वो पहले भी लगभग ढाई वर्षों तक राज्य की कमान सँभाल चुके थे। हालाँकि, 1993 में भाजपा सत्ता में रहते हुए हार गई और लगभग एक वर्ष के राष्ट्रपति शासन के बाद 1993 में भाजपा की हार हुई थी और कॉन्ग्रेस ने वीरभद्र सिंह को फिर से मुख्यमंत्री बनाया था। 1998 में फिर से भाजपा की जीत हुई।

इस साल कॉन्ग्रेस पार्टी की हार के साथ ही प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री बने। पिछले 3 दशक से राज्य में वीरभद्र और धूमल व उनके परिवारों का दबदबा रहा है। धूमल के बेटे अनुराग सिंह ठाकुर फ़िलहाल केंद्र की मोदी सरकार में खेल एवं युवा मामलों के अलावा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भी सँभाल रहे हैं। वो BJYM के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। साथ ही वो चौथी बार सांसद भी बने हैं। इसी तरह 6 बार मुख्यमंत्री रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह सांसद हैं और उनके बेटे विधायक हैं।

2003 के चुनाव में भी उससे पहले विपक्ष में रही कॉन्ग्रेस की जीत हुई थी और उसने वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाया था। 2007 के दिसंबर में हुए चुनावों में कॉन्ग्रेस हार गई और प्रेम कुमार धूमल के पास फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी पहुँच गई। 2017 में कॉन्ग्रेस पार्टी फिर जीत गई और वीरभद्र सिंह अंतिम व छठी बार मुख्यमंत्री बने। 2017 के चुनावों में भाजपा जीती और जयराम ठाकुर पर भरोसा जताया गया। अब 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा हारती हुई दिख रही है।

चुनाव आयोग की वेबसाइट पर चल रहे आधिकारिक आँकड़ों की मानें तो कॉन्ग्रेस पार्टी फ़िलहाल 38 सीटों पर आगे चलती दिख रही है और ये बहुमत से 3 ज्यादा का आँकड़ा है। वहीं भाजपा 27 सीटों पर आगे चल रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सराज विधानसभा सीट से कॉन्ग्रेस के चेतराम ठाकुर को 20,000 से भी अधिक वोटों से पटखनी दे दी है और छठी बार विधायक बने हैं। शिमला ग्रामीण से वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य सिंह भी जीत गए हैं। ऐसे में फिर वही पैटर्न राज्य में दिख रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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