Homeदेश-समाजशबनम को निकाह के 4 साल बाद ससुराल वालों ने 3 माह की दुधमुँही...

शबनम को निकाह के 4 साल बाद ससुराल वालों ने 3 माह की दुधमुँही बच्ची के साथ ज़िंदा जलाया

ससुराल पक्ष द्वारा महिलाओं को ज़िंदा जला देने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले दिल्ली के हज़रत गंज निज़ामुद्दीन बस्ती के कोट मोहल्ला में 32 वर्षीय यास्मीन को प्रॉपर्टी विवाद में जेठ-जेठानियों ने मिट्टी का तेल डालकर ज़िंदा जलाया।

उत्तर प्रदेश के रामपुर में दहेज़ के लालची ससुराल वालों द्वारा माँ-बेटी को ज़िंदा जलाने की दर्दनाक ख़बर सामने आई है। यह घटना हाज़ीपुर मोहल्ले की है जहाँ शबनम नाम की महिला को ससुराल वालों ने दहेज न दिए जाने पर उसकी तीन माह की दुधमुँही बच्ची के साथ ज़िंदा जला दिया। इस घटना के संदर्भ में रामपुर के एसपी अजय शर्मा ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच जारी है। उन्होंने बताया कि सबूतों के आधार पर जाँच कर आरोपित को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

इस घटना के बारे में जब शबनम के मायके को पता चला तो उसके भाई ने बताया कि उसकी बहन का निकाह 4 साल पहले हुआ था। उन्होंने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाया कि वो उसकी बहन को दहेज के लिए आए दिन सताते थे। ससुराल वाले लगातार उस पर दहेज़ लाने का दबाव बना रहे थे। पीड़िता के भाई ने इस बात की जानकारी भी दी कि शबनम का एक तीन साल का बेटा है और तीन माह की एक बच्ची थी। उन्होंने बताया कि बुधवार (18 सितंबर) को ससुरालवालों ने उनकी बहन और तीन माह की बच्ची को ज़िंदा आग के हवाले कर दिया।

ससुराल पक्ष द्वारा महिलाओं को ज़िंदा जला देने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले दिल्ली के हज़रत गंज निज़ामुद्दीन बस्ती के कोट मोहल्ला में 32 वर्षीय यास्मीन को प्रॉपर्टी विवाद में जेठ-जेठानियों ने मिट्टी का तेल डालकर ज़िंदा जलाया। यास्मीन की तीन नाबालिग बेटियाँ जब मौक़े पर पहुँची तो उन्होंने पानी डालकर अपनी माँ को बचाने की कोशिश की, लेकिन यास्मीन 80 फ़ीसदी तक जल चुकी थी।

ज़िंदा जलाने का एक मामला बिहार के भागलपुर से सामने आया था। इस घटना में बेगम खातून को उसके शौहर मोहम्मद सनोवर ने आग में झोंक दिया था जिससे वो 80 फ़ीसदी तक जल गई थी। पीड़िता के बयान के आधार पर उसके शौहर, जेठ, सास और ननद के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘फोर्स्ड लेबर’ के नाम पर भारत पर 12.5% टैरिफ का USTR प्रस्ताव: क्या सुप्रीम कोर्ट से झटका खाने के बाद ट्रंप खोज रहे नया...

USTR ने भारत सहित कई देशों पर नए टैरिफ का प्रस्ताव दिया है। भारत ने कहा कि प्रक्रिया जारी है और फैसला अभी बाकी है।

टिंडर से दोस्ती, ₹50 लाख की फिरौती और हथौड़े से कत्ल: DU के छात्र आयुष नौटियाल की हत्या केस में इश्तियाक अली दोषी, पढ़ें-...

2018 के चर्चित आयुष नौटियाल मर्डर केस में कोर्ट ने इश्तियाक अली को दोषी करार दिया। पढ़ें अपहरण, फिरौती, हत्या और पुलिस जाँच की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -