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अनुपम कुमार सिंह

भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

पाक के नए हथियार बन रहे हैं भस्मासुर राहुल और कॉन्ग्रेस की राजनीति

जब भी कर्ण युद्धक्षेत्र में कोई बहादुरी का कार्य करता- उसका सारथी शल्य कुछ बेतुकी बातें कर उसका मनोबल तोड़ने की कोशिश करता। राहुल गाँधी आज बिना सबूत रक्षा सौदों पर छींटाकशी कर शत्रु का काम आसान कर रहे हैं और देश का मनोबल तोड़ रहे हैं।

शाह का चक्रव्यूह: ‘एयर स्ट्राइक’ का सबूत माँग-माँग कर BJP के पिच पर खेल रहा विपक्ष

शाह ने एक ऐसा चक्रव्यूह रचा है, जिसमें उन्हें पता होता है कि विपक्षी नेता किस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने वाले हैं। उनकी पार्टी तैयार रहती है। वे 'सबूत-सबूत' चिल्लाते रहते हैं, शाह संगठन मज़बूत करने में लगे रहते हैं और एजेंडा सेट करते हैं।

एंटोनी साहब, आपने राष्ट्रहित नहीं, ‘कॉन्ग्रेस-हित’ के कारण राफेल सौदे में देरी की

एके एंटोनी ने कहा है कि उन्होंने राष्ट्रहित में राफेल सौदे में देरी की। राहुल गाँधी कहते रहे हैं कि मोदी ने डील बदल दी। जब डील में देरी हो गई और डील अधूरी ही थी तो हंगामा कैसा? इन्ही एंटोनी ने 2014 में राफेल की देरी के पीछे वित्त की कमी का हवाला दिया था।

‘The Print’ को पीयूष गोयल से दिक्कत है क्योंकि वो जनता के लिए अफसरों की नहीं सुनते

गोयल ने अधिकारियों की आपत्ति को दरकिनार करते हुए जीएसटी दर को कम करने का प्रस्ताव किया। अधिकारियों ने जीएसटी रेट कम नहीं करने की सलाह दी, लेकिन फिर भी उन्होंने ऐसा किया। 'द प्रिंट' को इस से धक्का लगा है।

निखिल वागले की दुनिया में इंदिरा ‘कार्टून प्रेमी’, लगा डिजिटल लप्पड़, आए होश में

वागले ने इंदिरा गाँधी को कार्टून-प्रेमी साबित करने की कोशिश की। इसके बाद उन्हें याद दिलाया गया कि आपातकाल के दौरान महान कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण को हताश होकर देश छोड़ना पड़ा था। इंदिरा ने उन्हें चेतावनी दी थी।

हम 2, हमारे 3: जैन समुदाय जनसंख्या वृद्धि वाले संकल्प की पड़ताल

एक शिक्षित समुदाय के बीच इस तरह का चलन शोभा नहीं देता। अगर आँकड़ों की बात करें तो पता चलता है कि पिछले एक दशक में जैन समुदाय की जनसंख्या में 50% की वृद्धि आई है। ऐसे में जैन समिति के बीच इस तरह की बेचैनी का कोई कारण नहीं बनता।

अमेठी राइफल फैक्ट्री: राहुल गाँधी का महाझूठ, देशी कट्टे और AK-47 के बीच अंतर भूले

राहुल को आयुध फैक्ट्री और राइफल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के बीच का अंतर नहीं पता। राहुल को यह भी नहीं पता कि शिलान्यास और उद्घाटन में क्या फ़र्क़ होता है। कैग ने यूपीए कार्यकाल के दौरान ही सरकार के ढुलमुल रवैये पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया था।

तो इमरान ‘तालिबान’ टेरेसा को POP (Pak Occupied Patrakar) कब देंगे नोबल शांति पुरस्कार?

जब इनकी दुकान बंद होने को आती है, इन्हे लालू यादव जैसे भ्रष्टाचारियों में भी नायक दिखने लगता है। इन खलनायकों को अब एक नया नायक मिल गया है। चूँकि अब इन्हे देश के अंदर कोई नायक नहीं मिल रहा, इन्होनें पाकिस्तान का रुख किया है।