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भारत ने कनाडा के 6 डिप्लोमेट निकाले: जस्टिन ट्रूडो ने फिर उगला जहर, भारतीय हाई कमिश्नर का गोलियों से छलनी वाला फोटो दिखा SFJ ने दी धमकी

भारत और कनाडा के बीच चल रहा तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुँच गया है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक बार फिर भारत पर आरोप लगाया है कि जून 2023 में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ है। यहीं नहीं, कनाडा के सुरक्षा अधिकारियों ने तो लॉरेंस बिश्नोई गैंग को भारत सरकार से जोड़ दिया और कहा कि कनाडा में भारत बिश्नोई गैंग से आपराधिक गुटों से काम करवा रहा है। इन आरोपों के बाद भारत ने कनाडा से अपने राजनयिकों को बुला लिया है और कनाडा के शीर्ष 6 राजनयिकों को देश से निकलने का आदेश जारी कर दिया है।

इस बीच, खालिस्तानी आतंकवादी गुट सिख फॉर जस्टिस की तरफ से कनाडा में तैनात भारत के उच्चायुक्त (हाई कमिश्नर) पवन कुमार वर्मा को जान से मारने की धमकी दी गई है। उनके चेहरे पर गोलियों के निशान दिखाए गए हैं।

इन घटनाओं के बीच भारत ने कनाडा के छह डिप्लोमैट्स को निष्कासित कर दिया। भारत ने अस्थाई हाई कमिश्नर, सेक्रेटरी जैसे शीर्ष पदों बैठे लोगों को वापस जाने के लिए कहा है और 19 अक्टूबर तक की समयसीना निर्धारित कर दिया है। यही नहीं, भारत ने अपने सभी राजनयिकों को कनाडा से बुला लिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को और गहरा कर रहा है।

बता दें कि हरदीप सिंह निज्जर एक खालिस्तानी आतंकी था, जो कनाडा में रह रहा था और भारत के खिलाफ कई आपराधिक मामलों में वांछित था। उसकी जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से ही कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो भारत पर इस हत्या में शामिल होने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि कनाडाई खुफिया एजेंसियों के पास सबूत हैं कि भारतीय एजेंसियों ने इस हत्या में भूमिका निभाई। इसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग तक का नाम कनाडा ने लिया है। हालाँकि, उन्होंने अब तक इस बारे में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं।

भारत ने कनाडा के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भारत का कहना है कि ये आरोप बेबुनियाद हैं और सिर्फ भारत की छवि को खराब करने की कोशिश है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडा में खालिस्तानी आतंकियों को पनाह दी जा रही है, और वहाँ की सरकार उन्हें कड़ी कार्रवाई करने के बजाय समर्थन दे रही है। भारत ने साफ किया है कि वह इस तरह के झूठे आरोपों को बर्दाश्त नहीं करेगा।

इस मामले में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को अपने ही देश में आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। कई कनाडाई पत्रकार और राजनैतिक विशेषज्ञ उनकी नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। एक प्रसिद्ध कनाडाई पत्रकार डैनियल बोर्डम ने ट्रूडो पर आरोप लगाया कि वह खालिस्तानी आतंकवादियों को समर्थन देकर कनाडा की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं। बोर्डम ने कहा, ‘खालिस्तानी तत्व इस स्थिति का पूरा फायदा उठा रहे हैं… वे इसे अपनी पूरी जीत मान रहे हैं और भारत पर हमले कर रहे हैं।’

ट्रूडो पर 2018 में भी इसी तरह का विवाद खड़ा हुआ था, जब उन्होंने भारत दौरे के दौरान एक खालिस्तानी आतंकी को अपने डिनर में बुलाया था। साल 2018 में जस्टिन ट्रूडो ने अपने साथ डिनर पर खालिस्तानी आतंकवादी जसपाल अटवाल को न्योता दिया था। हालाँकि, भारत ने जब इस बात को लेकर फटकार लगाई तो जस्टिन ट्रूडो ने ये सफाई दी कि उसे जसपाल के बारे में पता नहीं था।

दावा- रामगोपाल मिश्रा को तलवार से भी काटा, मृत देह पर भी मुस्लिम कट्टरपंथियों ने बरसाए पत्थर: बहराइच पुलिस ने नकारा

उत्तर प्रदेश के बहराइच में रविवार (13 अक्टूबर, 2024) को मुस्लिम भीड़ ने दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन करने जा रहे श्रद्धालुओं पर हमला किया था। हमले में अब्दुल हमीद और अन्य मुस्लिमों ने मिलकर रामगोपाल मिश्रा नाम के युवक की हत्या कर दी थी। इस हत्या के बाद पूरे जिले में काफी हिंसक घटनाएँ हुई हैं। इनको रोकने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है।

रामगोपाल की हत्या का एक और वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को लेकर दावा किया गया है कि मृतक रामगोपाल की लाश को निकाल कर ले जाने की कोशिश कर रहे हिन्दुओं पर पत्थर और गोलियाँ बरसाईं गईं।

यह वीडियो लगभग 20 सेकेंड का है। इसमें एक छत की सीढ़ियों से किसी व्यक्ति को नीचे उतरते देखा जा सकता है। उस व्यक्ति ने अपने दोनों हाथों से रामगोपल मिश्रा का शव उठा रखा है। नीचे कोई और व्यक्ति है जो वीडियो में नहीं दिख रहा। उस व्यक्ति ने रामगोपाल के पैरों को पकड़ रखा है। इसी दौरान एक तीसरा व्यक्ति वीडियो बना रहा है। दीवाल के बाहर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा हुआ है जो शोरगुल करते दिखाई दे रहे हैं।

इसी दौरान शव को उठा कर ले जा रहे लोगों पर पत्थर बरसने लगते हैं। सीढ़ियों के नीचे 2 व्यक्ति अचानक दिखाई पड़ते हैं। ये दोनों रामगोपाल की लाश को ले जा रहे लोगों पर गोलियाँ बरसाना शुरू कर देते हुए दिखते हैं। इसमें से एक काली टी शर्ट और नीली जींस में है जबकि दूसरा सफेद शर्ट पहने हुए हैं। हमला करने के लिए इन दोनों ने एक दीवाल की आड़ ले रखी थी। गोली चलने से वीडियो बना रहा व्यक्ति कैमरे को नीचे झुका लेता है।

छतों के रास्ते निकाली गई लाश

इस वीडियो के संबंध में ऑपइंडिया ने मृतक रामगोपाल के भाई हरिमिलन मिश्रा से बात की। हरिमिलन ने बताया कि उनके भाई की हत्या मुस्लिमों ने अपने घर में घसीट कर की थी। विसर्जन जुलूस में शामिल कुछ युवा जैसे-तैसे वहाँ पहुँचे और शव को निकाल कर लाने की कोशिश करने लगे। शव को ला रहे युवाओं पर भी गोलियों और पत्थरों से हमला किया गया। कुछ पत्थर रामगोपाल के शव पर भी लगे। बकौल हरिमिलन उनके भाई का शव दूसरे घर की छत के रास्ते से लाया जा सका।

जब ऑपइंडिया ने पूछा कि क्या लाश को निकल कर लाने में पुलिस ने कोई मदद नहीं की तो इस पर हरिमिलन का जवाब था, “पुलिस के चलते ही तो मेरे भाई की हत्या हुई।” उन्होंने बताया कि जब तक हिन्दू एकजुट हो कर जमा थे तब तक उन पर हमला नहीं हुआ लेकिन पुलिस के लाठीचार्ज से जैसे ही भगदड़ मची, उसी समय हमला हो गया और गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी गईं। इन्ही गोलियों के शिकार रामगोपाल मिश्रा बन गए।

भाई हरिमिलन का आरोप है कि कि पुलिस ने न तो रामगोपाल को बचाने में कोई सहयोग किया और न ही हत्या के बाद उनकी लाश निकालने में। फ़िलहाल रामगोपाल मिश्रा का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। अंतिम संस्कार से पहले मृतक के घर वालों और प्रशासन के बीच लम्बे समय तक नोकझोंक का दौर चला। रामगोपाल के भाई हरिमिलन ने बताया कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेश्वर सिंह द्वारा दिए गए आश्वासन के आधार पर अपने भाई का अंतिम संस्कार किया है।

मृतक के परिजनों से मिलेंगे CM योगी

ऑपइंडिया ने इस मामले की और अधिक जानकारी स्थानीय भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह से ली। MLA सुरेश्वर सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों की माँग हमलावरों और दोषी पुलिसकर्मियों पर एक्शन की थी। पुलिसकर्मियों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए STF तक बहराइच में पहुँच चुकी है। सुरेश्वर सिंह ने हमें आगे बताया कि मंगलवार (14 अक्टूबर, 2024) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामगोपाल मिश्रा के परिजनों से मिलेंगे।

अपडेट: बहराइच पुलिस ने रामगोपाल मिश्रा के साथ बर्बरता के दावों को नकार दिया है। तलवार से मारने, करंट देने, नाखून उखाड़ने की खबरों का खंडन किया है। पुलिस का कहना है कि मिश्रा की मौत गोली लगने से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यही वजह बताई गई है। पुलिस के बयान के आधार पर रिपोर्ट की हेडलाइन में बदलाव किए गए हैं।

जहाँ पकड़ा गया था आतंकी नदीम, वहीं के जैन परिवार की करोड़ों की जमीन हड़प रहा मुस्लिम समुदाय: पुलिस के आगे ही खातूनों ने किया हंगामा

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक जैन परिवार ने अपनी जमीन पर मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा अवैध कब्ज़े की साजिश का आरोप लगाया है। कब्ज़े का आरोप फुरकान, गयूर, पप्पू, ममरेज, गयासुद्दीन और कामिल आदि पर लगा है। पीड़ित की जमीन कागजों में उनके नाम होने के बावजूद उसे जोतने-बोने नहीं दिया जा रहा है। पीड़ित ने अपनी ही जमीन पर काबिज होने के लिए एक साल तक लड़ाई लड़ी है। प्रशासन के आदेश के बाद जब जैन परिवार रविवार (13 अक्टूबर 2024) को कब्ज़ा लेने पहुँचा, तब मुस्लिम भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस के आगे हुए इस हमले में ख़ातूनें भी शामिल रहीं। यह वही मुस्लिम बहुल गाँव है, जहाँ से 2 साल पहले आतंकवादी नदीम गिरफ्तार हुआ था।

इस मामले में पीड़ित नवीन जैन ने ऑपइंडिया से बात की। नवीन जैन ने हमें बताया कि उनकी 42 बीघे जमीन सहारनपुर जिले के थानाक्षेत्र गंगोह में पड़ने वाले गाँव कुंडाकला में मौजूद है। इसी भूभाग के 4 बीघे को कामिल, ममरेज, गयूर, फुरकान और पप्पू आदि पिछले 1 साल से अपना हिस्सा बताते हैं। जमीन की कीमत लगभग 2 करोड़ के आसपास बताई जा रही है। नवीन जैन का दावा है कि उनकी जमीन को अपनी बपौती बता रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों के पास अपने दावों का कोई भी सबूत नहीं है।

जैन परिवार इस जमीन पर पिछले 200 वर्षों से अधिक समय से खेती करता आ रहा है। नवीन जैन ने हमें आगे बताया कि व्यापर के सिलसिले में वो काफी समय तक कुंडाकला छोड़ कर दिल्ली में रहे थे। इसी दौरान आरोपितों की नीयत उनकी जमीन पर खराब हो गई थी। नवीन जैन की गैरमौजूदगी में गयूर, कामिल आदि ने उनकी जमीन पर बाउंड्री खींचने की कोशिश की थी। जब नवीन को इसका पता चला तो उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई थी। प्रशासन ने नवीन की शिकायत सही पाई और जमीन पर किए गए अतिक्रमण को सख्ती से हटवा दिया।

हमें आगे बताया गया कि प्रशासन द्वारा दी गई चेतावनी का आरोपितों पर कोई असर नहीं पड़ा। वो लगातार नवीन जैन की जमीन को कब्ज़ाने की फ़िराक में लगे रहे। जब जैन परिवार अपनी ही जमीन पर खेती-बाड़ी करने जाता था, तब उनको गालियाँ और जान से मार डालने की धमकी देते हुए भगा दिया जाता था। नवीन का आरोप है कि कब्जेदार कुंडाकला में अपनी तादाद अधिक होने और शिकायत करने पर ‘सिर तन से जुदा’ जैसी बातें किया करते थे।

आए दिन की धमकियों से परेशान हो कर नवीन जैन ने फिर से सहारनपुर प्रशासन में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। लगभग 1 साल तक कई कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद आखिरकार प्रशासन ने जैन परिवार को उस जमीन पर कब्ज़ा दिलाने का आदेश दिया। रविवार (13 अक्टूबर) को पुलिस बल के साथ जैन परिवार अपनी जमीन पर कब्ज़ा लेने कुंडाकला पहुँचे। इनके साथ ट्रैक्टर भी मौजूद था। अभी ट्रैक्टर चले 5 मिनट भी नहीं हुए थे कि खेतों की तरफ दर्जनों की तादाद में मुस्लिम भीड़ बढ़ निकली।

इस मुस्लिम भीड़ में सबसे आगे ख़ातूनें थीं। वो सभी ट्रैक्टर के आगे खड़ी हो गईं। मौके पर मौजूद पुलिस बल भी इस भीड़ के आगे लाचार दिखा। आखिरकार इस भीड़ के आगे पुलिस की नहीं चली और नवीन जैन को वापस लौटना पड़ा। अब नवीन जैन ने एक बार फिर से प्रशासन में तहरीर देकर रविवार को हंगामा करने वालों के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत की कॉपी व जमीन संबंधी अन्य तमाम कागजात ऑपइंडिया के पास मौजूद हैं। नई शिकायत में उन्होंने न सिर्फ हंगामा करने वालों पर एक्शन लेने बल्कि अपनी जमीन वापस दिलाने की माँग की है।

ऑपइंडिया के पास वो वीडियो भी मौजूद हैं, जिसमें मुस्लिम भीड़ ट्रैक्टर के आगे बवाल कर रही है। भीड़ में महिलाएँ पुलिस के समझाने के बावजूद बार-बार ट्रैक्टर के आगे आ रहीं थीं। फ़िलहाल नवीन जैन की नई शिकायत पर पुलिस ने अभी तक केस दर्ज नहीं किया है। एक वीडियो संदेश के जरिए नवीन जैन ने अपनी जमीन के साथ अपने पूरे परिवार की जान संकट में बताई है। उन्होंने बताया कि जिस गाँव में आतंकी नदीम को ATS ने पकड़ा था, वहाँ उनके साथ कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है।

दुर्गा पूजा पर झारखंड पुलिस ने नहीं बजने दिया DJ… विरोध में हिंदुओं ने नहीं किया माँ दुर्गा का विसर्जन, रात भर प्रतिमाएँ सड़क पर

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में पुलिस ने दुर्गा पूजा विसर्जन जुलूस का डीजे पुलिस ने जब्त कर लिया। पूजा समितियों को डीजे बजाकर जुलूस विसर्जन के लिए नहीं निकालने दिया गया। इसके बाद देवी प्रतिमाओं के जुलूस रात भर सड़क पर खड़े रहे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर में पुलिस ने रविवार (13 अक्टूबर, 2024) को एक दुर्गा पूजा समिति की डीजे वाली गाड़ी को जब्त कर लिया था। पुलिस ने विसर्जन जुलूस में बजाने के लिए ले जाई जाने वाली यह गाड़ी थाने में खड़ी कर ली थी। पुलिस का कहना था कि डीजे बजाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, वह कोर्ट-सरकारी आदेश का हवाला दे रही थी।

यह डीजे आदर्श दुर्गा पूजा समिति का था। इसे छोड़ने की दोपहर से माँग चल रही थी। लोगों का कहना था कि यदि पुलिस डीजे नहीं छोड़ती तो दुर्गा पूजा का विसर्जन नहीं होगा। इस पूजा समिति के समर्थन में बाकी समितियाँ भी आ गईं। हालाँकि, पुलिस प्रशासन ने डीजे नहीं छोड़ा।

इसके बाद जब सहमति बनी भी तो फिर बवाल हो गया। कई प्रतिमाओं का जुलूस बाहर निकल आया था, उन्हें रोड पर ही रोक दिया गया और बवाल जारी रहा। मौके पर डीएम और एसपी भी पहुँचे लेकिन कोई बात नहीं बन सकी। आदि शक्ति दुर्गा प्रतिमा को ही केवल रविवार रात को विसर्जित किया जा सका।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि बड़ी संख्या में दुर्गा प्रतिमाएँ सोमवार को भी नहीं विसर्जित हो पाईं। पुलिस और प्रशासन का कोई भी कदम काम नहीं आया। दुर्गा पूजा समितियाँ प्रशासन से काफी नाराज हैं। बताया गया कि बाद में डीजे छोड़ने के बाद भी कई प्रतिमाएँ खड़ी ही रहीं।

चक्रधरपुर के अलावा झारखंड के गढ़वा में भी दुर्गा पूजा विसर्जन को लेकर बवाल हुआ। यहाँ मुस्लिमों के एक गुट ने हिन्दुओं को एक रास्ते से जाने रोका। इसके बाद बवाल हो गया। झारखंड के अलावा यूपी के बहराइच और कर्नाटक के बेलगावी में भी दुर्गा पूजा पर पथराव हुआ।

रामगोपाल मिश्रा का शव, अस्पताल में जुटे आक्रोशित लोग… और अंतिम संस्कार से पहले बहराइच में बवाल: तोड़फोड़ और आगजनी, भारी पुलिस फोर्स तैनात

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में माँ दुर्गा के विसर्जन जुलूस में शामिल रामगोपाल मिश्रा को मुस्लिम भीड़ ने रविवार (13 अक्टूबर 2024) को मार डाला था। आज सोमवार को उनके अंतिम संस्कार से पहले जिले में हिंसा भड़क गई। हिंसक भीड़ के हाथों में लाठी-डंडे दिख रहे हैं। एक बाइक शोरूम सहित 2 गाड़ियों में आग लगा दी गई है।

बहराइच में भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आँसू गैस के गोले छोड़े हैं। कुछ स्थानों पर एहतियातन इंटरनेट बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफवाह उड़ाने वालों व दंगाइयों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार (14 अक्टूबर) को मृतक रामगोपाल मिश्रा का शव अस्पताल से पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया था। यहीं पर आक्रोशित लोगो की भीड़ जुटने लगी थी। कुछ ही देर बाद रामगोपाल का शव अस्पताल से घर की तरफ ले जाया जाने लगा। शव के साथ बड़ी तादाद में पुलिस फ़ोर्स चल रही थी। इसी दौरान हजारों लोगों की भीड़ भी शव के साथ-साथ चलने लगी। भीड़ के हाथों में लाठी-डंडे थे। वो जय श्री राम का नारा लगा रही थी।

यह शव यात्रा रामगोपाल मिश्रा के घर से कुछ दूर पर रुक गई। मृतक के परिजनों ने सड़क पर शव रख दिया। प्रशासन जल्द से जल्द रामगोपाल मिश्रा का अंतिम संस्कार करवाना चाहता था। हालाँकि मृतक के परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। बहराइच की जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मिल कर रामगोपाल के परिजनों को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन वो नाकाम रहीं। रामगोपाल के परिजन अपने लिए न्याय की माँग पर अड़े रहे।

इसी बीच भीड़ सहित बहराइच के अलग-अलग हिस्सों में लोग आक्रोशित हो उठे। कई जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। महसी इलाके में बाइक के एक शोरूम में आग लगा दी गई। कई बाइकों को आग के हवाले कर दिया गया है। कुछ घरों में भी तोड़फोड़ और आगजनी हुई है। हिंसा जिले के अलग-अलग हिस्सों में फ़ैल गई है। बहराइच की जिलाधिकारी ने बताया कि हालत को काबू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में अतिरिक्त पुलिस बल भेजा जा रहा है।

गाँव वलीपुर नारा में दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए हैं। यहाँ पत्थरबाजी हो रही है। जिले के एक प्राइवेट क्लिनिक में भी आग लगा दी गई है। इस हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में उच्चाधिकारियों के साथ मीटिंग की है। इस मीटिंग में उन्होंने उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसी के साथ सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ाने वालों को भी कड़ी चेतावनी दी गई है। संवेदनशील इलाकों में PAC तैनात कर दी गई है। हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र महसी में अगले आदेश तक इंटरनेट बंद कर दिया गया है।

तेलंगाना में देवी की मूर्ति तोड़ी, हिन्दू मंदिर को किया तहस-नहस: 1 को पुलिस ने पकड़ा, भाजपा नेता बोले- कॉन्ग्रेस सरकार फेल

तेलंगाना के हैदराबाद में सोमवार (14 अक्टूबर, 2024) को कुर्मागुडा इलाके में में मुथ्यालम्मा मंदिर की देवी प्रतिमा को अज्ञान कट्टरपंथियों ने खंडित कर दिया। इस घटना से स्थानीय हिन्दू समुदाय आक्रोशित हो गया है। हिन्दू यहाँ अब प्रदर्शन कर रहे हैं और आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं।

जानकारी सामने आई है कि यह घटना पासपोर्ट कार्यालय के पास हुई और स्थानीय लोगों ने तुरंत एक हमलावर को पकड़ लिया। बाद में उसे मार्केट पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल है।

भाजपा तेलंगाना के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया, “सिकंदराबाद के मोंडा मार्केट डिवीजन में मुथ्यालम्मा मंदिर की मूर्ति को खंडित कर दिया गया है। कॉन्ग्रेस के शासन में हिंदू और उनके मंदिर सुरक्षित नहीं हैं। हाल के दिनों में तेलंगाना में हिंदू मंदिरों पर यह एक और हमला है। राज्य सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए।”

वायरल वीडियो में दिखता है कि मंदिर में सब कुछ बिखरा पड़ा है और मूर्ति भी खंडित है। मूर्ति के अलावा मंदिर के बाक़ी इलाके को भी नुकसान पहुँचा है। इस घटना से हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं का अपमान हुआ है।

भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी भी इस घटना के बाद मंदिर पहुँचे हैं। उन्होंने भी यहाँ पहुँच कर राज्य सरकार पर प्रश्न खड़े किए। उन्होंने कहा, “भाग्यनगर में नवरात्रि के दौरान हिंदू विरोधी ताकतों द्वारा कई मंदिरों और पंडालों में देवी दुर्गा माता की मूर्तियों को नष्ट करने की घटनाएँ राज्य सरकार की लापरवाही और कानून व्यवस्था ना नियंत्रित कर पाने की विफलता को दर्शाती है।”

घटना के बाद इलाके के ACP ने संज्ञान लिया और जानकारी दी। उन्होंने बताया, “हैदराबाद में पासपोर्ट कार्यालय के पास कुर्मागुडा में मुथ्यालम्मा मंदिर की मूर्ति को कथित तौर पर क्षतिग्रस्त कर दिया गया और स्थानीय लोगों ने एक व्यक्ति को पकड़ लिया और उसे मार्केट पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत पुलिस को सौंप दिया। पुलिस फिलहाल मौके पर है।”

जिन रामगोपाल को मुस्लिमों ने मारा, उनकी 2 महीने पहले ही हुई थी शादी, परिवार बेहद गरीब: हत्या आरोपित का नेपाल के मदरसे से कनेक्शन

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में रविवार (13 अक्टूबर, 2024) को माँ दुर्गा के मूर्ति विसर्जन जुलूस में एक हिन्दू युवक की हत्या कर दी गई। इस जुलूस पर मुस्लिम भीड़ ने पथराव किया। इस हत्या का आरोप अब्दुल हमीद, सरफराज, फहीम और साहिर खान आदि पर लगा है। मृतक का नाम रामगोपाल मिश्रा है। रामगोपाल मिश्रा की महज 2 माह पहले ही शादी हुई थी। कातिलों का नेपाल से भी कनेक्शन सामने आया है। ऑपइंडिया ने इस दंगे से जुड़ी कुछ अन्य जमीनी जानकारियाँ जुटाईं हैं, साथ ही चश्मदीदों से बातचीत भी की है।

वृद्ध पिता बेसुध, पत्नी 2 माह में विधवा

इस घटना को लेकर ऑपइंडिया ने रामगोपाल के भाई हरिमिलन मिश्रा से बात की। हरिमिलन ने बताया कि वह कुल 3 भाई थे जिसमें अब रामगोपाल दुनिया में नहीं है। रामगोपाल की उम्र मात्र 22 साल थी। वह रामगाँव थानाक्षेत्र के रेहुआ मंसर गाँव में रहते थे। रामगोपाल के पिता कैलाशनाथ 75 वर्ष के हो चुके हैं। बेटे की मौत के बाद उनकी भी तबियत काफी खराब हो गई है। परिजन और अन्य रिश्तेदार जैसे-तैसे उनको संभालने की कोशिश कर रहे हैं।

रामगोपाल 3 भाइयों में सबसे छोटे थे। वो और उनके घर के अन्य पुरुष मेहनत-मजदूरी के साथ खेती-बाड़ी कर के गुजर-बसर करते थे। महज 2 महीने पहले ही रामगोपाल की शादी पास के ही गाँव से धूमधाम से हुई थी। शादी के मात्र 2 माह बाद विधवा हो चुकीं रामगोपाल की पत्नी को ऑपइंडिया को मिले एक वीडियो में अपने पति के शव से लिपट कर रोते देखा जा सकता है। हरिमिलन ने बताया कि पति की हत्या की बात सुन कर रामगोपाल की पत्नी बेसुध हो चुकी हैं।

लाठी न चलाती पुलिस को जिन्दा होता मेरा भाई

ऑपइंडिया से बातचीत के दौरान हरिमिलन मिश्रा पोस्टमार्टम हाउस में थे। तब कड़ी सुरक्षा के बीच रामगोपाल का पोस्टमार्टम चल रहा था। अपने परिवार की हालात बेहद दयनीय बताते हुए हरिमिलन ने अपील की है कि सरकार उनकी मदद करे। साथ ही उन्होंने हमलावरों पर कठोर कार्रवाई की माँग की है। अभी तक रामगोपाल के परिजनों को कोई सरकारी मदद नहीं मिल पाई है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर भी असंतोष जताया है।

घटना का जिक्र करते हुए हरिमिलन ने बताया कि माँ दुर्गा के जुलूस पर पहले अब्दुल हमीद के घर से पत्थर फेंके गए थे। इन पत्थरों से एक देवी प्रतिमा का हाथ टूट गया था और मूर्ति खंडित हो गई थी। जिसके बाद श्रद्धालु आक्रोशित हो उठे थे। इसी दौरान पुलिस ने हिन्दुओं पर ही लाठीचार्ज कर दिया जिस से हंगामा मच गया और लोग इधर उधर भागने लगे। आरोप है कि पत्थर बरसाने वाली मुस्लिम भीड़ ने इसी अफरातफरी का फायदा उठा कर रामगोपाल को घर में खींच लिया और बेरहमी से मार डाला।

हरिमिलन का कहना है कि अगर पुलिस हिन्दुओं पर लाठी ना चलाती तो सभी श्रद्धालु एकजुट रहते और उनका भाई जिन्दा रहता। फ़िलहाल मिश्रा परिवार को यह नहीं पता कि उनके परिवार का भविष्य कैसा होगा। उन्होंने हमलावरों के साथ गलत समय निर्णय लेने वाले पुलिस बल की भी जाँच करवा कर कार्रवाई किए जाने की माँग की है।

पहला हमला मुस्लिमों की तरफ से

जिस विसर्जन जुलूस में रामगोपाल की हत्या हुई उसी में शामिल होने का दावा करने वाले ललित से ऑपइंडिया ने बता की। ललित ने हमें बताया कि महराजगंज के जिस जगह पर हमला हुआ वो मुस्लिम बहुल इलाका है। ललित का दावा है कि अबीर और गुलाल का बहाना ले कर सड़क पर खड़े कुछ मुस्लिम युवकों ने विवाद शुरू किया। आरोप है कि इस समय तक पुलिस चुप रही जिसकी वजह से अब्दुल हमीद के घर से पत्थरबाजी भी शुरू हो गई।

ललित ने उस वीडियो के विषय में भी जानकारी दी, जो सोशल मीडिया पर रामगोपाल मिश्रा का बता कर वायरल किया जा रहा है और जिसमें वह कथित तौर पर हरा झंडा उखाड़ कर भगवा झंडा लगाते दिखते हैं। ललित ने बताया कि माता दुर्गा की प्रतिमा का हाथ टूटा देख कर श्रद्धालुओं में गुस्सा था।

यह गुस्सा पुलिस द्वारा एकतरफा कार्रवाई किए जाने के आरोप से और अधिक भड़क गया था। रामगोपाल मिश्रा का शव अब्दुल हमीद के घर के अंदर मिला था। उनको अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। कुछ अन्य श्रद्धालु भी घायल हैं जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

ऑपइंडिया को मिले वीडियो में हिन्दू संगठनों को मृतक का शव ले कर नारेबाजी करते देखा जा सकता है। वो ‘पुलिस-प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे लगा रहे हैं। रामगोपाल के भाई हरिमिलन ने बताया कि हमले के दौरान मुस्लिम भीड़ भी नारेबाजी कर रही थी। इसी नारेबाजी के साथ मारो-मारो का शोर भी सुनाई दे रहा था।

कातिल का नेपाल कनेक्शन

ऑपइंडिया को रामगोपाल की हत्या करने वाले मुस्लिमों के विषय में और भी जानकारी मिली है। पता चला है कि इस हमले के लिए अब्दुल हमीद का घर लाँच पैड के तौर पर हुआ था। अब्दुल हमीद खुद इस घटना का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इस हमले में उसके 2 बेटे सरफराज और फहीम भी नामजद हैं। नाम ना छापने की शर्त पर ऑपइंडिया को एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि अब्दुल हमीद का एक बेटा नेपाल में रहता है।

उसकी नेपाल में भारत विरोधी तत्वों से साठगांठ का भी दावा किया गया है। नेपाल के बाँके जिले में फुलटेकरा के पास एक मदरसे में उसका आना-जाना भी बताया जा रहा है। आरोप है कि इस मदरसे में भारत और हिन्दू विरोधी गतिविधियाँ संचालित होती हैं। कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि रामगोपाल की हत्या के बाद अब्दुल हमीद का परिवार भारत की सीमा पार कर के नेपाल भाग गया है।

रामगोपाल की हत्या के बाद गुस्साए लोग आरोपितों का एनकाउंटर करने और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की माँग कर रहे हैं। मृतक के परिजनों को भी आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की अपील की जा रही है। पुलिस प्रशासन हालत लोगों को समझाने का प्रयास कर रहा है।

दीवाली से पहले दिल्ली में पटाखे बैन, AAP सरकार करेगी कार्रवाई: पंजाब में लगातार जल रही पराली, अब तक 800+ मामले

दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने दीवाली से पहले पटाखों पर पूर्णतया बैन लगा दिया है। AAP सरकार ने यह निर्णय दिल्ली में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए लिया है। लेकिन दूसरी तरफ पंजाब की AAP सरकार पंजाब के भीतर पराली का जलना नहीं रोक पा रही है। पंजाब में जलने वाली पराली दिल्ली के वायु प्रदूषण का मुख्य कारण है।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (DPCC) ने सोमवार (14 अक्टूबर, 2024) को एक आदेश जारी करके पटाखों की खरीद-बिक्री और बनाए जाने समेत उनके फोड़े जाने पर प्रतिबंध लगाया है। यह प्रतिबंध 1 जनवरी, 2024 तक जारी रहेगा। इस बीच पटाखे पाए जाने पर जुर्माना और कार्रवाई की जाएगी।

DPCC ने दिल्ली पुलिस को इस संबंध में कार्रवाई करने के आदेश भी दिए हैं। हालाँकि, दीवाली के पटाखे जलने से पहले ही दिल्ली की हवा खराब होना चालू हो चुकी है। सोमवार (14 अक्टूबर, 2024) को दिल्ली के आनंद विहार का AQI 302 के स्तर पर था जो कि अत्यंत खतरनाक है।

दिल्ली की AAP सरकार जहाँ एक ओर राजधानी में पटाखे बैन करके प्रदूषण रोक रही हैं वहीं पंजाब के भीतर पराली जलने की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया अहि कि पंजाब के भीतर अब तक 800 से अधिक पराली जलने की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं जबकि धान की कटाई अभी पूरी तरीके से चालू भी नहीं हुई है।

पंजाब के तरनतारन, अमृतसर, पटियाला और संगरूर से सबसे अधिक पराली जलने की घटनाएँ सामने आ रही हैं। पंजाब में भी AAP सरकार है लेकिन वह इसे नहीं रोक पा रही है। 2023 में भी देश में पराली जलने के सर्वाधिक मामले पंजाब से ही सामने आए थे। 2023 में पराली प्रदूषण के मामलों में पंजाब का 93% से अधिक का योगदान था।

2023 में पंजाब में पराली जलाने की 36663 घटनाएँ हुई थीं। हरियाणा में इसी दौरान पराली जलाने की मात्र 2303 घटनाएँ ही हुईं थी। पंजाब में इसी दौरान कुछ शहरों का AQI भी खराब हो गया है।

बहराइच में हत्या, हावड़ा में आगजनी, गोंडा में पथराव, गढ़वा में रोका रास्ता… इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर दुर्गा पूजा: 10 घटनाएँ, जो मीडिया में आई

इस्लामी कट्टरपंथियों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में दुर्गा पूजा और हिन्दुओं को निशाना बनाया है। मुस्लिम कट्टरपंथियों ने कहीं पंडाल पर पथराव किया गया तो कहीं मूर्ति विसर्जन के जुलूस पर हमला हुआ, जुलूस के रास्तों को लेकर भी विवाद हुआ। बहराइच में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल और असम तक पथराव और हिंसा हुई है। यह हिंसा हिन्दुओं के त्योहार नवरात्र के साथ ही चालू हो गई थी। ऑपइंडिया इन्हीं घटनाओं का संकलन एक साथ कर रहा है।

बहराइच में हिंसा, हिन्दू युवक की हत्या

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में माँ दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान रविवार (13 अक्टूबर, 2024) को हिंसा भड़क उठी। इस हिंसा में मुस्लिम पक्ष द्वारा विसर्जन जुलूस में शामिल हिंदू श्रद्धालुओं पर पत्थर और गोलियाँ बरसाई गईं। जिस मकान से गोलियाँ चलाई गईं हैं, वह सलमान का है। गोली लगने से 22 वर्षीय रामगोपाल मिश्रा की मौत हो गई है।

रामगोपाल मिश्रा हत्याकांड में मुस्लिम समुदाय के 6 लोग नामजद किए गए हैं। हिंदू युवक की हत्या के बाद जिले के कई हिस्सों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई है। थोड़े समय के लिए प्रतिमाओं का विसर्जन भी रुका रहा। CM योगी आदित्यनाथ ने मामले में कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

हावड़ा के श्यामगंज में हिंसा

हावड़ा के श्यामगंज में रविवार (13 अक्टूबर, 2024) को एक मुस्लिम भीड़ ने हिन्दू पंडालों पर हमला किया। मुस्लिम भीड़ ने दुर्गा पूजा पंडालों को नष्ट करना चालू कर दिया। उन्होंने मूर्तियों को आग लगा दी और कई पंडालों को तबाह किया। यह मुस्लिम भीड़ उस घाट पर भी पहुँची जहाँ देवी मूर्तियों का विसर्जन होना था। यहाँ इस भीड़ ने पथराव किया। आगजनी की भी सूचना आ रही है। बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले में कार्रवाई की माँग की है।

कौशाम्बी में विसर्जन यात्रा पर हमला

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में माँ दुर्गा के विसर्जन जुलूस पर हमला हुआ। इस हमले में जुलूस में शामिल महिला श्रद्धालुओं को भी निशाना बनाया गया। हमले के दौरान तलवारें लहराई गईं और पत्थरबाजी हुई। घटना में कई श्रद्धालुओं को चोटें आने की खबर है। शनिवार (12 अक्टूबर, 2024) को हुए इस हमले का आरोप मुस्लिम समुदाय के लगभग 1 दर्जन लोगों पर लगा है जिसमें ख़ातूनें भी शामिल हैं। माँ दुर्गा की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया और एक महिला से दुष्कर्म की भी कोशिश हुई। पुलिस ने केस दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है।

बलरामपुर में दुर्गा पूजा पंडाल पर हमला

उत्तर प्रदेश के ही बलरामपुर में दुर्गा पूजा के दौरान इस्लामिक कट्टरपंथियों ने पंडाल में घुसकर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया। आरोपितों में कलीम, अरबाज़, इमरान और मुख़्तार शामिल हैं, जिन्होंने महिला श्रद्धालुओं से अभद्रता की और पंडाल में लगे भगवा ध्वज को नोचकर नाली में फेंक दिया। 

महिलाओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना दुर्गा पूजा के शांतिपूर्ण उत्सव में बाधा डालने का एक स्पष्ट उदाहरण है। हिंदू संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की और आरोपितों को कड़ी सजा देने की माँग की। पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

गोंडा में दुर्गा पूजा के दौरान पथराव

गोंडा के मसकनवा बाजार इलाके में बुधवार (9 अक्टूबर, 2024) को दुर्गा पूजा पंडाल में मूर्ति स्थापित करने के बाद देवी की आँखों पर से पट्टी हटाई गई थी। इस मूर्ति की स्थापना बीते कई सालों से की जाती है। इस मौके पर यहाँ बड़ी संख्या में हिन्दू इकट्ठा थे।

पूजा अर्चना के बाद कुछ हिन्दू बच्चे इस पंडाल के बाहर पटाखे फोड़ने लगे। पटाखों की आवाज सुन कर पास में रहने वाले मुस्लिम भड़क गए। मुस्लिम परिवार के लोग बाहर निकल कर हिन्दुओं को गालियाँ देने लगे और हमलावर हो गए। उन्होंने पहले हिन्दुओं पर पथराव किया और फिर लाठी डंडों से हमला कर दिया।

इस हमले में मुन्ना, सुल्तान और असलम तथा बाकी लोगों के मुस्लिम परिवार शामिल थे। मुस्लिमों की इस पत्थरबाजी में लगभग 10-12 हिन्दू गंभीर रूप से घायल हो गए। मुस्लिमों को जब हिन्दुओं ने शांत करने की कोशिश की तो वह और उग्र हो गए तथा आसपास से बाकी मुस्लिमों को भी बुलाया।

कोलकाता में माइक की आवाज पर विवाद

कोलकाता में एक दुर्गा पूजा पंडाल में मुस्लिमों ने माइक की आवाज को लेकर विवाद खड़ा किया। अजान के दौरान माइक की आवाज को बंद करने की माँग करते हुए इस्लामी कट्टरपंथियों ने पूजा समारोह को बाधित किया। आयोजकों ने उसकी बात मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हंगामा शुरू कर दिया।

शिकायत में कहा गया है कि 11 अक्तूबर की सुबह न्यू बंगाल स्पोर्टिंग क्लब द्वारा जब अष्टमी और नवमी के अनुष्ठान किए जा रहा था, तब आज दोपहर 1.13 बजे लगभग 50-60 उपद्रवी लोग आए और उन्होंने पूजा को रोकने को कहा और पूजा को भंग करने का प्रयास किया। उन्होंने धमकी दी कि अगर पूजा नहीं रोकी गई तो वो मां दुर्गा की प्रतिमा को तोड़ देंगे। इस दौरान उन्होंने धक्का-मुक्की की और हमारी महिला सदस्यों के खिलाफ गलत शब्दों का भी इस्तेमाल किया।

कुशीनगर में दुर्गा मूर्ति पर पथराव

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक और गंभीर घटना सामने आई, जब दुर्गा पूजा के दौरान मुस्लिम कट्टरपंथियों ने मूर्ति पर पथराव किया। इस घटना में 10 से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए आरोपितों को गिरफ्तार किया और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। हिंदू समुदाय ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

करीमगंज में मजहबी हिंसा

असम के करीमगंज में दुर्गा पूजा के दौरान मजहबी हिंसा भड़क उठी। इस्लामी कट्टरपंथियों ने पूजा स्थल पर पथराव किया, जिसके बाद दोनों समुदायों के बीच झड़पें शुरू हो गईं। पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया और स्थिति को काबू में लाया। पुलिस ने इस मामले में सहाबुल अहमद (21 साल), अब्दुल अहद (18 साल) और एक नाबालिग को भी गिरफ्तार किया है।

गढ़वा में पत्थरबाजी

झारखंड के गढ़वा में माँ दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन जुलूस को मुस्लिम समुदाय द्वारा रोके जाने पर मजहबी तनाव फैल गया। यहाँ 2 अलग-अलग घटनाओं में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। हिन्दू पक्ष जिस रास्ते से जुलूस निकालना चाह रहा था, उस पर मुस्लिम समुदाय ने ऐतराज जताया। यहाँ रविवार (13 अक्टूबर) को हिन्दू समुदाय के लोग हर वर्ष की तरह प्रतिमा लेकर विसर्जन के लिए निकले थे। रास्ते में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने प्रतिबंधित रास्ता बताकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद यात्रा पर पथराव भी हुआ।

त्रिपुरा में दुर्गा पूजा से पहले ही हिंसा

रविवार (9 अक्टूबर, 2024) को त्रिपुरा में मजहबी हिंसा हुई। यहाँ इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने हिन्दुओं के घरों और दुकानों पर हमला किया। इस दौरान फायरिंग भी हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं। हमलावरों ने हिंसा रोकने पहुँची पुलिस को भी निशाना बनाया। हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए हैं। यहाँ रविवार को दुर्गापूजा के लिए हिन्दू समुदाय के कुछ लोग सड़क पर चंदा माँग रहे थे।

इसी दौरान एक मुस्लिम ड्राइवर से उनकी बहस हो गई, जो बाद में बड़े विवाद में बदल गई। थोड़ी देर में ड्राइवर के समर्थन में आसपास के इलाकों से इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ के हाथों में लाठी-डंडे और अन्य हथियार थे। उन्होंने न केवल चंदा माँग रहे हिन्दुओं पर हमला किया, बल्कि आसपास के निवासियों पर भी हमला कर दिया।

यह जानकारी उन्हीं घटनाओं की है, जो मीडिया में सामने आई हैं या जिनकी जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हुई। बढ़ते इस्लामी कट्टरपंथ को देखते हुए कहा जा सकता है कि कई घटनाएँ संभवतः बाकी शोर शराबे में दब गई होंगी।

 

अब्दुल+मुस्लिम गैंग ने रामगोपाल मिश्रा को तलवारों से काटा, गोली मारी: माँ दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान बहराइच में हत्या, CM योगी के सख्त आदेश

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में माँ दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान रविवार (13 अक्टूवर 2024) को हिंसा भड़क उठी। इस हिंसा में मुस्लिम पक्ष द्वारा विसर्जन जुलूस में शामिल हिंदू श्रद्धालुओं पर पत्थर और गोलियाँ बरसाई गईं। जिस मकान से गोलियाँ चलाई गईं हैं, वह सलमान का है। गोली लगने से 22 वर्षीय रामगोपाल मिश्रा की मौत हो गई है।

रामगोपाल मिश्रा हत्याकांड में मुस्लिम समुदाय के 6 लोग नामजद किए गए हैं। हिंदू युवक की हत्या के बाद जिले के कई हिस्सों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई है। थोड़े समय के लिए प्रतिमाओं का विसर्जन भी रुका रहा। CM योगी आदित्यनाथ ने मामले में कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

यह घटना बहराइच जिले के थानाक्षेत्र हरदी की है। रविवार को यहाँ हरिमिलन मिश्रा ने पुलिस में तहरीर दी। तहरीर में हरिमिलन ने बताया कि घटना के दिन उनका भाई रामगोपाल मूर्ति विसर्जन देखने महराजगंज बाजार गया था। इसी जगह अब्दुल हमीद, सरफराज, फहीम और साहिर खान सहित 4 अन्य अज्ञात लोग बैठे थे। इन सभी ने रामगोपाल को घर के अंदर खींच लिया। यहाँ रामगोपाल को तलवारों से काटा गया और बाद में गोली मार दी गई।

इस हमले की वजह से रामगोपाल की मौके पर ही मौत हो गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपितों को उन्होंने खुद, उनके भाई राजन और एक अन्य युवक किशन ने पहचाना है। हरिमिलन मिश्रा ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने इस मामले में अब्दुल हमीद, सरफराज, फहीम, साहिर खान, ननकऊ और मारूफ अली को नामजद करते हुए 4 अन्य अज्ञात आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

इन आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191 (2), 191 (3), 190 और 103 (2) के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। बहराइच की पुलिस अधीक्षक IPS वृंदा शुक्ला ने बताया कि जिस घर से गोली चलाई गई है, उसके मालिक का नाम सलमान है। इस घटना में फिलहाल 16 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

हत्या के बाद आगजनी और तोड़फोड़

रामगोपाल मिश्रा की हत्या की खबर मिलते ही जिले में साम्प्रदायिक तनाव फैल गया। कुछ जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की गई है। पुलिस ने बल प्रयोग कर के भीड़ को तितर-बितर किया है। मृतक का शव लेकर लोगों ने जाम लगाया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।

बहराइच की पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने बताया कि घटना के बाद उत्पात करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। इन सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ऑपइंडिया के पास पुलिस द्वारा बल प्रयोग के वीडियो मौजूद हैं।

पुलिस की मौजूदगी में हुई हत्या?

रामगोपाल मिश्रा की हत्या जिस जुलूस में हुई, उसके साथ पुलिस बल चल रहा था। जिस महराजगंज इलाके में यह विवाद हुआ, वह मुस्लिम बहुल बताया जाता है। हिंसा का वह वीडियो भी ऑपइंडिया के पास है, जिसमें पुलिस भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश कर रही है।

एक अन्य वीडियो में अन्य श्रद्धालु रामगोपाल का शव लेकर अस्पताल भागते दिखाई दे रहे है। विसर्जन जुलूस में शामिल एक बुजुर्ग ने बताया कि पुलिस ने उन पर लाठियाँ बरसाईं हैं। फ़िलहाल हरदी के SHO और महसी चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया है।

CM योगी की तरफ से सख्त एक्शन के आदेश

इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान आया है। उन्होंने उपद्रवियों से सख्ती से निबटने के निर्देश दिए हैं। हिंसा के बाद तनाव को देखते हुए प्रतिमाओं का विसर्जन कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।

इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी धर्मगुरुओं से बातचीत कर के प्रतिमाओं का विसर्जन सकुशल सम्पन्न करवाएँ। बहराइच की पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने भी बताया कि कुछ समय के व्यवधान के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन सही सलामत सम्पन्न करवाया गया।