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‘परीक्षा पे चर्चा’ के दौरान PM ने विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों को दिए स्ट्रेस मैनेजमेंट टिप्स

पीएम मोदी ने आज देश की राजधानी में 'परीक्षा पे चर्चा' के दूसरे संस्करण में लगभग 2000 छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ संवाद किया।

आमतौर पर एग्जाम फ़रवरी और मार्च के महीने में ही होते हैं और जैसे ही ये महीने क़रीब आते हैं, दसवीं और बाहरवीं की परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ अभिभावकों की भी धड़कनें तेज़ होने लगती हैं। ऐसे में ज़रूरत होती है कि कोई उनका डर दूर कर हौसला बढ़ाए। आज प्रधानमंत्री ने बच्चों से परीक्षा पर चर्चा कर उनका और उनके अभिभावकों का भी डर दूर करने की कोशिश की।

पीएम मोदी वैसे तो ‘मन की बात’ के माध्यम से छात्र-छात्राओं को हमेशा से ही प्रेरित करते रहें हैं। लेकिन आज उन्होंने देश की राजधानी में ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दूसरे संस्करण में लगभग 2000 विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ संवाद किया।

जैसा कि हम जानते हैं बोर्ड की परीक्षा में अब दो महीने से भी कम समय बचा है। ऐसे में प्रधानमंत्री ने बच्चों के साथ बात करते हुए उन्हें बताया और समझाया कि किस तरह से परीक्षा के प्रेशर को ख़ुद को बाहर निकालकर बेहतरीन प्रदर्शन किया जा सकता है।

तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित हुए इस समारोह पहली बार देश के अलग-अलग हिस्सों से आए छात्रों के साथ उनके अभिभावकों ने भाग लिया। इस समारोह में 24 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों से प्रतिभागी शामिल हुए। मानव संसाधन विकास मंत्रालय अनुसार इस समारोह देश के अलग-अलग राज्यों से क़रीब 675 छात्रों के साथ दिल्ली के स्कूलों के हज़ारों बच्चे भी शामिल हुए थे।

उन्होंने इस चर्चा में कई छात्रों के सवालों का लाइव ज़वाब भी दिया। उन्होंने इस चर्चा में बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए विचारों की स्पष्टता और दृढ़ विश्वास की आवश्यकता होती है। आज देश में अवसर की कमी नहीं, भारत व्यापक संभावनाओं से भरा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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