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‘दुबे सर इज वेटिंग… सब कुछ शांतिपूर्वक तरीके से होगा’: UP पुलिस की गाड़ी में अतीक अहमद, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़

अतीक अहमद के साबरमती जेल से निकलने के बाद उसका बयान आया था कि सरकार उसे मारना चाहती है। इस बयान के बाद से सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ रखी है। लोग उसे विकास दुबे के एनकाउंटर की याद दिला रहे हैं।

माफिया और गैंगस्टर अतीक अहमद (Atiq Ahmed) को यूपी पुलिस की एक टीम साबरमती जेल से प्रयागराज ले जा रही है। जहाँ पेशी के लिए उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। रविवार (26 मार्च 2023) को पुलिस जब अतीक अहमद को साबरमती जेल से लेकर बाहर आई थी तब उसने कहा था- “ये लोग मेरी हत्या कराना चाहते हैं।”

अतीक अहमद का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मीम की बाढ़ आ गई। नेटीजन्स यूपी पुलिस द्वारा अतीक अहमद के संभावित एनकाउंटर से लेकर गाड़ी पटलने तक को लेकर मीम शेयर कर रहे हैं।

एक यूजर ने पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे और अतीक अहमद की फोटो शेयर की है। इस फोटो में विकास दुबे को यह कहते हुए दिखाया गया है, “अब तक उसकी गाड़ी क्यों नहीं पलटी।” साथ ही यह दिखाने की कोशिश की है कि विकास दुबे मृत्यु के बाद अतीक की प्रतीक्षा कर रहा है। फोटो के साथ कैप्शन में लिखा भी है, “दुबे सर इंतजार कर रहे हैं।”

एक अन्य यूजर ने हिंदी फीचर फिल्म ‘हेरा फेरी’ के एक सीन को शेयर करते हुए लिखा है, “विकास दुबे स्वर्ग से कह रहा है, अब तक उसे आ जाना चाहिए था।”

एक यूजर ने रामायण में राम-रावण युद्ध से पहले के एक सीन को ट्वीट करते हुए लिखा, “अतीक अहमद सोच रहा होगा, यही रात अंतिम, यही रात भारी।”

सुप्रिया नामक यूजर ने सिंघम फ़िल्म का एक वीडियो शेयर किया है। इसमें प्रकाश राज को अतीक अहमद और अजय देवगन को यूपी पुलिस के रूप में दिखाया गया है।

आइए एक नजर डालते हैं कुछ अन्य मीम पर…

बता दें कि यूपी पुलिस मंगलवार (28 मार्च 2023) को अतीक अहमद को प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश करेगी। अतीक के भाई अशरफ अहमद की भी कोर्ट में पेशी होनी है। वह फिलहाल बरेली जेल में बंद है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही उसे भी प्रयागराज जेल में लाया जा सकता है। अतीक अहमद के प्रयागराज जेल में हो रहे ट्रांसफर को लेकर गाड़ी पलटने की भी चर्चाएँ जोरों पर हैं।

क्यों लाया जा रहा है प्रयागराज

दरअसल, उमेश पाल बसपा विधायक रहे राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह थे। राजू पाल की हत्या के एक साल बाद 28 फरवरी 2006 को अतीक अहमद ने उमेश पाल का अपहरण कर लिया था। आरोप है कि अतीक और उसके भाई अशरफ ने राजू पाल की हत्या मामले में उमेश पाल को धमकाया और इसके बाद डरा कर कोर्ट में उनकी गवाही दर्ज करा ली। यह सब जब हो रहा था तब यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। दवाब के चलते पुलिस ने उमेश पाल की शिकायत पर मुकदमा नहीं लिखा।

हालाँकि इसके बाद प्रदेश में सरकार बदलने पर मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में कोर्ट की सुनवाई पूरी हो चुकी है। अब 28 मार्च 2023 को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। यही नहीं, उमेश पाल हत्याकांड में भी अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ आरोपित है। ऐसे में यूपी पुलिस दोनों से इस मामले में भी पूछताछ करेगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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