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जिनपिंग का भारत दौरा: 3500 किलोमीटर सीमारेखा सहित अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बात, नेपाल के लिए रवाना

दोनों नेताओं के बीच बातचीत के मुख्य मुद्दे दोनों देशों के आम नागरिकों के बीच व्यक्तिगत आधार पर संपर्क और सहयोग को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा के अतिरिक्त द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा, 3,500 किलोमीटर लंबी सीमारेखा पर शांति रहे।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दो-दिवसीय भारत दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज उनसे बातचीत अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर हुई। चेन्नै के पास प्राचीन कस्बे महाबलीपुरम में चल रही द्विपक्षीय शिखर वार्ता का आज दूसरा दौर था। दोनों नेता ताज फिशरमैन्स कोव होटल, कोवलम के तंजो हॉल में मिले।

अलग-अलग जारी होंगे बयान

शनिवार को भारत में निवास कर रहे चीनी नागरिकों और चीनी मूल के लोगों का समूह चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के अभिवादन के लिए सुबह 11 बजे जमा हो गया। जमावड़ा चेन्नै के ITC ग्रैंड चोल होटल के बाहर हुआ जहाँ जिनपिंग ठहरे हुए थे। वहीं स्थानीय कलाकारों और संगीतज्ञों के समूह दोनों का अभिवादन करने के लिए उनके दोपहर में मिलने के स्थान कोवलम पर इकठ्ठा हुए।

दोनों नेताओं के बीच बातचीत के मुख्य मुद्दे दोनों देशों के आम नागरिकों के बीच व्यक्तिगत आधार पर संपर्क और सहयोग को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा के अतिरिक्त द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा, 3,500 किलोमीटर लंबी सीमारेखा पर शांति रहे। वार्ता के ‘अच्छे’ होने की बात फ़िलहाल मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से की जा रही है, लेकिन स्थिति स्पष्ट कही जाएगी जब दोनों देशों के इस पर आधिकारिक बयान जारी होंगे। उपलब्ध सूचना के अनुसार वार्ता के नतीजों पर दोनों देश अपने अलग-अलग बयान जारी करेंगे।

वार्ता के बाद दोपहर में शी जिनपिंग के सम्मान में मोदी ने भोज का आयोजन किया। इसके बाद जिनपिंग नेपाल के लिए निकल गए। उन्हें हवाई अड्डे पर छोड़ने तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, मुख्यमंत्री के. पलानिस्वामी, उप-मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम और विधानसभा अध्यक्ष पी. धनपाल गए। 23 सालों के बाद कोई चीनी राष्ट्रपति नेपाल जा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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